ताज़ा खबर
 

1.5 महीने में दूसरी बार केजरीवाल ने केंद्र का किया समर्थन, नए ट्रैफिक रूल को बताया बेहतर पर गडकरी ने उनकी योजना को नकारा

अगले साल जनवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल का यह सियासी दांव हो सकता है।

Author नई दिल्ली | Updated: September 13, 2019 5:00 PM
अरविंद केजरीवाल।(Photo-PTI)

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने डेढ़ महीने के अंदर दूसरी बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कदम का समर्थन किया है। जब भाजपा शासित कई राज्य नए ट्रैफिक रूल्स का विरोध कर उसके जुर्माने में कटौती का अनुरोध कर रहैं हैं तो इस बीच केजरीवाल ने उसकी सराहना की है। शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में केजरीवाल ने कहा, “जब से नए मोटर वाहन अधिनियम को लागू किया गया है, दिल्ली के यातायात में सुधार हुआ है।”

उन्होंने घोषणा की कि नवंबर में एक बार फिर से प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली में ऑड-ईवेन योजना लागू की जाएगी। हालांकि, सीएम केजरीवाल ने ये भी कहा कि अगर लोगों को कठिनाई हो रही है तो उनकी सरकार के पास जुर्माना कम करने की शक्ति है। उन्होंने कहा, “यदि कोई समस्या है, जिसके कारण लोगों को अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और हमारे पास जुर्माना कम करने की शक्ति है, तो हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे।”

उधर, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केजरीवाल की योजना को नकारते हुए कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण बाहरी रिंग रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल से कम हुआ है। उन्होंने कहा कि उससे ही दिल्ली की सड़कों पर व्यावसायिक वाहनों का दबाव कम हुआ है।

नए ट्रैफिक रूल्स में जुर्माने की राशि पर कई राज्य विरोध कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश भाजपा शासित राज्य हैं, जबकि हर बात पर भाजपा की आलोचना करने वाले केजरीवाल तारीफ कर रहे हैं। बता दें कि पिछले महीने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने का भी केजरीवाल ने समर्थन किया था।

अगले साल जनवरी में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल का यह सियासी दांव हो सकता है। आप किसी भी ऐसे विवादित मुद्दे पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। ताकि उसे भाजपा सियासी रणनीति में पीछे न धकेल दे। 370 पर सरकार के रुख का समर्थन कर केजरीवाल ने बीजेपी द्वारा होने वाली आलोचना से खुद को बचाते हुए अपनी छवि राष्ट्रवादी वाली करने की कोशिश की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 खो दिया है स्मार्टफोन? अब खोजने में सरकार करेगी सहायता, ला रही है खास वेबसाइट
2 श्रीनगर के कुछ इलाकों में फिर लगीं नई पाबंदियां, 40वें दिन भी बंद रहे स्कूल
3 सरकार ने 312 विदेश सिख नागरिकों का नाम ब्लैक लिस्ट से हटाया, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का था शक