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“देश छोड़ने से पहले पीएम से मिले थे नीरव, एफएम से माल्‍या, आखिर बात क्‍या है?” केजरीवाल का हमला

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विजय माल्या के सेटलमेंट के दावे को झूठा करार दिया है लेकिन उन्होंने इस बात को कबूल किया है कि वो संसद में विजय माल्या से मिले थे।

बैंकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार चल रहे उद्योगपति विजय माल्या के बयान पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है। एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट कर केजरीवाल ने इसे झकझोरने वाला वाकया बताया है। केजरीवाल ने लिखा, “देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी प्रधानमंत्री से मिलते हैं। वित्त मंत्री से विजय माल्या मिलते हैं. आखिर इन मुलाकातों में क्या बात हुई? देश यह जानना चाहता है।” दूसरे ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा, “वित्त मंत्री बताएं कि आखिर उन्होंने अबतक इस जानकारी को क्यों छुपा कर रखा था।” इस खुलासे के बाद राजनीति तेज हो गई है। साथ ही यह सवाल भी खड़े होने लगे हैं कि क्या सचमुच मोदी सरकार ने विजय माल्या को विदेश भागने में मदद की थी? सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अगर माल्या केस खत्म कराना चाहता था तो उसे किसने रोका था?

बता दें कि लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत में आज (12 सितंबर) सुनवाई पर आए विजय माल्या ने कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा कि भारत छोड़ने से पहले उन्होंने मामला सलटाने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। इधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विजय माल्या के सेटलमेंट के दावे को झूठा करार दिया है लेकिन उन्होंने इस बात को कबूल किया है कि वो संसद में विजय माल्या से मिले थे। जेटली ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि एक सांसद होने के नाते संसद परिसर में उससे मुलाकात की थी। जेटली ने यह भी साफ किया कि साल 2014 के बाद उन्होंने कभी भी माल्या से मुलाकात नहीं की और न ही कभी मीटिंग की अप्वायंटमेंट दी।

जेटली ने कहा, “चूंकि वह भी राज्य सभा सदस्य थे, इसलिए कभी-कभार वह संसद की कार्यवाही में शामिल होने आते थे। उन्होंने एक बार विशेषाधिकारों का हनन करते हुए मुझसे संसद के गलियारों में मुलाकात की थी, जब मैं अपने कमरे में जा रहा था। उसी दौरान चलते-चलते माल्या ने एक वाक्य कहा था कि वह सेटलमेंट करना चाहते हैं। उनकी पुरानी गफलतों को जानते हुए मैंने तब कहा था कि मुझसे बात करने का कोई मतलब ही नहीं बनता है। उन्हें बैंकर्स से बात करनी चाहिए। इसके बाद मैंने उसके हाथों मे रखी वह पेपर भी नहीं लिए।” जेटली ने कहा कि इस मुलाकात के अलावा कभी भी माल्या से कोई मुलाकात नहीं हुई। माल्या के प्रत्यर्पण पर अब 10 दिसंबर को वेस्टमिंस्टर कोर्ट फैसला सुनाएगा।

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