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केजरीवाल ने दी सफाई- मैंने नहीं की पहल, लालू ने ही मुझे खींचकर गले लगाया

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के गले लगकर किरकिरी झेल रहे दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है क‍ि वे अब भी भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ हैं।

Author नई दिल्‍ली | Updated: November 23, 2015 3:34 PM
20 नवंबर को नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में अरविंद केजरीवाल और लालू यादव इस तरह गले मिलते दिखाई दिए थे।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के गले लगकर किरकिरी झेल रहे दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सफाई दी है। केजरीवाल ने अपनी भ्रष्‍टाचार विरोधी इमेज का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने लालू से गले मिलने की पहल नहीं की। लालू ने ही उन्‍हें खींचा और गले लगाया। बता दें कि 20 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में चारा घोटाले में सजा पा चुके लालू से गले मिलती फोटो सामने आने के बाद केजरीवाल की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई थी। इसके अलावा, कई राजनीतिक पार्टियों ने भी उन पर निशाना साधा था। केजरीवाल खुद भी लालू की आलोचना कर चुके हैं। अक्‍टूबर 2013 में केजरीवाल ने ट्वीट किया था, “लालू ने चारा घोटाले में करोड़ों कमाए। लेकिन उस रकम की रिकवरी के लिए कोई आदेश नहीं दिया गया। सिर्फ 25 लाख का जुर्माना और कुछ साल की सजा एक स्‍वीट डील (अच्छा सौदा) है।

केजरीवाल ने आप के नेशनल काउंसिल मीट के दौरान सोमवार को कहा,” मैं राष्‍ट्रपति भवन जाता हूं। सभी पार्टी के नेता वहां आते हैं। वे हमसे मिलते हैं। नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में लालू स्‍टेज पर थे। उन्‍होंने हाथ मिलाया। इसके बाद, उन्‍होंने मुझे खींचा और गले लगाया। उन्‍होंने मेरा हाथ पकड़ा और ऊपर उठाया। इससे सवाल उठे हैं। हमने कोई गठबंधन नहीं किया है। हम भ्रष्‍टाचार के खिलाफ रहे हैं और आगे भी विरोध करते रहेंगे। केजरीवाल के मुताबिक, बिहार चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने ‘बीजेपी के खिलाफ’ काम किया और बतौर सीएम कैंडिडेट नीतीश कुमार का समर्थन किया। केजरीवाल ने नीतीश को ‘अच्‍छा काम करने वाला’ शख्‍स करार दिया।

और क्‍या कहा केजरीवाल ने: केजरीवाल ने कहा कि वे राजनीति में परिवारवाद के खिलाफ हैं और लालू के दो बेटों के मंत्री बनने के भी खिलाफ हैं। केजरीवाल ने कहा, ”मुझे खुशी है कि सवाल पूछे जा रहे हैं। सवाल इसलिए ही पूछे जा रहे हैं क्‍योंकि लोगों को उम्‍मीदें हैं। उन्‍हें ऐसा लगता है कि हम अलग हैं। जब दूसरे नेता लालूजी को गले लगाते हैं तो सवाल नहीं उठते। यह हमारे लिए अच्‍छा है।”

विरोधियों ने साधा था निशाना: आप से निकाले जा चुके योगेंद्र यादव ने लालू और केजरीवाल के गले मिलने को शर्मनाक घटना करार दिया था। बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने भी कहा था कि केजरीवाल ने उस विचारधारा को गले लगाया, जिसका वे विरोध करते रहे।

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