राजधानी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके के चंदन पार्क में हुई चार लोगों की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। एक कमरे में रहने वाली 32 साल की अनीता और उसकी तीन छोटी बेटियों अनुष्का (5), मुस्कान (4) और पल्लवी (3) की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद से अनीता का पति, 34 वर्षीय मुनचुन केवट, लापता है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसे पकड़ने के लिए छह टीमें बनाई हैं।

बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे मुनचुन का 10 साल का भतीजा अंकित चंदन पार्क की गली नंबर-3 स्थित उनके कमरे पर पहुंचा। जैसे ही उसने दरवाजा खोला, अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे में उसकी चाची और तीनों छोटी बहनें खून से लथपथ पड़ी थीं। बच्चा घबराकर बाहर भागा और शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़कर आए और पुलिस को खबर दी।

कुछ ही देर में समयपुर बादली थाना पुलिस, क्राइम टीम और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंच गई। कमरे को सील कर साक्ष्य जुटाए गए। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भेज दिया गया है।

रात में हुई वारदात, सुबह खुला राज

पुलिस की शुरुआती जांच से अंदाजा है कि हत्या रात में की गई। चारों की गर्दन किसी धारदार हथियार से रेती गई थी। कमरे में जबरन घुसने के कोई साफ निशान नहीं मिले, जिससे शक घर के ही किसी व्यक्ति पर जाता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि वारदात के बाद मुनचुन केवट कहां गया? पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही असली वजह सामने आएगी। फिलहाल शक की सुई उसी पर है क्योंकि घटना के बाद से वह फरार है।

बिहार से दिल्ली तक की कहानी

अनीता मूल रूप से गया (बिहार) की रहने वाली थी, जबकि उसका पति मुनचुन केवट पटना का निवासी है। दोनों कुछ समय से दिल्ली के चंदन पार्क इलाके में किराए के कमरे में रह रहे थे। मुनचुन के तीन भाई भी अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं और आजादपुर मंडी में काम करते हैं। परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं था। पड़ोसियों के मुताबिक, वे साधारण जिंदगी जी रहे थे। बच्चों की हंसी अक्सर गली में सुनाई देती थी। किसी ने नहीं सोचा था कि उसी कमरे में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।

पड़ोसियों के मन में कई सवाल

घटना के बाद से गली में सन्नाटा पसरा है। लोग डरे हुए भी हैं और दुखी भी। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था, लेकिन बच्चों को खेलते हुए देखा जाता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर क्या चल रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि दंपती के बीच कभी-कभी कहासुनी होती थी, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस ने अभी नहीं की है। जांच अधिकारी साफ कह रहे हैं कि फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

छह राज्यों में तलाश, कई ठिकानों पर छापेमारी

बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मुनचुन के रिश्तेदारों और जानकारों से भी पूछताछ की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सीमावर्ती इलाकों में भी नजर रखी जा रही है, ताकि वह शहर से बाहर न निकल सके या कहीं छिप न पाए। पुलिस का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट से मौत का सही समय और हमले की बारीकियां सामने आएंगी। इससे यह भी साफ होगा कि वारदात कितने समय में अंजाम दी गई और क्या किसी ने बचने की कोशिश की थी।

बच्चियों की पांच, चार और तीन साल की उम्र थी

तीन छोटी बच्चियों की हत्या ने लोगों को सबसे ज्यादा दुखी किया है। पांच, चार और तीन साल की उम्र — यह वह समय होता है जब बच्चे स्कूल की शुरुआत करते हैं, खेलते हैं, हंसते हैं। लेकिन इन मासूमों की जिंदगी अचानक खत्म हो गई। इलाके के लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ हत्या नहीं, इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना है। कई सामाजिक संगठनों ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस किसी भी संभावित वजह पर खुलकर कुछ नहीं कह रही है। घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी या कोई और कारण — इन सब पर जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही सच सामने आएगा।

शहर में फिर उठे सुरक्षा के सवाल

दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि घर के भीतर होने वाली हिंसा को कैसे रोका जाए। पड़ोस में रहने वाले लोग अक्सर घर के अंदर की बातों से अनजान रहते हैं, और कई बार छोटी-छोटी बातें बड़ी त्रासदी में बदल जाती हैं।

पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। परिवार के रिश्तेदार बिहार से दिल्ली पहुंच रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चंदन पार्क की गली नंबर-3 में अब सन्नाटा है। जिस कमरे से कभी बच्चों की आवाजें आती थीं, वहां अब पुलिस की सील लगी है। एक मां और तीन बेटियों की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं — और इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से ही मिलेंगे।

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