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‘मरकज थी एक बड़ी साजिश, सरकार कराए जांच’, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष की मांग बोले- तब्लीगी जमात को बैन किया जाए

Tablighi Jamaat: इससे पहले भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि तब्लीगी जमात ने जो किया है वह तालिबानी गुनाह है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Published on: April 2, 2020 4:20 PM
दिल्ली BJP चीफ मनोज तिवारी। (file photo)

दिल्ली के निजामुद्दीन में मुस्लिमों के धार्मिक कार्यक्रम में विदेशियों के जुटने के खुलासे के बाद अब देशभर में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में तब्लीगी जमात संगठन से जुड़े कई लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। दरअसल, दिल्ली के निजामुद्दीन में इस संगठन ने 13-15 मार्च तक एक कार्यक्रम ‘मरकज’ का आयोजन किया था। आरोप है कि इसमें शामिल लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में संक्रमण फैलाया है। इस मामले के उठने के बाद अब दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने तब्लीगी जमात संगठन को बैन करने की मांग कर दी है।

मनोज तिवारी ने कहा, “ये तो एक ऐसी बीमारी है जो इंसान की शत्रु है। इसके बावजूद बिना परमिशन के यह मजलिस करना। उसमें लोगों का संक्रमित होना यह ऐसी घटना हुई है, जिसकी जांच होनी चाहिए। मैं यह बात कहना चाहता हूं कि मुझे इसमें बड़ी साजिश लग रही है। यह सामान्य घटना नहीं है। इसकी तह में जाना चाहिए। जो लोग आए हैं उनकी ट्रैकिंग होने के साथ वे लोग कहां से आए हैं, उनका मोटिव क्या था। मुझे ऐसा शक हो रहा है कि यह जानबूझकर हो रहा है।”

जहां सरकारें अब मरकज में शामिल होने वाले लोगों को आगे आकर खुद क्वारैंटाइन में चलने की अपील कर रही हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे तालिबानी अपराध बता दिया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नकवी ने बुधवार को कहा था, “तब्लीगी जमात ने जो किया है वह तालिबानी अपराध है। इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कई लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी है। ऐसे लोगों और संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, जो सरकार के आदेशों को नहीं मानते।”

दिल्ली में आयोजित तब्लीगी जमात की धार्मिक सभा शामिल कई लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। 2000 लोगों को क्वारैंटाइन में रखा गया है। मौलाना साद और व जमात के अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एपिडमिक एक्ट 1897 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इन लोगों के खिलाफ सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से एफआईआर दर्ज की गई है।

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मरकज के मौलाना साद की कोई खोज खबर नहीं है। पुलिस ने उसे 28 मार्च को नोटिस भेजा था। बताया गया है कि मौलाना साद मुज्जफरपुर का रहने वाला था और उसकी खोज जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलाना साद गुरुवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है।

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