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आम आदमी पार्टी में घमासान के बाद विधानसभा की कार्यवाही से हटा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र

तीन दिन पहले विधानसभा में आम आदमी पार्टी की तरफ से एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने का जिक्र था। सोमवार को दिल्ली विधानसभा ने कार्यवाही का एक बुलेटिन जारी करके विवादित पैराग्राफ को प्रस्ताव से हटा दिया।

Author Updated: December 25, 2018 11:04 AM
दिल्ली विधानसभा में पेश प्रस्ताव में राजीव गांधी का नाम आने से केजरीवाल की काफी फजीहत हुई है. (फोटो सोर्स: पीटीआई)

1984 सिख विरोधी दंगा मामले में दिल्ली विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संबंध में विवादत अंश को कार्यवाही से हटा दिया गया है। दरअसल, तीन दिन पहले विधानसभा में आम आदमी पार्टी की तरफ से एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने का जिक्र था। सोमवार को दिल्ली विधानसभा ने कार्यवाही का एक बुलेटिन जारी करके विवादित पैराग्राफ को प्रस्ताव से हटा दिया।

प्रस्ताव से विवादित पैराग्राफ विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल ने रूल संख्या 291 और 293 के तहत हटाया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) में ही घमासान देखने को मिला। हालांकि, बाद में AAP की तरफ से कहा गया कि हाथ से लिखे प्रस्ताव के मूल प्रति में राजीव गांधी का जिक्र नहीं था। सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव से विवादित हिस्सा हटाने के पीछे कांग्रेस और AAP की आपसी बातचीत भी बड़ा कारण है। 2019 लोकसभा चुनाव के संबंध में AAP और कांग्रेस के बीच एक समझौते पर पहुंचने की कवायद चल रही है। लेकिन, सिख विरोधी दंगों पर प्रस्ताव और उसमें राजीव गांधी का जिक्र केजरीवाल को सांसत में डाल दिया है।

हालांकि, विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल का कहना है कि प्रस्ताव से संबंधित बुलेटिन में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “बुलेटिन उस दिन (21 दिंसबर) जारी नहीं किया गया था। क्योंकि, कार्यवाही के खत्म होने तक काफी काफी देरी हो चुकी थी। लिहाजा, विधानसभा सचिवालय ने इसे बाद में तैयार किया। जिस पर सोमवार की सुबह मैंने हस्ताक्षर किया।” वहीं एक सूत्र ने बताया कि “यह सही है कि स्पीकर अक्सर बुलेटिन जारी करने से पहले उसका निरीक्षण नहीं करते। लेकिन, इस मामले में विवाद गहराने के बाद उन्हें इंतजार के दायरे में रखा गया।”

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