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Delhi Assembly Polls 2020: एनसीआर में रह रहे दिल्ली के मतदाताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती

Delhi Assembly Polls 2020: नोएडा और गाजियाबाद के ऐसे मतदाताओं ने बताया कि दिल्ली की पहचान वे कतई खोना नहीं चाहते हैं।

नोएडा के सेक्टर-39 में छह साल से रह रहे नवनीत यादव का दिल्ली के यमुना विहार सी ब्लाक में पुराना मकान है।

Delhi Assembly Polls 2020: उत्तर प्रदेश के दो महानगरों नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो दिल्ली के मूल निवासी या जिनका घर या कारोबार अभी भी दिल्ली में है लेकिन रहते यहां है। इन लोगों का मतदाता पहचान पत्र दिल्ली का बना है, यानी वे दिल्ली के मतदाता हैं लेकिन उत्तर प्रदेश या हरियाणा के सीमावर्ती शहरों में रह रहे हैं। दिल्ली के चुनावी समर में उतरे नेताओं के लिए इन मतदाताओं तक अपनी पकड़ बनाना चुनौती साबित होगी। संख्या के लिहाज से ऐसे मतदाता काफी ज्यादा होने से राजनीतिक दलों के रणनीतिकार इन तक पकड़ बनाने में लगे हैं।

नोएडा और गाजियाबाद के ऐसे मतदाताओं ने बताया कि दिल्ली की पहचान वे कतई खोना नहीं चाहते हैं। दिल्ली निवासी होने के फायदे और तमाम पुराने दस्तावेज उसी पते पर बने होने के कारण वे दूसरी जगह का पहचान पत्र बनवाने के तैयार नहीं हैं। नोएडा के सेक्टर-39 में छह साल से रह रहे नवनीत यादव का दिल्ली के यमुना विहार सी ब्लाक में पुराना मकान है। इसी मकान पर उनका मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, बैंक खाता समेत कई पुराने दस्तावेज बने हैं। परिवार में उनके समेत पांच मतदाता हैं।

नोएडा में रहने के बावजूद नवनीत आज भी दिल्ली का मतदाता होने पर फख्र करते हैं। दस्तावेजों के अलावा दिल्ली निवासी होने के तमाम फायदों के कारण वे मतदाता पहचान पत्र में बदलाव कराने को तैयार नहीं हैं। इसी तरह सेक्टर- 5 हरौला में रह रहे सतवीर निर्वाण का दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में मकान है। उनका पहचान पत्र, मोटर साइकिल व कार का पंजीकरण कल्याणपुरी के पते पर है। चार साल पहले वे अपने परिवार को लेकर हरौला शिफ्ट हो गए थे। सतवीर मानते हैं कि नोएडा में रहने से दिल्ली के राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए उनके परिवार तक पहुंच बनाने में मुश्किल पेश आएंगी। लेकिन दिल्ली में वाहन खरीद में रियायत, दिल्ली के नंबर वाले वाहन का अधिक मूल्य होना समेत तमाम ऐसे लाभ हैं, जो दिल्ली निवासी को मिलते हैं। यह बानगी अकेले इन लोगों की नहीं बल्कि हजारों से लाखों ऐसे मतदाताओं की हैं, जो मतदाता दिल्ली के हैं लेकिन एनसीआर में रह रहे हैं।

राजनीतिक जानकार मानते हैं सीमापुरी, बवाना, नरेला, अलीपुर, सीलमपुर, जाफराबाद, लोनी, सीमापुरी, यमुना विहार, करावल नगर, सोनिया विहार, मयूर विहार, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी समेत ऐसे तमाम इलाके हैं, जहां के रहने वाले अब एनसीआर में रह रहे हैं। इन लोगों तक पहुंच बनाने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सोशल मीडिया व मैसेज के जरिए संदेश पहुंचाने की रणनीति राजनीतिक सलाहकार बनाने में जुटे हैं। आप के गौतमबुद्धनगर अध्यक्ष भूपेंद्र जादौन, गौतमबुद्धनगर में रहने वाले दिल्ली के मतदाताओं तक पहुंच बनाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है। दिल्ली इकाई से ऐसे लोगों की सूचना मिलने पर यहां की इकाई जाकर प्रचार- प्रसार करेगी।

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