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Delhi Polls 2020: जमीनी प्रचार के लिए गुलजार है चुनाव निशानों का बाजार

राजनैतिक जानकारों का आकलन है कि दिल्ली चुनाव में इस बाजार से ही 50-80 करोड़ रुपए की प्रचार सामग्री की बिक्री हो जाएगी। दिल्ली का सदर बाजार देश भर में त्योहारी बाजार का सबसे बड़ा थोक केंद्र है।

Author नई दिल्ली | Updated: January 30, 2020 3:28 AM
चुनाव आयोग की सख्ती और कड़ी निगरानी के बावजूद दिल्ली का सदर बाजार ऐसे उत्पादों से गुलजार हो गया है। ऐसे उत्पादों की सैकड़ों दुकानों के बीच मांग बढ़ने पर हाल ही में करीब डेढ़ दर्जन नई दुकानें खुल गई हैं।

Delhi Polls 2020: सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में भी जमीनी प्रचार ही सबसे असरदार है। चुनाव निशान के झंडे, बिल्ले, टोपियां, टी-शर्ट के जरिए प्रचार आज भी सबसे सशक्त माना जा रहा है। चुनाव आयोग की सख्ती और कड़ी निगरानी के बावजूद दिल्ली का सदर बाजार ऐसे उत्पादों से गुलजार हो गया है। ऐसे उत्पादों की सैकड़ों दुकानों के बीच मांग बढ़ने पर हाल ही में करीब डेढ़ दर्जन नई दुकानें खुल गई हैं। जहां अपनी डिजाइन, रंग और क्वालिटी के आधार पर चुनावी सामग्री खरीदी या टेलर मेड ऑर्डर के आधार पर बुक कराए जा रहे हैं। मांग के अनुरूप महज 24 घंटे में नई डिजाइन तैयार कर देने का इस बाजार का इतिहास रहा है।

इस मर्तबा हाथ और दीवार की घड़ी भी कई राजनीतिक दल व प्रत्याशी छपवा रहे हैं। ठंड जारी रहने के कारण मफलर और साड़ियों की भी मांग भी बरकरार है। राजनैतिक जानकारों का आकलन है कि दिल्ली चुनाव में इस बाजार से ही 50-80 करोड़ रुपए की प्रचार सामग्री की बिक्री हो जाएगी। दिल्ली का सदर बाजार देश भर में त्योहारी बाजार का सबसे बड़ा थोक केंद्र है। यहां से पूरे भारत वर्ष में त्योहारी उत्पादों की थोक आपूूर्ति की जाती है। दशकों से यहां कारोबार करने वाले एक दुकानदार ने बताया कि एक दशक पहले और वर्तमान में चुनाव सामग्री की मांग में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि लागत बढ़ने की वजह से कीमत जरूर करीब पांच गुना तक बढ़ गई है लेकिन झंडे, टोपियां, मफलर, टी- शर्ट आदि की मांग लगातार बढ़ रही है। चुनाव प्रचार सामग्री के एक बड़े कारोबारी राकेश ने बताया कि करीब 10 साल पहले जो सामान दो रुपए का था, उसकी कीमत अब 10 रुपए हो गई है।

डेढ़ दर्जन नई दुकानें खुलीं
दक्षिण भारत की तर्ज पर पहली बार दिल्ली चुनाव में साड़ियों की मांग जरूर निकली है। राजनैतिक दलों के रंग वाली ऐसी साड़ियों का प्रयोग केवल रैलियां, जनसभा में होता है। कुछ नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को देने के लिए हाथ व दीवार की घड़ियों के जरिए भी प्रचार किया है। केवल पोस्टर, बिल्ले और बैनरों की संख्या में कुछ कमी जरूर आई है। मांग के बढ़ने के कारण सदर बाजार में राम रहीम मार्केट में चुनावी सामग्री बेचने वाली करीब डेढ़ दर्जन नई दुकानें हाल ही में खुल गई हैं। जबकि रुई मंडी, मैन सदर बाजार, गली मटके वाली के बाहर बरसों से ऐसे उत्पाद बेचने वाली दुकानें हैं।

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