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Delhi Assembly Elections 2020: सीधा संवाद सबसे असरदार

Delhi Assembly Elections 2020: लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से दिल्ली की सात सीटों को जीतने के लिए केंद्रीय नेतृत्व की गिनी-चुनी रैलियां हुई थीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली की थी। इस रैली के बाद से भाजपा के नेता विधानसभा क्षेत्रों में जाकर छोटी-छोटी सभाएं कर रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: January 29, 2020 1:17 AM
Delhi Polls: देश के गृह मंत्री अमित शाह व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा इन रैलियों में सीधा संवाद कर रहे हैं। दोनों ही बड़े नेता औसतन तीन से चार छोटी सभाएं या पद यात्राएं भी कर रहे हैं। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के साथ ही जलपान और भोजन भी कर रहे हैं।

पंकज रोहिला
Delhi Assembly Elections 2020: सोशल मीडिया-मोबाइल फोन के दौर में परंपरागत प्रचार के तरीके आज भी मतदाताओं के बीच सेंध लगा रहे हैं। आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस चुनाव प्रचार में यह एक समान चुनाव रणनीति सामने आ रही हैं। हालांकि, हाल में लोकसभा चुनाव व पड़ोसी राज्यों के चुनाव में पार्टी की रणनीति में बड़ी सभाएं थीं। जबकि सोशल मीडिया व वीडियो प्रचार के माध्यम का प्रयोग केवल युवाओं तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से दिल्ली की सात सीटों को जीतने के लिए केंद्रीय नेतृत्व की गिनी-चुनी रैलियां हुई थीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली की थी। इस रैली के बाद से भाजपा के नेता विधानसभा क्षेत्रों में जाकर छोटी-छोटी सभाएं कर रहे हैं। देश के गृह मंत्री अमित शाह व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा इन रैलियों में सीधा संवाद कर रहे हैं। दोनों ही बड़े नेता औसतन तीन से चार छोटी सभाएं या पद यात्राएं भी कर रहे हैं। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के साथ ही जलपान और भोजन भी कर रहे हैं।

दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर बताते हैं कि चुनाव प्रचार में करीब 12 हजार सभाएं करेंगे। इन सभाओं से भाजपा लगातार इस लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है। करीब 1500 सभा व पदयात्रा का अनुमान है और यह बढ़ेगा। दिल्ली में करीब 13 हजार बूथ है। भाजपा ‘बूथ जीता चुनाव जीता’ लक्ष्य से आगे बढ़ रही है। बूथ के आधार पर ही भाजपा ने यह चुनाव रणनीति लागू की है। इस आकलन पर ही भाजपा बहुमत का आकड़ा पाने का दावा कर रही है। छह दिन में पार्टी के प्रचार का देखें तो गृह मंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रमुख 23 रैलियां की हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी मैदान में उतारा गया है। इनमें भाजपा नेता जय राम ठाकुर, सुशील मोदी, विजय रूपाणी, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे नेता हैं।

रोड शो से जुड़ रहे हैं केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल शुरुआत से ही इस रणनीति पर काम कर रहे थे। इनकी शुरुआत छोटी- छोटी टाउन हॉल मीटिंग से हुई थी। यह खत्म करने के बाद अरविंद केजरीवाल इलाकों में रोड शो कर रहे हैं।

क्या कहते हैं प्रवक्ता
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर कहते हैं कि यह चुनाव भ्रम की राजनीति से दूर करने के लिए हो रहा है। भ्रम सीधे संवाद से टूटता है। लोग सवाल भी रख देते हैं। भ्रमजाल को तोड़ने के लिए यह पहल की है। छोटी सभाओं का लाभ यह है कि दिल्ली सरकार की बुराई के साथ-साथ नागरिकता संशोधन कानून भी समझा पा रहे हैं।

नेता साइकिल से जाते थे क्षेत्रों में
भाजपा के वरिष्ठ नेता  मल्होत्रा बताते हैं कि 1950 के दौर में दूर-दराज के इलाकों के लिए नेता साइकिल व मोटरसाइकिल से जाते थे। यह एक बड़ी बात होती थी। पंचायत में गांव के मुद्दों पर चर्चा करते थे। पांच रुपए में लाउडस्पीकर मिलता था और इलाके में दरिया बिछाकर सीधा संवाद होता था। इसकी कमी अब छोटी सभाएं पूर्ण कर रही है। यदि किसी पार्टी से कोई नाराज होता तो कहता था कि दोबारा आना तो वोट मिलेगा। यह इशारा था कि पांच साल में कोई भी नेता उनके क्षेत्र तक नहीं पहुंचा है।

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