दिल्ली चुनाव: आप को भारी बहुमत, भाजपा-कांग्रेस का सफाया

दिल्ली विधानसभा की सभी 70 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना होगी और इस संबंध में तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सभी नतीजे दिन में एक बजे तक आ जाने की उम्मीद है। मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप)के बीच माना जा रहा है। Live दिल्ली विधानसभा चुनाव:  दिल्ली […]

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यह सवाल इसलिए बड़ा है कि दिल्ली की सत्ता चलाने वालों में, खोजी खबरची रहे आशीष खेतान दूसरे नंबर के खिलाड़ी बन चुके हैं। (फाइल फ़ोटो-पीटीआई)

दिल्ली विधानसभा की सभी 70 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना होगी और इस संबंध में तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सभी नतीजे दिन में एक बजे तक आ जाने की उम्मीद है। मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप)के बीच माना जा रहा है।

Live दिल्ली विधानसभा चुनाव:  दिल्ली चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। मतगणना शहर के 14 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगी। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मतणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और दिन में एक बजे तक सभी नतीजे सामने आ जाने चाहिए। इस चुनाव में भाजपा को आप से कड़ी टक्कर मिलने की बात कही जा रही है।

मतदान के बाद आए सभी सर्वेक्षणों (एक्जिट पोल) में आप को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। एक एक्जिट पोल में तो आप को 70 सदस्यीय सदन में 53 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। भाजपा ने एक्जिट पोल को खारिज करते हुए विश्वास प्रकट किया है कि वह 16 साल बाद दिल्ली में सत्ता में लौटेगी। पार्टी ने रविवार को कहा था कि उसे 34-38 सीटें मिलेंगी। दिल्ली विधानसभा के लिए शनिवार को हुए चुनाव में रेकार्ड 67.14 फीसदी मतदान हुआ था। कुल 673 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। मतदान कुल 12,177 मतदान केंद्रों पर संपन्न हुआ।

इनमें से 714 मतदान केंद्रों को ‘संवेदनशील’ और 191 को ‘अतिसंवेदनशील’ के तौर पर चिन्हित किया गया था। दिल्ली में भाजपा बीते 16 साल से सत्ता से बाहर है। उसने चुनाव से ऐन पहले टीम अण्णा की सदस्य रहीं किरण बेदी को पार्टी में शामिल किया और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर एक बड़ा दांव खेला। कहा जा रहा है कि इस फैसले से पार्टी नेताओं के बीच मतभेद पैदा हुआ।

भाजपा की पूरी रणनीति यह रही कि अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाले आप के प्रचार अभियान का प्रभावी जवाब दिया जाए। उसकी पूरी कोशिश रही कि पिछले साल मई में लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली जीत और उसके बाद कई राज्यों में जीत के सिलसिले को दिल्ली में कायम रखा जाए। एक्जिट पोल की मानें तो दिल्ली में पहले ही तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी कांग्रेस की स्थिति और खराब होने वाली है।

उसे अधिकतम पांच सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। दिल्ली में लगातार 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस दिसंबर, 2013 के विधानसभा चुनाव में महज आठ सीटों पर सिमट गई थी। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 18 उम्मीदवार हैं, जबकि आंबेडकरनगर में सबसे कम चार उम्मीदवार हैं। इस चुनाव में कुल 63 महिला उम्मीदवार हैं, जबकि 2013 के चुनाव में 71 महिला उम्मीदवार थीं। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के 296 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं तो पंजीकृत पार्टियों के 183 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में कुल 194 निर्दलीय उम्मीदवार हैं।

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