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Delhi Election 2020: सीट बंटवारे को लेकर NDA में मची खींचतान, JDU और अकाली दल को मनाने में जुटी बीजेपी

Delhi Assembly Election 2020: भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया को बताया कि जदयू भी आकाली दल की तरह ही चार विधानसभा सीटों की मांग कर रही है। लेकिन अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। बिहार सरकार में सहयोगी होने की वजह से पार्टी जदयू को एक सीट दे सकती है।

गृहमंत्री अमित शाह के साथ बिहार सीएम नीतीश कुमार, फोटो सोर्स- ANI

Delhi Assembly Election 2020 : भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच दिल्ली विधानसभा सीट बंटवारे को लेकर रविवार देर रात बैठक हुई। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि नई दिल्ली विधानसभा सीट समेत शेष 13 सीटों पर उम्मीदवार के चयन लिए चर्चा की गई। बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि जद (यू) जिसने देश की राजधानी में पिछला विधानसभा और नगरपालिका चुनावों में स्वतंत्र रूप से लड़ी थी, इस बार दिल्ली में भाजपा के साथ चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। हालांकि अकाली दल के वरिष्ठ नेता ने मीडिया को बताया कि पार्टी 4 सीटों की मांग कर रही है जबकि बीजेपी तीन सीट देने को तैयार है।

जदयू को मिल सकती है एक सीट: भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया को बताया कि जदयू ने भी आकाली दल की तरह ही चार विधानसभा सीटों की मांग कर रही है। लेकिन एक अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। बिहार सरकार में सहयोगी होने की वजह से पार्टी जदयू को एक सीट दे सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब भाजपा दिल्ली में दो सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ेगी।

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पूर्वांचली को लुभाने में होगा फायदा: पार्टी के अन्य मीडिया सूत्रों ने बताया कि जद (यू) के साथ गठबंधन से भाजपा को पूर्वांचली समुदाय के मतदाताओं को लुभाने में मदद मिलेगी,  इन मतदाताओं को बीजेपी अपने ओर आकर्षित करने की पूरी कोशिश कर रही है। अनाधिकृत कॉलोनियों पर मालिकाना हक जताने के केंद्र के फैसले का उद्देश्य भी इस समुदाय के समर्थन को प्राप्त करना है क्योंकि पूर्वांचल का एक बड़ा हिस्सा इन कॉलोनियों में रहता है। 2015 के विधानसभा चुनावों में अनाधिकृत कॉलोनियों ने आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें उसने 70 में से 67 सीटें जीती थीं।

अकाली ने एक सीट दर्ज की थी जीत: बता दें कि बीजेपी ने बुराड़ी, नांगलोई जाट, दिल्ली छावनी, कस्तूरबा नगर, संगम विहार और सीमापुरी के लिए उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं की  है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पार्टी ने आकाली दल को चार निर्वाचन क्षेत्र – राजौरी गार्डन, हरि नगर, शाहदरा और कालकाजी देने का फैसला किया है। अकाली दल  2015 में चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत सिर्फ एक सीट पर दर्ज की थी।

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