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अनशन पर बैठे अन्‍ना हजारे बोले- अच्‍छा है कि अरविंद केजरीवाल मेरे साथ नहीं

अन्ना हजारे ने कहा कि 'मैंने कई बार बताया है कि जो लोग हमारे साथ थे, उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली। जिस दिन से उन्होंने पार्टी बनाई, उस दिन से मेरा और उनका कोई संबंध नहीं है। उनका और हमारा रास्ता अलग-अलग है।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे (REUTERS फोटो)

दिल्ली के रामलीला मैदान में समाजसेवी अन्ना हजारे के अनशन को 5 दिन से ज्यादा गुजर गये हैं। अपनी मांगों के समर्थन में अन्ना हजारे का अनशन जारी है। हालांकि रामलीला मैदान में अन्ना हजारे का आंदोलन तो चल रहा है लेकिन इस आंदोलन में भीड़ बहुत ज्यादा नहीं जुट रही है। इस बीच अन्ना हजारे ने कहा है कि अच्छा है कि अरविंद केजरीवाल मेरे साथ नहीं हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि ‘मैंने कई बार बताया है कि जो लोग हमारे साथ थे, उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली। जिस दिन से उन्होंने पार्टी बनाई, उस दिन से मेरा और उनका कोई संबंध नहीं है। उनका और हमारा रास्ता अलग-अलग है।

आपको याद दिला दें कि साल 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली में ही भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन हुआ था। उस आंदोलन में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास समेत कई लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। उस वक्त भी केंद्र में यूपीए की सरकार थी और सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। देश से भ्ष्टाचार खत्म करने और लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अन्ना हजारे उस वक्त भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। बाद में इसी आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल और दूसरे अन्य लोगों ने मिलकर आम आदमी पार्टी बना ली थी। राजनीतिक पार्टी बनाने के बाद से अन्ना हजारे अरविंद केजरीवाल से अलग हो गए थे।

अब एक बार फिर अन्ना हजारे दिल्ली मेंं अनिश्चितकालीन पर बैठे हैं। लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति तथा देश में किसानों की हालत को लेकर अन्ना हजारे इस बार केंद्र की मोदी सरकार से बेहद नाराज हैं। अपने करीब 11 मांगों को लेकर अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हैं। कई दिनों से अन्न नहीं ग्रहण करने की वजह से अन्ना हजारे की तबियत भी बिगड़ रही है। हालांकि डॉक्टर नियमित रुप से अन्ना की जांच कर रहे हैं। इस बीच अन्ना हजारे ने साफ कर दिया है कि जब तक उनमे सांस है तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। खबर यह भी है कि अन्ना हजारे के कुछ मांगों पर सरकार ने अपनी सहमति जता दी है हालांकि अभी भी अन्ना हजारे सरकार पर दबाव बनाने और अपनी सभी मांगों को मनवाने के लिए अनशन पर बैठे हैं।

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