सर्दियों की शुरुआत से काफी पहले ही दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंंत्रण को लेकर एक्टिव हो गई है। सोमवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अब राजधानी में पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता राजधानी में सर्वाधिक वायु प्रदूषण और यातायात वाले स्थानों का निरीक्षण करेंगी। इन फैसलों को 1 नवंबर से राजधानी में लागू किया जाएगा।
पार्किंग चार्ज होंगे डबल
दिल्ली में पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से पार्किंग चार्ज डबल करने का फैसला किया। दिल्ली सरकार चाहती है कि इस अवधि के दौरान लोग अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट कर्मचारी 50 फीसदी की क्षमता में घर से काम करेंगे।
बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए जो एक्शन प्लान तैयार किया है उसमें बिना PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने का भी नियम शामिल है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि दिल्ली सरकार अक्टूबर महीने में हमारे एक्शन प्लान को लेकर एक जागरूकता कैंपेन चलाएगी ताकि लोगों तक यह नियम पहुंचे और लोगों उसे फॉलो करें।
कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बंद रहेगी- सिरसा
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में सभी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटी 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक बंद रहेगी। सिरसा ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की एंट्री दिल्ली में पूरी तरह से बैन रहेगी। सिरसा के मुताबिक, खुद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हमारे अन्य मंत्री एयर प्रदूषण, ट्रैफिक हॉटस्पॉट का इंस्पेक्शन करेंगे।
EV बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी
सिरसा ने बताया कि दिल्ली में पॉल्यूशन को कंट्रोल में करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में इजाफा करेगी। उन्होंने कहा कि अभी दिल्ली में 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, हम 150 और बसें सड़कों पर उतारने वाले हैं। इसके अलावा सिरसा ने बताया कि एक बड़ी पहल जो की जा रही है, वह एयर क्वालिटी और ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट से जुड़ी है।
सिरसा ने बताया कि हमने इसके लिए एक बड़ा प्लान बनाया है और इस पर एक्टिवली काम कर रहे हैं। मैं इन हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली एक्टिविटीज़ का रिव्यू करने के लिए सभी 11 डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑफिस जा रहा हूं। हम इस दायरे में श्मशान घाट, डंपिंग साइट और कंस्ट्रक्शन/तोड़फोड़ वाले कचरे की जगह को मैनेज करने पर फोकस कर रहे हैं और इन मुद्दों को असरदार तरीके से सुलझाने के लिए DM के साथ काम कर रहे हैं। सिरसा ने बताया कि ऐसे 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट आइडेंटिफाई किया जा चुके हैं। इनमें से 42 पर पहले से ही प्रदूषण का लेवल कंट्रोल में है।
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