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देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर राजनीति शुरू

स्मार्ट सिटी को लेकर कांग्रेस और भाजपा में राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा और कांग्रेस स्मार्ट सिटी के नाम पर एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं..
Author देहरादून | December 19, 2015 23:02 pm
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (फाइल फोटो)

स्मार्ट सिटी को लेकर कांग्रेस और भाजपा में राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा और कांग्रेस स्मार्ट सिटी के नाम पर एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। स्मार्ट सिटी को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गेंद केंद्र व भाजपा के पाले में फेंकते हुए कहा कि हमने केंद्र सरकार को स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव भेज दिया है। अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को देहरादून में स्मार्ट सिटी बनाने के लिए फैसला करना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी हमारा नहीं नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। रावत ने भाजपा के पांचों सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे अब स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव मंजूर कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाले।

उधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता अजय भट्ट ने कहा कि राज्य की हरीश रावत सरकार ने जानबूझकर केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने का आधा अधूरा प्रस्ताव भेजा है। जैसे उन्होंने पहले भी कई प्रस्ताव केंद्र को आधे-अधूरे भेजे थे जिन्हें केंद्र की मंजूरी नहीं मिली और वे वापस राज्य को लौटा दिए गए। भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री की बातों से ऐसा आभास होता है कि इस दफा भी मुख्यमंत्री रावत ने स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव तय मानकों के अनुरूप नहीं भेजा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार जमीन की बंदरबाट में लगी हुई है।

भट्ट ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी सरकार की कमियां छिपाने के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराने के आदी हो गए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने यह कहकर अपनी ही पार्टी की सरकार और भाजपा दोनों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया कि स्मार्ट सिटी देहरादून की बजाए गैरसैंण को बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण जैसे पर्वतीय क्षेत्रों के विकास होने से ही उत्तराखंड का विकास होगा। उन्होंने कहा कि देहरादून का तो पहले से विकास हो चुका है।

उपाध्याय के बयान ने स्मार्ट सिटी के नाम पर रावत सरकार को असमंजस में डाल दिया है। स्मार्ट सिटी को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय की राय अलग-अलग होने से कांग्रेस की फजीहत हो रही है। किशोर उपाध्याय ने स्मार्ट सिटी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को आडेÞ हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्मार्ट सिटी बना रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की परिकल्पना गांधीजी के इन विचारों के बिल्कुल विपरीत है कि गांवों में भारत बसता है।

स्मार्ट सिटी को लेकर उत्तराखंड भाजपा की भी कम फजीहत नहीं हो रही है। जहां एक ओर प्रदेश भाजपा तो चाय बागान की जमीन पर देहरादून में स्मार्ट सिटी बनाने के एकदम खिलाफ है वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता और देहरादून नगर निगम के मेयर विनोद चमोली स्मार्ट सिटी के मामले में खुलेआम मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ खड़े हुए हैं। विनोद चमोली ने नगर निगम की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करवाकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व को खुली चुनौती दे डाली है। विनोद चमोली उत्तराखंड सरकार और चीन के एक विश्वविद्यालय के बीच स्मार्ट सिटी को लेकर हुए समझौते में मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ मौजूद थे। इससे राज्य भाजपा नेताओं को करारा झटका लगा। अब भाजपा नेताओं के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि विनोद चमौली और भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों के पार्षदों के साथ मिलकर स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मति से क्यों पास करवाया।

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