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101 रक्षा उपकरण के आयात पर रोक, देश में ही बनेंगे आर्टिलरी गन, असॉल्ट रायफल, आत्मनिर्भर भारत पर राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान

जिन रक्षा उपकरणों का भारत में निर्माण किया जाएगा उनमें आर्टिलरी गन्स, असॉल्ट राइफल, कॉरवेट्स, सोनार सिस्टम, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एलसीएच, रडार समेत कई अन्य जरुरी उपकरण शामिल हैं।

rajnath singh Ministry of defence atmanirbhar bharat self reliant indiaरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। (एएनआई इमेज)

रक्षा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल सरकार ने 101 रक्षा उपकरणों के विदेश से आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। अब ये रक्षा उपकरण आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत देश में ही बनाए जाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह ऐलान किया है। जिन रक्षा उपकरणों का भारत में निर्माण किया जाएगा उनमें आर्टिलरी गन्स, असॉल्ट राइफल, कॉरवेट्स, सोनार सिस्टम, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एलसीएच, रडार समेत कई अन्य जरुरी उपकरण शामिल हैं।

इनके अलावा व्हील्ड आर्म्ड व्हीकल (AFV) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। भारतीय सेना जल्द ही 200 एएफवी का 5000 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दे सकती है। इनमें से 69 रक्षा उपकरणों के आयात पर दिसंबर 2020 से रोक लग जाएगी। वहीं 11 उपकरणों की आयात पर दिसंबर 2021 तक, 4 पर दिसंबर 2022 तक, 8 पर दिसंबर 2023 तक और बाकी के 9 उपकरणों पर दिसंबर 2025 तक रोक लग जाएगी। आयात पर रोक लगाकर साल 2020-2024 के बीच में घरेलू रक्षा उद्योग को जोरदार तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि घरेलू रक्षा उद्योग को भारतीय सेना की जरुरतें पूरी करने के लिए तैयार किया जाए।

बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के रक्षा बजट को दो शाखाओं में बांटने का फैसला किया है। जिसके तहत अब घरेलू और विदेशी रक्षा खरीद का बजट अलग अलग होगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 52 हजार करोड़ रुपए का एक अलग बजट घरेलू रक्षा खरीद के लिए रखा गया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है। इसके तहत रक्षा मंत्रालय 101 रक्षा उत्पादों के विदेश से आयात पर रोक लगाएगा, जिससे कि उनके स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जा सके।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा दी थी, जो कि पांच स्तंभों अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यवस्था और भूगोल और मांग को आधार बनाया गया था। इसके लिए पीएम ने एक विशेष आर्थिक पैकेज का भी ऐलान किया था।’

राजनाथ सिंह ने कहा कि इस फैसले से घरेलू रक्षा उद्योग को बड़ा मौका मिलेगा और वह डीआरडीओ द्वारा तैयार की गई तकनीक और डिजाइन के आधार पर सुरक्षा बलों की जरुरत के हिसाब से रक्षा उपकरण बना सकेंगे। जिन रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगायी जाएगी, उनकी लिस्ट रक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा बलों, सरकारी और निजी कंपनियों के साथ गहन चर्चा के बाद तैयार की है।

इन रक्षा उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक, यहां देखें लिस्ट

सिंह ने बताया कि बीते पांच सालों में देश ने इन उपकरणों के करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट दिए हैं। अनुमान है कि अगले 6-7 सालों में घरेलू इंडस्ट्री को इन रक्षा उपकरणों के करीब 4 लाख करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं।

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