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भारत-चीन मुद्दे पर पहली बार सरकार की तरफ से बयान, रक्षा मंत्री बोले- मिलिट्री या डिप्लोमैटिक जैसे भी हो, LAC विवाद का निकालेंगे समाधान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-चीन सीमा विवाद पर एक न्यूज चैनल से कहा कि हम अपनी तरफ से बिना तनाव बढ़ाए मामला सुलझाना चाहते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली बार लद्दाख में भारत-चीन की सेनाओं के बीच चल रहे तनाव को लेकर बयान दिया है। रक्षा मंत्री ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और चीन के बीच स्थितियों को ठीक करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है।

न्यूज चैनल आजतक को दिए इंटरव्यू में राजनाथ ने कहा, “भारत यह भी कोशिश कर रहा है कि किसी भी स्थिति में तनाव न बढ़े। अगर बातचीत सैन्य स्तर पर की जानी है, तो इसे सैन्य स्तर पर किया जाएगा। अगर इसे राजनयिक स्तर पर सुलझाया जाना है, तो राजनियक स्तर पर सुलझाया जाएगा। लेकिन स्थिति का निपटारा जरूर होगा।”

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सीमा विवाद पर चीन की ओर से दिए गए बयान की ओर इशारा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा,  “मैं बता देना चाहता हूं कि चीन ने भी स्थिति को सुलझाने की मंशा जताई है। कभी-कभी चीन के साथ ऐसी परिस्थितियां खड़ी हो जाती हैं। ये पहले भी हुआ है। मई में भी एलएसी पर कुछ परिस्थितियां डेवलप हुई हैं, लेकिन हम उन्हें सुलझाने की प्रक्रिया में हैं।”

हाल ही के दिनों में भारत और नेपाल के बीच भी सीमा को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हुई है। इस पर राजनाथ ने कहा कि इस मसले को भी बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा, “नेपाल हमारे लिए परिवार जैसा है। भारत और नेपाल भाई हैं। अभी सब नियंत्रण में है। अगर कोई समस्या हुई तो हम साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे।”

भारत-चीन सीमा विवाद पर मध्यस्थता के लिए हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रस्ताव दिया था। इस पर राजनाथ ने कहा कि उनकी शुक्रवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से बातचीत हुई है और उन्हें भारत-चीन के बीच ऐसी स्थितियों को सुलझाने के लिए पहले से स्थापित मैकेनिज्म की जानकारी दे दी गई है।

राजनाथ ने कहा, “कोई इस तथ्य को नहीं नकार सकता कि इस तरह की घटनाएं एलएसी पर दोनों देशों के अलग नजरिए की वजह से होती हैं। पूर्वी लद्दाख में इस महीने की शुरुआत में जो तनाव पैदा हुआ, उसके बाद भारतीय सेना ने भी एक स्टैंड लिया है। चीन कई जगहों पर एलएसी को मानता है, लेकिन कुछ जगहों पर वह मानने के लिए तैयार नहीं और उनका दावा सीमा के आगे (भारत के अंदर) होने का है। कई इलाकों पर हमारी भी ऐसी ही मान्यताएं हैं। हम एलएसी तक गश्त करते हैं, कभी उनकी सेनाएं एलएसी पार कर इस तरफ आ जाती हैं। यह पहली बार नहीं हो रहा।”

रक्षा मंत्री ने सीमाओं के मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि सरकार कभी देश को झुकने नहीं देगी और लोग इस पर भरोसा करते हैं। मैं लोगों को भरोसा देना चाहता हूं कि किसी भी स्थिति में भारत के आत्म सम्मान को ठेस नहीं पहुंचने देंगे। भारत की हमेशा से पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की नीति रही है। इस सय भी हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।

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