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चंद पेड़-पौधे जला दिए और कह रहे हैं…सर्जिकल स्ट्राइक पर बोले पैनलिस्ट, डिफेंस एक्सपर्ट ने यूं दिया जवाब

अतीक उर रहमान देश ने की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 'हिन्दुस्तान के अंदर पिछले 10-20 सालों में हुई कोई भी आतंकी घटना कोई मायने नहीं रखती जब तक कि हम सबको एक बराबर की नजर से ना देखें।

mumbai, mumbai attackअतीक उर रहमान ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए थे जिसपर रक्षा पैनलिस्ट ने करारा जवाब दिया।

न्यूज 18 चैनल पर डिबेट शो के दौरान एंकर अमीष देवगन ने एक पैनलिस्ट से पूछा कि क्या आतंकवाद पर सियासत होनी चाहिए? क्या 26/11 आतंकी हमले को आरएसएस द्वारा संयोजित हमला कहना चाहिए था? पैनलिस्ट अतीक उर रहमान ने इसपर कहा कि आतंकवाद जैसी गंभीर विषय पर अगर हम 500 या 5000 साल पहले की बात करें तो इससे जाहिर होता है कि हम इस विषय पर गंभीर नहीं हैं।

अतीक उर रहमान देश ने की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ‘हिन्दुस्तान के अंदर पिछले 10-20 सालों में हुई कोई भी आतंकी घटना कोई मायने नहीं रखती जब तक कि हम सबको एक बराबर की नजर से ना देखें। आप आतंकी हमलों को लेकर सलेक्टिव नहीं हो सकते हैं।’ पैनलिस्ट ने कहा कि एक सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद में आप सीना ठोक रहे हैं। आपने वहां जाकर चंद पेड़-पौधों को जला दिया और आप कह रहे हैं कि हमने आतंकवाद पर फतह हासिल कर ली।’

इसपर पैनल में शामिल रक्षा विशेषज्ञ कर्नल दानवीर सिंह ने अतीक उऱ रहमान को जवाब देते हुए कहा कि ‘ये जो कह रहे हैं वहां पर हमने कुछ पेड़-पौधे जला दिये अतीक उर रहमान साहब ये पाकिस्तान की आईएसआई, डीजीएफ, आईएएफ का एक प्रोपेगेंडा है और आप उसके शिकार हो गए हैं और आप देश के टेलीविजन पर उन्हीं की बात की तस्दीक कर रहे हैं…उसी की बात को बढ़ा रहे हैं यह कितने शर्म की बात है।’

आपको बता दें कि साल 2008 में मुंबई में एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था, जिसने भारत समेत पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। 26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी से दहला दिया था। एक तरह से करीब साठ घंटे तक मुंबई बंधक बन चुकी थी।

इस आतंकी हमले को 12 साल हो गए हैं मगर यह भारत के इतिहास का वो काला दिन है जिसे कोई भूल नहीं सकता। हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

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