नेहरू, इंदिरा के बिना भी चला देशः बोले आचार्य प्रमोद- नरेंद्र मोदी फेल, अब विकल्प खोज रहा देश

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की राजनीति करवट ले रही है। देश में महंगाई और बेरोजगारी की समस्या है। देश में जासूसी की समस्या है। देश में किसान के साथ समस्या है। देश में राष्ट्रीय एकता पर समस्या है। समस्या ही समस्या है।

TMC, Congress
राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और टीएमसी नेता ममता बनर्जी की मुलाकात पर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी हैं। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

टीएमसी नेता ममता बनर्जी बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इसको लेकर देश के राजनीतिक जगत में कई तरह की खबरें उड़ती रहीं। नेताओं के साथ-साथ मीडिया में भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं। न्यूज चैनल आजतक पर एंकर चित्रा त्रिपाठी के साथ डिबेट में कांग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा कि देश नेहरू, इंदिरा गांधी के बिना भी चला है। पीएम नरेंद्र मोदी फेल हो चुके हैं और उनका विकल्प खोजा जा रहा है।

एंकर चित्रा त्रिपाठी ने उनसे पूछा था कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात के क्या मायने हैं और दोनों में देश का नेतृत्व कौन करेगा। इस पर कांग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा कि देश की राजनीति करवट ले रही है। देश में महंगाई और बेरोजगारी की समस्या है। देश में जासूसी की समस्या है। देश में किसान के साथ समस्या है। देश में राष्ट्रीय एकता पर समस्या है। समस्या ही समस्या है।

उन्होंने कहा, “जब पंडित नेहरू थे, तब कहा जा रहा था कि नेहरू के बिना देश कैसे चलेगा। यही हाल इंदिरा जी के समय में भी था। तब ऐसा कहा गया। लेकिन देश नेहरू और इंदिरा के बाद भी चल रहा है।”

वे बोले, “अब बीजेपी की ओर से बार-बार यह सवाल उठाया जा रहा है कि मोदी के सामने चेहरा कौन है? जब कभी आवश्यकता होती है, वह आवश्यकता ही आविष्कार की जननी बन जाती है। अब देश की राजनीति में मोदी का शासन है। पीएम मोदी फेल हो चुके हैं। देश उनका विकल्प खोज रहा है। और देश को खोजना पड़ेगा भी।”

इस पर एंकर चित्रा त्रिपाठी ने टोकते हुए कहा कि विकल्प के साथ-साथ चेहरा भी तो सामने आना चाहिए। फिलहाल ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात में राहुल भी साथ में हैं। अब सवाल है कि ममता और राहुल में आगे कौन होगा?

इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है। भाजपा का कोई विकल्प है तो वह है कांग्रेस पार्टी। यह बात अलग है कि क्षेत्रीय पार्टियां अपने क्षेत्र में बढ़ रही हैं, लेकिन सब कांग्रेस के नीचे ही हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट