हंगामा बरपा 'तिरंगे' पर मोदी के दस्तखत से - Jansatta
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हंगामा बरपा ‘तिरंगे’ पर मोदी के दस्तखत से

एक ‘तिरंगे’ पर दस्तखत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विवाद में फंस गए, लेकिन बाद में इसे तीन रंगों की कलाकृति बताया गया। यह कथित तिरंगा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक..

Author न्यूयॉर्क/ नई दिल्ली | September 26, 2015 10:39 AM
प्रधानमंत्री ने सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना के लिए इस तिरंगे पर दस्तखत किए। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया आई और ध्वज संबंधी संहिता का कथित उल्लंघन कहा गया।(पीटीआई फोटो)

एक ‘तिरंगे’ पर दस्तखत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विवाद में फंस गए, लेकिन बाद में इसे तीन रंगों की कलाकृति बताया गया। यह कथित तिरंगा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भेंट में दिया जाना था। प्रधानमंत्री ने सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना के लिए इस तिरंगे पर दस्तखत किए। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया आई और ध्वज संबंधी संहिता का कथित उल्लंघन कहा गया।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की इस ‘भूल’ पर उनकी कड़ी आलोचना की। यह मामला सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। लेकिन बाद में बताया गया कि यह ‘तिरंगा’ दरअसल एक कलाकृति थी, जिस पर हस्ताक्षर को लेकर इतना विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर आलोचकों ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है। लेकिन सरकार ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

गुरुवार रात प्रधानमंत्री ने शेफ विकास खन्ना को यह ‘तिरंगा’ दिया था और उनसे कहा था कि यहां वाल्डोर्फ अस्टोरिया होटल में उनसे मुलाकात करने वाले मेहमानों के लिए शानदार मेन्यू तैयार करने पर खन्ना ने उन्हें गौरवान्वित किया है। खन्ना ने फॉर्च्यून 500 में सूचीबद्ध कंपनियों के सीईओ के साथ प्रधानमंत्री के रात्रिभोज का मेन्यू तैयार किया था। शेफ ने मोदी के हस्ताक्षर वाला ‘तिरंगा’ मीडिया को भी दिखाया।

बाद में जानकारी दी गई कि ‘कपड़े का यह टुकड़ा’ एक लड़की की हस्तशिल्प कृति था और मोदी ने इस पर उस समय हस्ताक्षर किए जब लड़की ने विकास खन्ना के साथ उनसे मुलाकात की थी। शेफ ने जब प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला कपड़े का टुकड़ा मीडिया को दिखाया तो सोशल मीडिया पर आलोचनाएं शुरू हो गईं और विपक्षी कांग्रेस ने इसे लेकर हमला बोल दिया।

सरकारी प्रवक्ता फ्रेंक नोरोन्हा ने इस बात से इनकार किया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि इसे जब्त नहीं किया गया है जिस तरह की खबरें आई हैं। पत्र सूचना कार्यालय में महानिदेशक (मीडिया और संचार) नोरोन्हा ने नई दिल्ली में कहा कि वह कपड़े का टुकड़ा एक ‘विशेष रूप से सक्षम’ लड़की की हस्तशिल्प रचना थी और प्रधानमंत्री ने करुणा के आधार पर उस पर हस्ताक्षर किए थे।

नोरोन्हा ने कहा, उस कपड़े के टुकड़े पर ना तो सफेद रंग है और ना ही चक्र है। उसे लड़की ने अपने पैर के अंगूठे से बनाया है और प्रधानमंत्री ने उसके प्रति करुणा दिखाई। उन्होंने इस बात को पूरी तरह गलत बताया कि इसे जब्त कर लिया गया है।

भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार भारत के राष्ट्रीय ध्वज पर किसी तरह का कुछ अंकित करना राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता है। इसमें यह भी कहा गया है कि तिरंगे पर किसी तरह का कुछ लिखा नहीं जाएगा।

बहरहाल पूरा मामला साफ होने से पहले ही कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में कहा, हम भाजपा की तरह संकीर्ण सोच वाले नहीं हैं। हम प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करते हैं। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को इस बारे में विचार करके सुधारात्मक कदम उठाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना 125 करोड़ जनता की जिम्मेदारी है, और उससे भी अधिक प्रधानमंत्री की है।

सुरजेवाला ने कहा, आप ऊंचे पद पर बैठे हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज आपसे ऊपर है। आपको इसे समझना चाहिए। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, क्या प्रधानमंत्री ने ध्वज संहिता 2002 के पैरा 2.1, सब पैरा 6 और पैरा 3.28 पढ़ा है जिसमें लिखा है कि राष्ट्रीय ध्वज पर लिखना इसका दुरुपयोग करना है। इसके लिए पीआइएनएच कानून 2003 के तहत तीन साल की कैद की सजा का प्रावधान है।

बहरहाल, मोदी के इस हस्ताक्षर विवाद पर सोशल मीडिया में भी झटपट तीखी प्रतिक्रिया आ गईं। तुषार गांधी ने विवाद पर कहा कि राष्ट्रध्वज पर इस तरह दस्तखत करना महानता के दंभ का परिचायक है। उन्होंने कहा कि तिरंगे के सम्मान के लिए जो नियम और विधान हैं, उनका पालन करना चाहिए।

हालांकि मोदी के समर्थन में आए लोगों का कहना है कि राष्ट्रध्वज का सम्मान ठीक है। लेकिन इस लेकर उदारता भी होनी चाहिए। मोदी ने अनजाने में ऐसा किया है तो उनकी आलोचना नहीं होनी चाहिए। ट्वीटर पर एक टिप्पणी में कहा गया है कि तिरंगे पर किसी नैपकिन की तरह दस्तखत करना कहां तक उचित है।

* उस कपड़े के टुकड़े पर ना तो सफेद रंग है और ना ही चक्र है। उसे एक लड़की ने अपने पैर के अंगूठे से बनाया है और प्रधानमंत्री ने उसके प्रति करुणा दिखाई।

* आप ऊंचे पद पर बैठे हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज आपसे ऊपर है। आपको इसे समझना चाहिए: कांग्रेस

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