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कश्मीर में भाजपा को हराने के लिए बना पीपल्स अलायंस, सामने हैं ये चुनौतियां

उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति ने शर्मा द्वारा घोर अनुशासनहीनता के मुद्दे पर विचार किया। शर्मा ने सांबा जिले में पुरमंडल क्षेत्र से डीडीसी चुनाव में आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अपना पर्चा दाखिल किया था और पार्टी के निर्देशों के बावजूद अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली।

DDC Polls, DDC Elections, DDC, J&K, Jammu and Kashmir, Jammu, Kashmirगुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने शनिवार को भी प्रशासन पर निशाना साधते हुए अपने उम्मीदवारों के साथ ‘‘किए जा रहे व्यवहार’’ पर आपत्ति जतायी और आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर में ‘सुरक्षा की आड़ में लोकतंत्र को बाधित’’ किया जा रहा है। (फोटोः एजेंसियां)

डीडीसी यानी कि जिला विकास परिषद चुनाव से ऐन पहले जम्मू और कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए मुख्यधारा के सभी दल एक साथ आ गए हैं। इसे नाम दिया गया है- पीपल्स अलायंस फ़ॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी)। यह पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म किए जाने के मोदी सरकार के फैसले का कड़ा विरोध कर रहा है।

बता दें कि डीडीसी चुनाव आठ चरणों में होंगे। यह 28 नवंबर से शुरू होगा और 24 दिसंबर को समाप्त होगा। गुपकर गठबंधन कई राजनीतिक दलों का एक गठबंधन है जो पिछले साल अगस्त में केंद्र द्वारा निरस्त किया गया जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

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Highlights

    13:30 (IST)22 Nov 2020
    पीएजीडी के सामने हैं ये चैलेंज

    कश्मीर के सियासी जानकारों की मानें तो पीएजीडी के सामने कई चैलेंज हैं। कश्मीर विवि के राजनीतिक विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफ़ेसर नूर अहमद बाबा ने न्यूज साइट बीबीसी हिंदी को बताया कि स्थानीय चुनाव में चुनौती किरदार की है, जो उनके अपनी दख़ल के आधार पर थी। पर पांच अगस्त, 2019 को उनकी राजनीति ख़त्म हो गई थी और जेल भेज दिया गया था। ऐसी परिस्थितियों में उन्हें चुनावी राजनीति में नहीं उतरना चाहिए था।"

    13:19 (IST)22 Nov 2020
    क्या हैं डीडीसी चुनाव के मायने?

    जम्मू-कश्मीर में ऐसा (डीडीसी चुनाव) पहली बार हो रहा है। अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म किए जाने से पूर्व J&K में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, ज़िला स्तरीय) नहीं थी। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 में संशोधन के लिए मंजूरी दी थी। इन चुनावों के माध्यम से जम्मू के 10 और कश्मीर के 10 समेत कुल 20 ज़िलों में डीडीसी का गठन होगा।

    11:26 (IST)22 Nov 2020
    कश्मीर पहुंचे थे BJP के शाहनवाज हुसैन, लगे मोदी जिंदाबाद के नारे
    11:02 (IST)22 Nov 2020
    भाजपा ने आधिकारिक कैंडिडेट के खिलाफ लड़ने पर अपने नेता को किया निष्कासित

    भाजपा ने आगामी जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में उतरने पर शनिवार को अपने एक नेता को निष्कासित कर दिया। पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र रैना ने अनुशासन समिति की सिफारिश पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य अरुण शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का आदेश दिया।

    उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति ने शर्मा द्वारा घोर अनुशासनहीनता के मुद्दे पर विचार किया। शर्मा ने सांबा जिले में पुरमंडल क्षेत्र से डीडीसी चुनाव में आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अपना पर्चा दाखिल किया था और पार्टी के निर्देशों के बावजूद अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली।

    10:43 (IST)22 Nov 2020
    महबूबा का आरोप : उन्हें पुलवामा में रामबियारा नाला जाने से रोका गया

    पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दावा किया कि पुलिस ने उन्हें दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रामबियारा नाला इलाके में जाने से रोक दिया। उन्होंने दावा किया कि उस क्षेत्र में "अवैध निविदाओं" के माध्यम से रेत खनन किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर को "खुली जेल" में बदल दिया गया है। महबूबा के आरोपों के संबंध में पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

    महबूबा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मुझे आज स्थानीय प्रशासन द्वारा रामबियारा नाला जाने से रोक दिया गया। यही वह जगह है जहां अवैध निविदाओं के जरिए रेत खनन बाहरी लोगों के लिए आउटसोर्स किया गया है और स्थानीय लोगों को उस क्षेत्र में जाने से रोक दिया गया है। हमारी जमीन और संसाधनों को भारत सरकार द्वारा ‘लूटा’ जा रहा है, यह हमारा अपमान है।’’

    10:22 (IST)22 Nov 2020
    खट्टर ने गुपकर गठबंधन पर साधा निशाना

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) पर निशाना साधते हुए कांग्रेस पर ‘‘राष्ट्र विरोधी भाषा’’ में बात करने वालों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया। खट्टर ने जम्मू कश्मीर में गुपकर घोषणा पत्र का ‘‘हिस्सा बनने’’ के लिए कांग्रेस की निंदा की। उन्होंने कहा कि पीएजीडी का एजेंडा जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को बनाये रखना है।

    कांग्रेस ने मंगलवार को कहा था कि वह गुपकर गठबंधन का हिस्सा नहीं है और लोकतांत्रिक तरीकों से भाजपा का चेहरा ‘‘उजागर’’ करने के लिए जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद का चुनाव लड़ रही है। खट्टर ने गठबंधन के कुछ नेताओं के खिलाफ भी अपना रोष व्यक्त किया जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि ‘‘अनुच्छेद 370 को चीन की मदद से बहाल किया जाएगा।’’

    09:47 (IST)22 Nov 2020
    भाजपा जम्मू कश्मीर में आगामी डीडीसी चुनावों में जीत दर्ज करेगी: ठाकुर

    केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को दावा किया कि भाजपा जम्मू कश्मीर में आगामी जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘‘विभाजनकारी’’ ताकतों को इन चुनावों में एक अच्छा सबक सिखाया जाए।

    केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री और जम्मू कश्मीर डीडीसी चुनाव में पार्टी के प्रभारी ठाकुर ने कहा, ‘‘भाजपा डीडीसी चुनावों में विकास के लिए और पाकिस्तान तथा चीन को उनके नापाक एजेंडों में हराने के लिए हर एक सीट जीतेगी।’’

    उन्होंने गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) के स्पष्ट संदर्भ में कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां (जम्मू और कश्मीर) के राजनीतिक दल पाकिस्तान और चीन के समर्थन में बयान दे रहे हैं।’’

    09:34 (IST)22 Nov 2020
    डीडीसी चुनावों पर NC नेता के पत्र में क्या?

    नेशनल कांफ्रेंस नेता फारुख अब्दुल्ला ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘मैं आगत डीडीसी चुनावों के बारे में आपको लिख रहा हूं। एक अजीब और अनोखी चीज सामने आई है। गुपकर गठबंधन के उम्मीदवारों को सुरक्षा के नाम पर 'सुरक्षित स्थानों' पर ले जाया रहा है... उन्हें चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं है, वे उन लोगों के संपर्क से पूरी तरह से दूर हैं, जिनसे उन्हें वोट मांगना है।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सुरक्षा के क्षेत्र में वर्तमान स्थिति कुछ चुनिंदा लोगों को सुरक्षा प्रदान करने और दूसरों को नजरबंद करने वाली है।

    श्रीनगर के सांसद अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘... सुरक्षा को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के लिए किसी औजार उपकरण या बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।'अब्दुल्ला के इस पत्र के पहले नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी सहित घाटी की प्रमुख पार्टियों द्वारा आरोप लगाया गया है कि चुनावों मे सबको समान मौका नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन उनके उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं दे रहा है और उन्हें उनके आवासों में नजरबंद कर रहा है।

    09:03 (IST)22 Nov 2020
    जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की आड़ में लोकतंत्र बाधित किया जा रहा है: अब्दुल्ला

    गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने शनिवार को भी प्रशासन पर निशाना साधते हुए अपने उम्मीदवारों के साथ ‘‘किए जा रहे व्यवहार’’ पर आपत्ति जतायी और आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर में ‘सुरक्षा की आड़ में लोकतंत्र को बाधित’’ किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पहली लोकतांत्रिक कवायद के तहत जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव हो रहे हैं।

    गुपकर घोषणापत्र गठबंधन के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के चुनाव आयुक्त के के शर्मा को दो पृष्ठों का एक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों को सुरक्षा प्रदान करना और बाकी को वस्तुत: नजरबंद करना लोकतंत्र में व्यापक हस्तक्षेप के समान है।

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