Day after renewal, Home Ministry cancels FCRA renewal license of Teesta Setalvads NGO - तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ का लाइसेंस रिन्यू होने के अगले ही दिन गृहमंत्रालय ने कर दिया कैंसिल - Jansatta
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तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ का लाइसेंस रिन्यू होने के अगले ही दिन गृहमंत्रालय ने कर दिया कैंसिल

तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ पर फंड का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लग चुका है।

Author नई दिल्ली | December 14, 2016 7:17 PM
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़। (File Photo)

सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा चलाए जा रहे एनजीओ का लाइसेंस मंगलवार को विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत रिन्यू किया गया और फिर दूसरे दिन बुधवार को गृह मंत्रालय ने कैंसिल कर दिया। बता दें, मंत्रालय ने एनजीओ के लाइसेंस को रिन्यू से पहले ही दूरी बना ली थी, मंत्रालय ने कहा था कि आवेदन कुछ महीने पहले किया गया था। आवेदन उस वक्त किया गया था, जब आईएएस अधिकारी जीके द्विवेदी ज्वाइंट सेक्रेट्री थे। जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर हुए विवाद के बाद सितंबर महीने में द्विवेदी को एफसीआरए डिविजन से हटा दिया गया था।

तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस नाम से एनजीओ चला रहे हैं। इस एनजीओ पर 2002 के दंगा पीड़ितों के लिए दिए गए फंड का गलत यूज करने का आरोप लगा था। इसके बाद गृहमंत्रालय ने पिछले साल जुलाई में इसे पीपी कैटेगरी के तहत डाल दिया। इस कैटेगरी के तहत कोई भी एनजीओ को डोनेशन लेने से पहले हर बार गृहमंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी।

रिन्यू किए गए लाइसेंस में हालांकि, यह बात का जिक्र नहीं था कि एनजीओ अभी भी पीपी कैटेगरी के तहत है। जावेद आनंद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस के लिए रिन्यू लाइसेंस मिला है। उसमें इसका कोई जिक्र नहीं है कि एनजीओ अभी भी पीपी कैटेगरी के तहत है।’

बता दें, सरकार ने बुधवार को बताया कि पिछले तीन साल के दौरान एफसीआरए के प्रावधानों के उल्लंघन के कारण दस हजार से अधिक एनजीओ का पंजीकरण रद्द किया गया। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने केवीपी रामचंद्र राव के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2013-14 से 2015-16 के दौरान एफसीआरए के प्रावधानों और उनके तहत बनाए गए नियमों के उल्लंघन के कारण दस हजार से अधिक एनजीओ का पंजीकरण रद्द किया गया था।

उन्होंने बताया कि 30 जून 2016 की स्थिति के अनुसार 16 हजार से अधिक संगठनों ने पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था और उनमें से 15 हजार से अधिक संगठनों का नवीनीकरण किया गया है।

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