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सस्पेंशन के बाद आजाद ने मांगी मार्गदर्शक मंडल से मदद, जोशी-आडवाणी-शांता कुमार ने की इमरजेंसी मीटिंग

आडवाणी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा गुरुवार दोपहर जोशी के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक उनकी मुलाकात चली। शांता कुमार ने कहा, ‘‘हम मिले। हमने चाय पी।’’ शांता कुमार बैठक के बाद चले गये। उन्होंने इस बारे में और कुछ बताने से इंकार कर दिया..

Author नई दिल्ली | December 24, 2015 10:04 PM
लालकृष्‍ण आडवाणी, शांता कुमार, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्‍हा दो महीने में दूसरी बार मिले।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने सांसद कीर्ति आजाद के निलंबन और पार्टी नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए गुरुवार को यहां मुलाकात की। 10 नवम्बर को हुई अपनी पिछली बैठक के विपरीत इस बार अभी तक उनकी कोई सार्वजनिक टिप्पणी सामने नहीं आयी है। उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि वे अपने मुद्दों को ‘‘उपयुक्त’’ समय और मंच पर उठायेंगे। पिछली बार उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ एक सख्त बयान जारी किया था।

यह पूछे जाने पर कि क्या डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला करने के बाद कीर्ति आजाद को भाजपा से निलंबित किये जाने का मुद्दा चर्चा के लिए आया था, एक दिग्गज नेता ने कहा, ‘‘बैठक की पृष्ठभूमि को देखते हुए यह तो स्पष्ट होना चाहिए।’’ उन्होंने हालांकि कोई विस्तृत ब्यौरा देने से इंकार कर दिया। आडवाणी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा दोपहर के आसपास जोशी के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक उनकी मुलाकात चली। शांता कुमार ने कहा, ‘‘हम मिले। हमने चाय पी।’’ शांता कुमार बैठक के बाद चले गये। उन्होंने इस बारे में और कुछ बताने से इंकार कर दिया।

कीर्ति आजाद ने मार्गदर्शक मंडल से हस्तक्षेप की मांग की थी। मार्गदर्शक मंडल में आडवाणी, जोशी, अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं। मार्गदर्शक मंडल की स्थापना भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी का प्रभार संभालने के बाद की थी। गठन के बाद से इसकी बैठक नहीं हुई है। दीपावली से पहले चारो नेताओं ने कड़ा बयान देते हुए कहा था कि पिछले एक साल में पार्टी प्रभावहीन हो गई है और उन्होंने बिहार चुनाव में उसकी करारी हार की जवाबदेही की मांग की।

भाजपा ने बुधवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए कीर्ति आजाद को पार्टी से निलंबित कर दिया था जो डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ अभियान का नेतृत्व करते रहे हैं। आजाद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और पार्टी को ‘‘बदनाम’’ करने के लिए कांग्रेस और आप के साथ ‘‘सांठगांठ करने’’ का आरोप लगाते हुए निलंबित किया गया है।

भाजपा के संसदीय बोर्ड ने आजाद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का यह कदम जेटली पर हमला बोलने वाले उनके संवाददाता सम्मेलन के तीन दिन बाद और फिर संसद के अंदर एवं बाहर भी इस तरह की बात करने के बाद उठाया।

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कीर्ति आजाद के निलंबन की खबर यहां पढ़ें

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