भगोड़े डॉन दाऊद इबराहिम का करीबी सहयोगी और मादक पदार्थों का बड़ा सरगना माने जाने वाले सलीम डोला को तुर्की से भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। मंगलवार सुबह उसे दिल्ली लाया गया, जहां एयरपोर्ट पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उसे हिरासत में ले लिया।
एनसीबी के एक अधिकारी के मुताबिक, 59 वर्षीय सलीम से पहले पूछताछ की जाएगी और उसके बाद उसे महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों को सौंपा जाएगा, जहां उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। सलीम को रविवार को इस्तांबुल में तुर्की की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया था।
अमित शाह ने गिरफ्तारी पर दी प्रतिक्रिया
सलीम डोला की गिरफ्तारी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “नार्को सिंडिकेट के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस। एनसीबी ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला की भारत वापसी सुनिश्चित कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। मोदी सरकार के ड्रग माफियाओं को बेदर्दी से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी एंटी-नारकोटिक्स एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के मजबूत नेटवर्क के जरिए अपनी पहुंच सीमाओं के पार तक बढ़ा दी है। अब ड्रग माफिया चाहे कहीं भी छिपे हों, उनके लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।”
गौरतलब है कि मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला सलीम करीब एक दशक पहले भारत से फरार हो गया था। वह विदेश से ही बहु-राज्यीय ड्रग नेटवर्क चला रहा था। साल 2024 में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा 4 किलो एमडी (मेफेड्रोन) की बरामदगी की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था।
जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई चेन सांगली और सूरत से होते हुए यूएई और तुर्की तक फैली हुई थी, जहां से वह अपने साथियों के जरिए ऑपरेशन चला रहा था। पिछले साल उसके बेटे ताहेर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को इंटरपोल की मदद से यूएई से भारत लाया गया था, जिससे उसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
सलीम पहले से ही नारकोटिक्स एजेंसियों के लिए कुख्यात नाम रहा है। उसे 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलो मेंड्रैक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह डी-कंपनी के लिए ड्रग ऑपरेशन संभालता था।
उसका नाम 1,000 करोड़ रुपये के फेंटानिल मामले और डीआरआई के गुटखा तस्करी केस में भी सामने आ चुका है। एजेंसियों के अनुसार, उसका नेटवर्क एमडी ड्रग के उत्पादन के लिए फंडिंग करता है। केमिकल सप्लाई करता है और महाराष्ट्र व गुजरात में गुप्त लैब्स संचालित करता है। एनसीबी ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वालों के लिए पहले 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
