Datia Bypoll News: मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट न देने के बीजेपी के फैसले के बाद उनके समर्थकों ने हिंसक विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके एक दिन बाद शनिवार को शिवसेना यूबीटी ने उन्हें अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया।
शिवसेना यूबीटी के मध्य प्रदेश प्रमुख सुनील शर्मा ने शनिवार को पीटीआई से कहा कि अगर नरोत्तम मिश्रा इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पार्टी नेता आदित्य ठाकरे और अन्य वरिष्ठ नेता मध्य प्रदेश में उनके पक्ष में प्रचार करेंगे।
नेतृत्व से चर्चा के बाद मिश्रा को दिया प्रस्ताव- सुनील शर्मा
सुनील शर्मा ने कहा, “मैंने पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद मिश्रा को यह प्रस्ताव दिया है। मैंने पार्टी की मध्यप्रदेश आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख नाहर सिंह गौर से कहा है कि वह मिश्रा के लिए भेजे गए निमंत्रण का वीडियो मैसेज सोशल मीडिया पर साझा करें।”
बता दें कि शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को दतिया विधानसभा उपचुनाव से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के इस फैसले के बाद मिश्रा के समर्थकों ने प्रदर्शन किया, नेशनल हाईवे जाम किया, बाजार बंद कराया, स्थानीय भाजपा कार्यालय पर ताला लगाया और कथित तौर पर हिंसा की। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच, मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा उम्मीदवार बदले जाने की संभावना से इनकार किया है। विजयवर्गीय ने कहा, “भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। कार्यकर्ता अपने विचार व्यक्त करते हैं, लेकिन वे अनुशासित हैं। एक बार उनसे बात कर ली जाए, तो सभी पार्टी के फैसले को स्वीकार कर लेंगे और आशुतोष तिवारी भारी बहुमत से जीतेंगे।”
सीएम मोहन यादव से मिले नरोत्तम मिश्रा
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जमवाल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह आशुतोष तिवारी के नामांकन के लिए दतिया जाएंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “हमारी अच्छी चर्चा हुई। हमने दतिया को जिताने के बारे में बात की, हम दतिया को जिता रहे हैं और हम जीतेंगे। मैंने पहले ही अपने समर्थकों से धैर्य और शांति बनाए रखने को कहा है, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। मैं नामांकन प्रक्रिया में शामिल रहूंगा।”
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भाजपा के अंदरूनी सूत्रों और उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया से जुड़े नेताओं ने इस मामले पर बताया कि इस फैसले के पीछे कई कारण थे, जो दतिया के स्थानीय समीकरणों से कहीं आगे थे। नरोत्तम खेमे का दावा है कि उन्हें राज्य पार्टी नेतृत्व से हरी झंडी मिल गई थी कि वे ही अकेले उम्मीदवार होंगे, इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की भी हामी थी। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा दतिया उपचुनाव लड़ने के लिए नॉमिनेशन फॉर्म खरीदने भी चले गए थे। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
