Datia Upchunav Congress Candidate: दतिया उपचुनाव की चर्चा पूरे मध्य प्रदेश और देश में हो रही है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है। अब कांग्रेस पार्टी की ओर से भी प्रत्याशी का ऐलान हो चुका है। पार्टी ने घनश्याम सिंह पर दतिया उपचुनाव के लिए दांव खेला है।
घनश्याम सिंह दतिया राजपरिवार के मुखिया हैं। जिले की राजनीति में उनका काफी प्रभाव माना जाता है। घनश्याम सिंह ने 1993 में कांग्रेस के टिकट पर अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता। इसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शंभू गोस्वामी को करारी शिकस्त दी। हालांकि, उन्हें 1998 में पार्टी की ओर से टिकट नहीं दिया गया और चंदन सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन पार्टी चुनाव हार गई।
2003 में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर जताया था भरोसा
2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने राजेंद्र भारती को हराकर जीत हासिल की। 2008 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्हें भाजपा के नरोत्तम मिश्रा से हार का सामना करना पड़ा। 2013 में कांग्रेस ने उन्हें सेवढ़ा से कैंडिडेट बनाया। इस चुनाव में भी वे बीजेपी के प्रदीप अग्रवाल से चुनाव हार गए।
हालांकि, साल 2018 में उन्होंने सेवढ़ा से वापसी की और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता राधेलाल बघेल को हराकर विधायक बने। 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने उन्हें फिर से सेबढ़ा से टिकट दिया, लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप अग्रवाल ने उन्हें करारी शिकस्त दी।
दतिया में क्यों हो रहा उपचुनाव?
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पहले से ही राज्य की सबसे फेमस सीटों में से एक है। कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद यहां पर उपचुनाव कराया जा रहा है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी अभियान को तेज करने की तैयारी में जुट गए हैं। आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के बड़े नेताओं की सभाएं, रोड शो और जनसभाएं होने के आसार हैं।
सीएम मोहन यादव से मिले नरोत्तम मिश्रा
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जमवाल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह आशुतोष तिवारी के नामांकन के लिए दतिया जाएंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “हमारी अच्छी चर्चा हुई। हमने दतिया को जिताने के बारे में बात की, हम दतिया को जिता रहे हैं और हम जीतेंगे। मैंने पहले ही अपने समर्थकों से धैर्य और शांति बनाए रखने को कहा है, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। मैं नामांकन प्रक्रिया में शामिल रहूंगा।” यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
