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दारूल उलूम का भाईचारे का फरमान: ‘अपने घरों में तिरंगा फहराएं मुस्लिम’

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भारत के सबसे बड़े मदरसे दारूल उलूम देवबंद ने सभी मदरसों और मुस्लिम संस्थाओं को भाईचारे का फरमान सुना दिया है।

Author August 14, 2015 12:29 PM
दारूल उलूम वक्फ देवबंद के मुफ्ती मौलाना मोहम्मद आरिफ कासमी ने कहा कि उलेमा-ए-दीन ने देश की आजादी और राष्ट्रीय झंडे के लिए आगे बढ़कर कुर्बानियां दी हैं। (फाइल फोटो)

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भारत के सबसे बड़े मदरसे दारूल उलूम देवबंद ने सभी मदरसों और मुस्लिम संस्थाओं को भाईचारे का फरमान सुना दिया है।

उन्होंने मुस्लिमों से कहा है कि वह पूरे जोश से स्वतंत्रता दिवस मनाएं और अपने यहां तिरंगा भी फहराएं। साथ ही मुस्लिम परिवारों को भी अपने घरों में तिरंगा लहराने को कहा गया है।

वहीं दारूल उलूम के प्रेस सचिव मौलाना अशरफ उस्मानी ने कहा कि: ‘हमें क्यों अलग किया जा रहा है? यह हमारा देश, हमारी जमीन, हमारी जगह है। देश की अखंडता को लेकर व्याप्त हर तरह की गलतफहमी को हम दूर करना चाहते हैं। प्रत्येक मुसलमान को स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहिए और झंडा फहराना उसी जश्न का हिस्सा है।’

उन्होंने मदरसों से अपील करते हुए कहा कि सभी मदरसों को तिरंगा फहराना चाहिए। यह गलतफहमी है कि मदरसे स्वतंत्रता दिवस के जश्न में शामिल नहीं होते, इसलिए हम सच्चाई दिखाना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि देवबंद बाढ जिया उल हक चौक में जमायत उलेमा ए हिंद के साथ मिलकर झंडा फहराएगा। उलेमाओं ने भी आजादी में अहम योगदान दिया था। जब कोई हमारी अखंडता को लेकर सवाल उठाता है तो आश्चर्य होता है।

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