AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी हैं “जीका” का दूसरा रूप, पर मोदी सरकार के पास हर वायरस का टीका- BJP नेता का बयान

पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी जीका वायरस के दूसरे रूप हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने हर प्रकार के वायरस का टीका बना लिया है। अब किसी भी तरह के वायरस से निपटा जा सकता है। बीजेपी नेता ने कहा, “ओवैसी जैसे लोग दोबारा देश का विभाजन करना चाहते हैं। लेकिन अब देश का दूसरा विभाजन नहीं हो सकता है।”

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राधामोहन सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी को "जीका" वायरस बताया। (express file)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार सरकार पर चोर दरवाजे से भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्वी चंपारण के सांसद राधामोहन सिंह ने उन्हें लेकर एक विवादित टिप्पणी की है।

मोतिहारी में आयोजित भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सम्मेलन में राधामोहन सिंह ने एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष को “जीका” वायरस बताया। राधा मोहन सिंह ने कहा कि जिस तरह कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम नरेंद्र मोदी का टीका कारगर साबित हुआ है। जिसका लोहा दुनिया मान रही है। उसी प्रकार यूपी चुनाव में आए ओवैसी वायरस के खिलाफ मोदी का अल्पसंख्यक मोर्चा का टीका काम करेगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्म और समुदाय के लोग एक बार फिर देश को नहीं बंटने देंगे। सबका साथ सबका विकास यही मोदी सरकार का लक्ष्य है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी जीका वायरस के दूसरे रूप हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने हर प्रकार के वायरस का टीका बना लिया है। अब किसी भी तरह के वायरस से निपटा जा सकता है। बीजेपी नेता ने कहा, “ओवैसी जैसे लोग दोबारा देश का विभाजन करना चाहते हैं। लेकिन अब देश का दूसरा विभाजन नहीं हो सकता है।”

दरअसल ओवैसी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश का दौरा किया है। अपने तीन दिवसीय दौरे पर उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर जनसभाएं की थी। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी एआईएमआईएम 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

ओवैसी ने अपनी जनसभाओं में कहा था कि यूपी में 110 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय की आबादी 30-39 प्रतिशत है, जबकि 44 सीटों पर यह 40-49 प्रतिशत और 11 सीटों पर 50-65 प्रतिशत तक है। स्पष्ट है कि उनका फोकस इन्हीं सीटों पर अधिक है।

वहीं कुछ दिन पहले एआईएमआईएम चीफ ने ट्वीट कर लिखा था कि , “बिहार सरकार चोर-दरवाज़े से बिहार में NRC लागू कर रही है। अधिकारी आम लोगों से कह रहे हैं कि वो आस-पास रहने वाले ‘विदेशी नागरिक’ और “अवैध प्रवासियो” की सूचना नज़दीकी पुलिस स्टेशन को दें। असम में भी ऐसे ही क़ानूनी कार्रवाई का दुरूपयोग बड़े पैमाने पर हुए हैं।”

एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने लिखा, “कई बा-इज़्ज़त भारतीयों पर झूठे मुक़दमे दर्ज किए जा चुके हैं जिससे लोगों को बहुत ही ज़्यादा मुश्किलात का सामना करना पड़ा है। संघ परिवार के लोग कई सालों से इस झूठ को फैला रहे हैं कि सीमांचल के ग़य्यूर अवाम घुसपैठिए हैं, इस बात में ज़रा भी सच्चाई नहीं है।”

ओवैसी ने लिखा, “फिर भी इस झूठ की बुनियाद पर कई तंज़ीमें एक मंसूबा-बंद तरीक़े से बिहारियों और ख़ास कर सीमांचल के लोगों की शहरियत को निशाना बनाएंगे। नीतीश कुमार ने चुनाव के दौरान कहा था कि “कोई किसी को देश के बाहर नहीं करेगा, सब भारत के हैं” तो फिर चोर-दरवाज़े वाला NRC क्यों लागू किया जा रहा है।”

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