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बेरोजगार रहकर ‘देसी’ पीने से अच्‍छा है दलित सेना में भर्ती हो जाएं, अच्‍छा खाना और अंग्रेजी रम मिलेगी : केंद्रीय मंत्री

रामदास अठावले ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर कोशिश करेंगे कि सुरक्षा बलों में दलितों को आरक्षण मिले।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले (Photo- PTI/File)

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को कहा कि बेरोजगार रहकर ‘देसी’ शराब पीने से अच्‍छा है कि दलित युवा सेना में भर्ती हो जाएं, वहां अच्‍छा खाना और विदेशी शराब मिलेगी। मीडिया से बात करते हुए अठावले ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर कोशिश करेंगे कि सुरक्षा बलों में दलितों को आरक्षण मिले। अठावले ने कहा, ‘सेना में अच्छा खाना और शराब मिलती है। बरोजगार रहते हुए देसी शराब पीने की बजाय दलिय युवाओं को सेना में शामिल हो जाना चाहिए, जहां उन्हें पीने को रम मिलेगी।’

साथ ही उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी है कि सेना में मरने के लिए ही भर्ती हुआ जाता है। उन्होंने कहा, ‘रोजाना हार्ट अटैक और सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों की काफी संख्या है। केवल यह कहना कि सेना में लोग मरते हैं, यह गलत बात है। सुरक्षाबलों में दलित युवाओं को आरक्षण पर जोर देते हुए अठावले ने कहा, ‘दलित लड़ाकू हैं। अगर वे सुरक्षाबलों के साथ जुड़ जाएंगे तो देश के लिए योगदान दे सकते हैं।

चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं होने पर अठावले ने कहा कि सरकार उन वादों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। साथ ही अठावले ने कहा कि तेल की कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी, क्योंकि सरकार इस मामले पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘वित्त मंत्री इस मसले को खुद देख रहे हैं, वो चाह रहे हैं कि तेल की कीमतों में कमी आए।’ साथ ही उन्होंन अहमदाबाद-मुंबई बुलैट ट्रेन का समर्थन किया, उन्होंने कहा कि इसका विरोध करने की कोई वजह ही नहीं है।

रामदास अठावले अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते रहे हैं। अगस्त महीने में अठावले ने कहा था कि किन्नरों को सारी नहीं पहननी चाहिए। उन्होंने कहा था, ‘जब वे महिलाएं नहीं है तो उन्हें साड़ी नहीं पहननी चाहिए।’ बाद में उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई दी थी कि यह एकमात्र उनका सुझाव था।

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  1. M
    manish agrawal
    Oct 2, 2017 at 5:07 pm
    रामदास अठावलेजी ! सेना में ही भेजना ! भूल कर भी किसी को BSF में नहीं भेज देना , नहीं तो अच्छे भोजन की आस लगाने वाले को सिर्फ निराशा हाथ लगेगी ! क्योंकि BSF के चोर और मक्कार अफसर , अपने जवानों को मिलने वाला बेहतरीन सरकारी राशन बेच देते हैं और जवानों को पानी जैसी पतली दाल, चाय और परांठा खाकर शहादत देना पड़ती है !
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