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दादरी कांड: हिरासत में होमगार्ड का कांस्टेबल, इलाके में तनाव कायम

गोवध की अफवाहों को लेकर दादरी के एक गांव में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या करने के मामले में पूछताछ के लिए होमगार्ड के एक कांस्टेबल को हिरासत में लिया गया है..

Author ग्रेटर नोएडा | Published on: October 4, 2015 4:14 PM
केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा शनिवार को दादरी के बिसहड़ा गांव में भीड़ द्वारा मारे गए अखलाक के परिवालों से मिलने पहुंचे। (पीटीआई फोटो)

गोवध की अफवाहों को लेकर दादरी के एक गांव में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या करने के मामले में पूछताछ के लिए होमगार्ड के एक कांस्टेबल को हिरासत में लिया गया है। वहीं स्थानीय लोगों द्वारा बाहरी लोगों के गांव में आने का विरोध करने के साथ इलाके में आज भी तनाव बना रहा।

बिसहड़ा गांव में बेचैनी का माहौल है। विभिन्न दलों के नेता लगातार गांव पहुंच रहे हैं और बिसहड़ा से लगे उंचा अमीपुर गांव पहुंचे भाजपा नेता संगीत सोम ने लोगों से हिंसा में शामिल ना होने की अपील की।

पुलिस ने कहा कि स्थानीय मंदिर के पुजारी ने कहा कि होमगार्ड के कांस्टेबल ने उसे कथित रूप से मुस्लिम परिवार के गोमांस खाने से जुड़ी घोषणा करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद कांस्टेबल को हिरासत में ले लिया गया।

पुजारी की घोषणा के बाद भीड़ अखलाक को उसके घर से बाहर खींच ले गयी और गांव की एक सड़क पर पीट पीटकर उसकी हत्या कर दी। अखलाक का 22 साल का बेटा दानिश भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। दानिश इस समय अस्पताल में भर्ती है और उसके मस्तिष्क की दो सर्जरी की गयी।

पुलिस ने शनिवार को विशाल और शिवम नाम के दो युवकों को कथित रूप से मंदिर से जबरदस्ती घोषणा करवाने के लिए गिरफ्तार किया था। उनमें से एक आरोपी के एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा होने की खबर है। हालांकि भाजपा नेता हरीश ठाकुर ने इस बात से इनकार किया कि आरोपी का पिता भाजपा का कोई पदाधिकारी है और कहा कि वह भाजपा का समर्थक हो सकता है।

इसी बीच गांव में आज कई विरोध प्रदर्शन देखे गए। कई स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया और मीडियाकर्मियों एवं पुलिस के प्रवेश का भी विरोध किया।

स्थानीय महिलाओं द्वारा विधि व्यवस्था की समस्याएं खड़ी करने को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट एन पी सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर बिसहड़ा गांव में महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

सिंह ने साथ ही निर्देश दिया कि अखलाक के परिवार के लोग – जान मोहम्मद, अफजाल और सरताज की मंजूरी के बिना किसी को भी पीड़ित के परिवार से मिलने ना दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे किसी से नहीं मिलना चाहते तो उन्हें उनके घर जाने नहीं दिया जाना चाहिए।’’

जिला मजिस्ट्रेट ने साथ ही निर्देश दिया कि सभी आगंतुकों की निगरानी की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि असामाजिक तत्व अंदर ना जाएं और शांति भंग ना करें। उन्होंने मीडिया से भी मामले को लेकर आत्मसंयम का परिचय देने को कहा ताकि सांप्रदायिक सद्भाव ना बिगड़े।

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