दादरी के दर्द पर मुआवजे का मरहम, अखिलेश पर लगाया 'गोवध' करने वालों को बचाने का आरोप - Jansatta
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दादरी के दर्द पर मुआवजे का मरहम, अखिलेश पर लगाया ‘गोवध’ करने वालों को बचाने का आरोप

दादरी के बिसहड़ा गांव में भीड़ के हमले में अखलाक की हत्या पर सियासी हलचलों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए..

दादरी के बिसहड़ा गांव में भीड़ के हमले में अखलाक की हत्या पर सियासी हलचलों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए। उन्होंने पीड़ित परिवार को कुल 45 लाख का मुआवजा दिया। दूसरी ओर 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी रहे भाजपा के विवादास्पद विधायक संगीत सोम निषेधाज्ञा की परवाह किए बिना रविवार को दादरी पहुंचे और अखिलेश यादव पर ‘गोवध’ करने वालों को बचाने का आरोप लगाया।

रविवार को अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री ने अखलाक के परिजनों से भेंट की और उन्हें कुल 45 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने इसके पहले परिजनों को 20 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा की थी। रविवार को उन्होंने अखलाक के तीन भाइयों को भी पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों भाइयों की माली हालत बेहद खस्ताहाल होने की वजह से उन्हें मदद देने का फैसला किया गया है। घटना में गंभीर रूप से घायल अखलाक के पुत्र का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की घोषणा करते हुए अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अखलाक के परिवार के साथ लगभग एक घंटे चली मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब अखिलेश यादव ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आर्थिक रूप से बेहद कमजोर अखलाक के तीन भाइयों को पांच-पांच लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि घटना में गंभीर रूप से घायल अखलाक के बेटे के इलाज में पूरा खर्च राज्य सरकार करेगी। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे जिस अस्पताल में चाहें, अखलाक के बेटे का इलाज करा सकते हैं।

अखलाक के परिजनों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस घटना के पूर्व उनके गांव में कभी ऐसी परिस्थिति पैदा नहीं हुई जिससे सांप्रदायिक सौहार्द पर आंच आई हो। परिजनों का कहना था कि इस घटना के पूर्व गांव के सभी लोग मिल-जुलकर रहते थे। उन्हें किसी साजिश की भनक तक नहीं हुई। परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिलाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना के जरिए जो लोग प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की नसीहत देते हुए पूरे घटनाक्रम में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।

दूसरी ओर दादरी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला रविवार को गहरा गया और 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में भड़काने वाले भाषण देने के आरोपी भाजपा के विवादास्पद विधायक संगीत सोम ने रविवार को दादरी पहुंचकर आरोप लगाया कि सपा सरकार मुसलिमों का तुष्टीकरण कर रही है और निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार ‘गोवध’ करने वालों को बचा रही है। अखिलेश पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाते हुए सोम ने कहा कि वे इसे सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। सोम ने कहा, ‘जिस तरह से वे (सपा) मुजफ्फरनगर के आरोपियों को विमान में ले गए थे, वे उन लोगों को भी विमान में ले गए जिन्होंने गोवध किया’। हालंकि रविवार को ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि घटना को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए या इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

मामले में पुलिस ने शनिवार को दो लोगों विशाल और शिवम को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक स्थानीय भाजपा नेता का पुत्र बताया गया। बहरहाल, भाजपा नेता हरीश ठाकुर ने इस बात से इनकार किया है कि आरोपी का पिता भाजपा का कोई पदाधिकारी है और कहा कि वह भाजपा समर्थक हो सकता है।

सोम ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार ने क्यों एआइएमआइएम नेता असादुद्दीन ओवैसी को गांव जाने और सांप्रदायिक माहौल बनाने की इजाजत दी। विधायक ने कहा, ‘ओवैसी जैसे व्यक्ति को हैदराबाद से आने की अनुमति दी गई। क्या समाजवादी पार्टी की उनके साथ सांठगांठ है। यह सरकार एक विशेष समुदाय के तुष्टीकरण का प्रयास कर रही है। वे तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’।

इस मामले में गिरफ्तारियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘हम यह नहीं चाहते कि हत्या के दोषी पर मुकदमा नहीं चले। लेकिन सरकार को निर्दोष लोगों को फंसाना बंद करना चाहिए’। भाजपा विधायक सोम ने कहा, ‘क्या यहां आतंकवादी रह रहे हैं। पुलिस को जांच पूरी करने के बाद ही गिरफ्तारी करनी चाहिए’। उन्होंने अखलाक की मां असगरी, भाई मोहम्मद अफजल और पुत्री शाइस्ता से मिलने के बाद आरोप लगाया, ‘राजनीति करने वाले कोई भी आरोप लगा सकते हैं’।

वहीं अखलाक के बड़े भाई अख्तियार अहमद ने इस दुख की घड़ी में साथ देने के लिए मीडिया और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा ‘हम अपनी सरकार से न्याय की आशा करते हैं, इसलिए मुख्यमंत्री जी से मिले हैं’।

वहीं कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र में उसकी सरकार को ऐसी घटनाओं को लेकर हमला बोला और कहा कि सभी प्रगतिशील सोच के लोगों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। कांगे्रस नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘सरकार यह निर्देश देना चाहती है कि लोग क्या खाएं, क्या पहनें और कैसे बात करें। लिहाजा यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी प्रगतिशील, उदारवादियों और सही सोच रखने वालों को मिलकर खड़ा होना चाहिए’।

अपनी-अपनी सांप्रदायिकता

* यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। किसी को भी इस घटना को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।… राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री

* परिवार दुखी है। जिस गांव में वे न जाने कब से रहते थे, एक-दूसरे से व्यवहार भी ’अच्छा था लेकिन पता नहीं यह जहर किसने घोल दिया। वे सोच भी नहीं सकते थे कि ऐसा हो जाएगा। मैं उन्हें और देश को फिर भरोसा दिलाता हूं कि परिवार की मदद होगी।… अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

* सपा सरकार मुसलिमों का तुष्टीकरण कर रही है और निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।… अखिलेश

* ‘गोवध’ करने वालों को बचा रहे हैं और इसे सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। जिस तरह से वे (सपा) मुजफ्फरनगर के आरोपियों को विमान में ले गए थे, वे उन लोगों को भी विमान में ले गए जिन्होंने गोवध किया।… संगीत सोम, भाजपा विधायक

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