महाराष्ट्र के तट से टकराकर कमजोर पड़ा तूफान निसर्ग, 50 की रफ्तार से बढ़ रहा आगे

मुंंबई से सौ किलोमीटर दूर अलीबाग में इसका ज्यादा असर और नुकसान रहा। पुणे में दो मरे, रायगढ में एक की मौत, रत्नागिरी में 10 नाविक बचाए गए, कई इलाकों में फसले तबाह, पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

Author नई दिल्ली | June 4, 2020 3:39 AM
चक्रवाती तूफान निसर्ग से महाराष्ट्र के पालघर में मकानों पर गिरे पेड़। (एएनआई)

चक्रवाती तूफान निसर्ग बुधवार दोपहर को महाराष्ट्र के समुद्र तटीय इलाकों से टकराया। मुंंबई से सौ किलोमीटर दूर अलीबाग में इसका ज्यादा असर और नुकसान रहा। रायगढ जिले के अलीबाग के उमटे गांव में 58 साल के एक व्यक्ति के सिर पर बिजली का खंभा गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि पुणे में दीवार गिरने से दो की मौत हो गई। मुंबई के साथ ही ठाणे, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।

तूफान के कारण मुंबई और अलीबाग समेत विभिन्न इलाकों में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 120 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान तटीय इलाकों से टकराया। लेकिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। अब यह 50 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बीती एक सदी में ये पहला चक्रवाती तूफान है, जो महाराष्ट्र के तट से टकराया है। इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार चक्रवाती तूफान आए थे, लेकिन दोनों समुद्र में ही कमजोर पड़ गए थे।

महाराष्ट्र में राजगढ़ की जिला कलेक्टर निधि चौधरी ने कहा कि चक्रवात से रायगढ से 87 किलोमीटर दूर श्रीवर्धन का दिवे आगर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं से श्रीवर्धन और अलीबाग में कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। अभी तक 13,541 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। तटीय क्षेत्र के पास के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 62 गांवों की पहचान की गई है और वहां सतर्कता बरती जा रही है।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक ने कहा कि बल की 43 टीमों को गुजरात और महाराष्ट्र में तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगभग पूरा हो गया है। एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और आश्रय स्थलों में लोगों को सामाजिक दूरी बरकरार रखते हुए जीवनरक्षा संबंधी कौशल के बारे में बताया जा रहा है।

चक्रवाती तूफान निसर्ग के कारण महाराष्ट्र में रत्नागिरि के तट के पास फंसे हुए एक पोत से बुधवार को कम से कम दस नाविकों को बचा कर निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक, पोत को रत्नागिरी के मिरया बंदर क्षेत्र से देखा गया और उसे तट पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्वार-भाटे और भारी बारिश के कारण पोत मिरकवाड़ा के तट के पास चला गया था, जहां से नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।

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