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बंगालः ‘Amphan’ के बाद फूटा जनाक्रोश! धैर्य की अपील कर बोलीं CM ममता बनर्जी- कर दें मेरा सिर धड़ से अलग

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को लोगों से अपील की कि धैर्य बनाए रखें क्योंकि प्रशासन पानी और बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी। (फोटोः पीटीआई)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC चीफ ममता बनर्जी ने चक्रवाती तूफान अम्फान की वजह से अस्त व्यस्त हुई बिजली और बाकी जरूरी सेवाओं को बहाल कराने के लिए शनिवार को कुछ और समय मांगा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा- कैस्ट्रोफोन पर दो दिन हो चुके हैं। हम पूरा दिन और रात मिलकर काम कर रहे हैं। कृपया धैर्य रखें। हम जल्द से जल्द सारी चीजें बहाल करने में लगे हैं। जनता की नाराजगी को लेकर सवाल पूछे जाने पर दीदी बोलीं, “मैं सिर्फ इतना ही कह सकती हूं कि आप मेरा सिर धड़ से अलग कर दें।”

सीएम लोगों से अपील की कि धैर्य बनाए रखें क्योंकि प्रशासन पानी और बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। उन्होंने सरकार के खिलाफ ‘‘नकारात्मक प्रचार’’ को भी खारिज करते हुए कहा ‘‘यह समय राजनीति करने का नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस समय चार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं — कोविड-19, लॉकडाउन, प्रवासी मजदूरों से जुड़े मुद्दे और अब चक्रवाती आपदा।’’

बनर्जी ने कहा कि लोगों को ‘‘जमीनी हकीकत’’ को समझना चाहिए और सहयोग करना चाहिए। बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने में स्थानीय लोगों का सहयोग लें। मुख्यमंत्री ने दक्षिण 24 परगना जिले के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दूसरे दिन हवाई सर्वेक्षण किया। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ हवाई सर्वेक्षण किया था।

दरअसल, चक्रवात अम्फान से प्रभावित कोलकाता के कई इलाकों में पानी और बिजली की आपूर्ति न होने से परेशान लोगों ने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किए।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अत्यधिक कठिनाई में हैं क्योंकि पिछले तीन दिनों से बिजली नहीं आ रही है और न ही पानी की आपूर्ति हो रही है और बिजली आपूर्तिकर्ताओं सीईएससी और डब्ल्यूबीएसईडीसीएल से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारियों ने मौसम कार्यालय द्वारा चक्रवात की गंभीरता के बारे में बार-बार चेतावनी जारी किये जाने के बावजूद कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से की गई तैयारियों में कमी को जिम्मेदार ठहराया, जबकि कई ने बिजली आपूर्तिकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर उंगली उठाई। बहरहाल, दोनों बिजली आपूर्तिकर्ताओं के अधिकारियों ने कहा कि पूरे शहर में हजारों पेड़ उखड़ गए हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है।

चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य को सेना तैनातः कोलकाता और पड़ोसी जिलों के चक्रवात अम्फान से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए सेना तैनात की गई है। एक रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेना की पांच टुकड़ियों को कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है। राज्य के इन तीन हिस्सों ने चक्रवात के कारण सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध के बाद यह तैनाती की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सेना ने चक्रवात अम्फान के बाद कोलकाता शहर प्रशासन की सहायता के लिए तीन जवानों की तीन टुकड़ियां दी हैं।” अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कोलकाता में टॉलीगंज, बालीगंज और बेहाला में सड़क पर से गिरे हुए पेड़ इत्यादि हटाने के औजारों से लैस सेना के जवान तैनात थे। उन्होंने कहा कि उत्तर 24 परगना जिले के न्यू टाउन में और दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में बहाली कार्य के लिए सेना की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। सेना की एक टुकड़ी में वरिष्ठ अधिकारियों और जूनियर कमीशंड अधिकारियों सहित 35 जवान हैं।

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