ताज़ा खबर
 

जनसत्ता विशेष: साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में है बेहतर भविष्य

आभासी दुनिया में होने वाले अपराध साइबर अपराध कहलाते हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने साइबर सुरक्षा का एक अलग विभाग बना रखा है। आज साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अनेक विकल्प मौजूद हैं। साइबर विशेषज्ञ, साइबर कानून के जानकारों की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें करिअर की संभावनाओं का और विस्तार होगा।

Author Published on: April 8, 2020 11:55 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

आज इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक जगह यानी हमारे कंप्यूटर या स्मार्टफोन की स्क्रीन पर लाकर रख दिया है। आज अगर आपकी पहुंच इंटरनेट तक नहीं है तो आप कई क्षेत्रों में पिछड़ सकते हैं। सरकारी कार्यालयों के सारे कामकाज आनलाइन हो रह हैं। देश से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज हो या हमारे निजी जीवन की तस्वीरें और जानकारियां, सब इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइटों, सोशल मीडिया आदि पर हैं। हम आनलाइन बैंकिंग कर रहे हैं। आनलाइन शॉपिंग भी। बेशक इसके लिए हमारे पास पासवर्ड हैं, पर यह भी हकीकत है कि इसमें कभी भी कोई साइबर अपराधी सेंध लगा सकता है।

ऐसे में जरूरत होती है साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ या एथिकल हैकस की, ताकि वो आपके सोशल मीडिया खाते या वेबसाइट को हैक होने से बचाएं, ईमेल या वेबसाइट हैक होन जाने की स्थिति में, हैकर्स का पता लगा सके, उसमें मौजूद डाटा को सुरक्षित रख सके। इंटरनेट में होने वाली ठगी और ब्लैकमेलिंग को रोक सके, आवश्यकता पड़ने पर साइबर कानून के जरिए कानूनी मदद मुहैया करा सके।

क्या है साइबर सुरक्षा

आभासी दुनिया में होने वाले अपराध साइबर अपराध कहलाते हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने साइबर सुरक्षा का एक अलग विभाग बना रखा है। आज साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अनेक विकल्प मौजूद हैं। साइबर विशेषज्ञ, साइबर कानून के जानकारों की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें करिअर की संभावनाओं का और विस्तार होगा। हाल में आई एक खबर के मुताबिक 2022 तक देश को एक लाख से अधिक साइबर सुरक्षा पेशेवरों की जरूरत होगी। साइबर सुरक्षा के तहत इंटरनेट पर मौजूद डाटा की सुरक्षा करना और उसे गलत हाथों में पड़ने से रोकना है। इंटरनेट मुख्यत नेटवर्किंग का एक विस्तारित स्वरूप है। इस स्वरूप मेंं मौजूद डाटा की सुरक्षा और नेटवर्क में उपलब्ध सिस्टम को हैकर से बचाने की जिम्मेदारी साइबर सुरक्षा विभाग की होती है।

करिअर की संभावनाएं
सीधे-सीधे कहें, तो साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करिअर के विकल्प के रूप में साइबर सुरक्षा अधिकारी या साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, साइबर कानून विशेषज्ञ और एथिकल हैकर, लेकिन इन विकल्पों के भीतर रोजगार के कई तरह के विकल्प और पद मौजूद हैं। साइबर सुरक्षा पेशेवर के रूप में आप एक सम्मानजनक पद और अच्छा वेतन पा सकते हैं। इसके तहत कंपनियों में मौजूद कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा की कमियों का पता लगा कर उन्हें सुरक्षित करना होता है ताकि कोई हैकर उन तक न पहुंच पाए।

योग्यता और वेतन
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करिअर शुरू करने के लिए स्नातक होना अनिवार्य है, लेकिन यहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर को प्रमुखता मिलती है, इसके साथ ही कंप्यूटर और इंटरनेट नेटवर्किंग का अच्छा ज्ञान और हैकर की भांति सोचने समझने की क्षमता भी जरूरी है। इस क्षेत्र की जरूरी ज्ञान देने के लिए कई संस्थान साइबर सुरक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट तथा लंबी अवधि के पाठ्यक्रम कराते हैं। इस क्षेत्र में पद के अनुसार आय भी अच्छी है। शुरुआती स्तर पर कार्यकारी प्रबंधक के तौर पर प्रवेश मिलता है। यदि आपके पास एक साल का अनुभव है तो आप तीन लाख रुपए सालना आय पा सकते हैं। अनुभव बढ़ने के साथ वेतन भी बढ़ता जाता है। पांच साल के अनुभव पर सालाना आठ से दस लाख रुपए तक मिल सकते हैं।
– अरविंद बाली
(कार्यवाहक सीईओ, टेलीकॉम सेक्टर स्किल कांउसिल)

अहम है एथिकल हैकर की भूमिका

साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एथिकल हैकर की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है, इन पेशेवरों को व्हाइट हैट्स या पेनिट्रेशन टेस्टर के नाम से भी जाना जाता है। इनका काम अपने नियोक्ता के लिए किसी निर्धारित कंप्यूटर सिस्टम पर हमला करना होता है ताकि सिस्टम की उन खामियों को पहचाना जा सके। जिन्हें तलाश कर हैकर साइबर अपराधों को अंजाम देते हैं।

सरकारी विभाग हो या निजी कंपनियां अधिकतर अपने कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा के लिए पेशेवर एथिकल हैकर की सेवाएं लेती हैं। सेना, पुलिस बलों, फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं और रक्षा अनुसंधान संगठनों में विशेष रूप से एथिकल हैकरों की मदद ली जाती है। एथिकल हैकर की जासूसी एजंसियों में भी मांग होती है।
कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का अच्छा ज्ञान इस कार्यक्षेत्र का आधार है। इसलिए कंप्यूटर साइंस या

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री का होना आवश्यक है। इसके अलावा यदि कोई उम्मीदवार एमटेक या एमसीए है तो और भी बेहतर है।

इस क्षेत्र के प्रमुख पाठ्यक्रम : एथिकल हैकिंग में सर्टिफिकेट कोर्स, पीजी डिप्लोमा इन इंफॉमेंशन सिक्योरिटी एंड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन, एमएससी इन साइबर फोरेंसिक्स एंड इंफोर्मेंशन सिक्योरिटी, एमटेक इन साइबर सिक्योरिटी एंड इंफॉर्मेंशन सिक्योरिटी, सर्टिफाइड एथिकल सिक्योरिटी प्रोफेशनल, पीजी डिप्लोमा इन आइटी सिक्योरिटी एवं एडवांस डिप्लोमा इन एथिकल हैकिंग।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Video: तबलीगी जमात वाले बम बन कर न‍िकल रहे, डंडों से इनका इलाज हो- एमएच खान का हमला
2 Corona से लड़ाई: यूपी के 15 जिलों के 104 हॉटस्पॉट सील, यहां देखें पूरी लिस्ट
3 पीएम मोदी ने कहा- मेरे सम्मान में 5 मिनट खड़े होने की बात अफवाह, यह मोदी को विवाद में घसीटने की खुराफात