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सीवीसी को भ्रष्ट कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार

सबसे ज्यादा नौ मामले कार्मिक मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए लंबित पड़े हैं। कार्मिक मंत्रालय केंद्रीय कर्मचारियों के भ्रष्टाचार - रोधी मामलों में कार्रवाई करने का नोडल विभाग है।

सीवीसी को 79 भ्रष्ट कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) केंद्र सरकार के 79 कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के लिए पिछले चार महीने से ज्यादा समय से सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इन कर्मचारियों में एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी भी शामिल है।
सीवीसी के नवीन आंकड़ों के मुताबिक , कुल 41 मामलें लंबित हैं , जिनमें मुकदमा चलाने के लिए संबंधित सरकारी विभागों की मंजूरी की जरूरत है।

सबसे ज्यादा नौ मामले कार्मिक मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए लंबित पड़े हैं। कार्मिक मंत्रालय केंद्रीय कर्मचारियों के भ्रष्टाचार – रोधी मामलों में कार्रवाई करने का नोडल विभाग है। उत्तर प्रदेश सरकार के पास आठ मामले लंबित पड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक, कैनरा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और आईडीबीआई बैंक के पास चार मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों में बैंकों के 13 कर्मचारी शामिल हैं।

इसी तरह भ्रष्ट कर्मचारियों से जुड़े तीन मामले केंद्र शासित प्रदेशों के पास लंबित हैं जबकि रक्षा मंत्रालय, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के पास दो – दो मामले मंजूरी के लिए पड़े हैं। नियमों के मुताबिक, मुकदमे चलाने के लिए चार महीने के भीतर फैसला लेना होता है। एक वरिष्ठ सीवीसी अधिकारी ने कहा, “इन मामलों पर चार महीने से ज्यादा बीत जाने से मंजूरी नहीं दी गई है। हमने इन अनुरोधों पर तेजी से काम करने के लिए सरकारी विभागों और बैंकों को रिमाइंडर भेजा है।”

कांग्रेस ने ‘येदियुरप्पा डायरी’ की लोकपाल जांच की मांग की: कांग्रेस ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से जुड़ी कथित डायरी के मामले में सोमवार को नए सिरे से दावा किया कि अब वह मूल डायरी ही सामने आ गई है तथा इस मामले में लोकपाल को स्वत: संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक डायरी का वीडियो जारी करते हुए यह आरोप लगाया कि येदियुरप्पा ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को करोड़ों रुपये दिए। सिब्बल द्वारा जिस डायरी का वीडियो जारी किया गया उसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके आरोप पर भी फिलहाल भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि उनके कार्यकाल में कोई घोटाला नहीं हुआ। जबकि ऐसा नहीं है। येदियुरप्पा डायरी के बारे में हमने पहले भी बात की थी। अब हम आपके सामने वह मूल डायरी रख रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘जब भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार के बारे में कुछ सामने आता है तो प्रधानमंत्री जी खामोश रहते हैं।’’

सिब्बल ने कहा, ‘‘ इस डायरी से साफ है कि भाजपा की केंद्रीय समिति के लोगों को पैसे दिए गए। हमने यह मांग की थी कि इसमें जांच होनी चाहिए। लोकपाल की पहली जांच यही होनी चाहिए। इस बारे में प्रधानमंत्री और मंत्रियों से सवाल करने चाहिए।’’ एक सवाल के जवाब में सिब्बल ने कहा कि लोकपाल को इस डायरी पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ इस पर प्रधानमंत्री को जवाब देने चाहिए। अगर प्रधानमंत्री कहते हैं कि येदियुरप्पा जी ने झूठ बोला है तो येदियुरप्पा को गिरफ्तार करना चाहिए। अगर यह सत्य है तो इसमें शामिल लोगों को जवाब देना होगा।’’

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