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खो रहा बचपन: SC जज बोले- बच्चों पर हर साल हो रहे 13000 क्राइम, तीन साल में 89423 से बढ़कर हो गया 1.29 लाख आंकड़ा

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 2017 में देश में जुवेनाइल द्वारा किए गए अपराधों की संख्या 33,000 थी, जो कि देश में होने वाले कुल अपराधों का 0.67% था।

justice dy chandrachudजस्टिस डीवाई चंद्रचूड़। (एएनआई इमेज)

सुप्रीम कोर्ट के जज डीवाई चंद्रचूड़ ने आज दिल्ली में नेशनल जुवेनाइल जस्टिस कंसल्टेशन कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में काफी तेजी आयी है। साल 2014 में जहां बच्चों के खिलाफ अपराध की 89,423 घटनाएं हुई, वहीं तीन साल बाद 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,29,000 हो गया।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि ना सिर्फ बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेजी आयी है, बल्कि नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है। उन्होंने बताया कि 2017 में देश में जुवेनाइल द्वारा किए गए अपराधों की संख्या 33,000 थी, जो कि देश में होने वाले कुल अपराधों का 0.67% था।

बता दें कि बीते दिनों सरकार ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) का डाटा जारी किया था। इसके अनुसार भी बच्चों के खिलाफ अपराध में तेजी आयी है। हालांकि बच्चों के खिलाफ अपराध में तेजी का कारण बच्चों के प्रति अपराधों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ना भी माना जा रहा है। एनसीआरबी डाटा के अनुसार, बच्चों के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दर्ज हुए।

देश के मेट्रो शहरों की बात करें तो पोक्सो के तहत सबसे ज्यादा मामले दिल्ली में दर्ज हुए। इसके बाद मुंबई, पुणे और बेंगलुरू का नाम आता है।

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