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चंडीगढ़ दौरा: श्मशान भी बंद, प्रधानमंत्री की सुरक्षा को शवों से खतरा!

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार चंडीगढ़ के दौरे पर आए। सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के सेक्टर-25 स्थित मुख्य श्मशान तक सड़क..

Author चंडीगढ़ | September 12, 2015 9:42 AM
नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे पर सेक्टर-25 स्थित शवदाह गृह को जाने वाली सड़क को बंद कर देने से यहां शवों के अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाए। (पीटीआई फोटो)

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार चंडीगढ़ के दौरे पर आए। वह यहां आए थे चंडीगढ़ हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन करने। लेकिन सुरक्षा इंतजामों के नाम पर अति के कारण शहरवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। आलम यह था कि सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के सेक्टर-25 स्थित मुख्य श्मशान तक सड़क पर यातायात रोक देने के कारण लोगों को मोहाली व मनीमाजरा में शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने बाद में चंडीगढ़ के लोगों को हुई असुविधा के लिए अफसोस जताते हुए कहा कि जो हुआ, उससे पूरी तरह बचा जा सकता था। इस बारे में जवाबदेही तय करने के लिए जांच के आदेश दिए जाएंगे।

सेक्टर-25 स्थित शवदाह गृह को जाने वाली सड़क को बंद कर देने से यहां शवों के अंतिम संस्कार भी नहीं  हो पाए। इस सड़क को मोदी की रैली स्थल के नजदीक होने के कारण बंद कर दिया गया था। श्मशान को दरअसल पार्किंग में तबदील कर दिया गया था। 1999 में पाकिस्तान के साथ हुई करगिल जंग में बहादुरी दिखाने वाले सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर देविंदर सिंह को अपने दिवंगत बेटे का अंतिम संस्कार मोहाली में करना पड़ा। उनके बेटे की गुरुवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

मुख्य श्मशान पर काम करने वाले विजय कुमार ने बताया कि प्रधामंत्री के दौरे के कारण तीन लोगों को अपने अंतिम संस्कार मनीमाजरा में करने पड़े, जो यहां से काफी दूर है। सूत्रों ने बताया कि दुखी परिवारों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार कुछ घंटे देरी से करा लेने को भी कहा गया था। इस बारे में एक बाशिंदे का कहना है कि प्रशासन को चाहिए था कि वह सेक्टर-25 में मुख्य श्मशान तक प्रवेश पर पाबंदी की सूचना पहले से देता।

इधर, मोदी के दौरे के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाने का फैसला लिए जाने के बाद कई कांग्रेस नेताओं की धरपकड़ हुई। सीटीयू की लोकल बस सेवा भी मोदी के दौरे के कारण प्रभावित हुई क्योंकि करीब 350 बसों के बेड़े में से उसकी 40 बसें प्रशासन ने ली थीं। मोदी के शहर में दौरे के कारण सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे। ट्रैफिक पुलिस ने महत्त्वपूर्ण मार्गों पर वाहनों की आवाजाही में भी फेरबदल किया था, जिससे बाशिंदों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा प्रशासन ने पहले ही शहर के सभी स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने के आदेश जारी किए थे। अब से पहले प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चंडीगढ़ के दौरे पर आते रहे हैं पर स्कूल बंद रखने के आदेश अब से पहले कभी नहीं दिए थे। ऐसा पहली बार हुआ कि चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में प्रधानमंत्री के दौरे के लिए सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए। यहां यूटी प्रशासन में तैनात एक आला अधिकारी ने बताया कि स्कूल बंद रखने का फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए लिया गया वरना प्रधानमंत्री के आने-जाने के समय और स्कूलों की छुट्टी होने पर बच्चों को परेशानी होती।

कई व्यस्त मार्गों को बंद कर देने से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई। मोदी के काफिले को गुजरने देने के लिए सड़क पर यातायात 10-15 मिनट के लिए रोका गया। पैदल यात्रियों को भी नहीं गुजरने दिया गया। स्थानीय बाशिंदों ने मोदी के दौरे से हुई असुविधाओं पर रोष जताया।

शहर में अपने चार घंटे के ठहराव के दौरान मोदी ने यहां तीन कार्यक्रमों में शिरकत की। यहां आलातरीन हवाई अड्डा परिसर का उद्घाटन किया, पीजीआइ में दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटीं और सेक्टर-25 में जनसभा को संबोधित किया।
* श्मशान घाट भी किए बंद * मनीमाजरा में करने पड़े अंतिम संस्कार * प्रधानमंत्री ने जताया खेद

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