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थाने में हुई अर्नब गोस्वामी की पेशी: दो घंटे पूछताछ, ढाई घंटे कराया इंतज़ार; कहा- फिर बुलाएंगे

यह पूछताछ पीधोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में थी, जिसमें रज़ा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के सचिव इरफ़ान अबुबकर शेख ने आरोप लगाया था कि गोस्वामी अपने टेलीविज़न शो के माध्यम से देश के सांप्रदायिक सौहार्द (communal harmony) को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: June 11, 2020 7:44 AM
Arnab Goswamiअर्नब गोस्वामी से एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई। (file)

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी और चैनल के मुख्य वित्तीय अधिकारी एस सुंदरम से बुधवार को एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई। यह पूछताछ पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में थी, जिसमें रज़ा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के सचिव इरफ़ान अबुबकर शेख ने आरोप लगाया था कि गोस्वामी अपने टेलीविज़न शो के माध्यम से देश के सांप्रदायिक सौहार्द (communal harmony) को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

3 मई को की गई एफ़आईआर के मुताबिक शेख ने पुलिस को बताया “गोस्वामी ने 29 अप्रैल को एक शो के दौरान देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा करने की कोशिश की थी। चैनल ने 14 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास इकट्ठा हुए प्रवासियों के विरोध प्रदर्शन का प्रसारण किया था। शो के दौरान गोस्वामी ने लोगों से सवाल किया कि लॉकडाउन की स्थिति में भीड़ मस्जिदों के पास ही क्यों जमा होती है।” शिकायतकर्ता ने पेन ड्राइव पर शो की फुटेज रिकॉर्ड कर पुलिस को दी है। इस मामले में फुटेज को पुलिस सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगी। पायधुनी पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153 A, 295 A, 500, 505 (2), 511 और 120 (B) के तहत मामला दर्ज किया है।

पायधुनी पुलिस ने गोस्वामी को पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें पायधुनी के बजाय एन एम मार्ग पुलिस थाने में पेश होने की इजाजत दी थी। दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण के अत्यधिक मामले सामने आने के कारण पायधुनी को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट में उनके वकील की याचिका पर टीवी एंकर को एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में पेश होने की अनुमति दी है।

सुंदरम को सुबह 11 बजे पुलिस स्टेशन बुलाया गया। उनसे साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई। पुलिस स्टेशन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए सुंदरम ने कहा, “सवाल लगभग वही थे जो उन्होंने पहले पूछे थे। पूछताछ शुरू होने से पहले, मैंने उन्हें बताया कि मैं एडिटोरियल से नहीं हूं और उस संबंध में प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम नहीं हूं। शो से संबंधित कोई सवाल नहीं था। ”

गोस्वामी को दोपहर 2 बजे पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। इसके बाद करीब ढाई घंटे उन्हें इंतजार कराया गया। इसके बाद शाम 4.30 बजे उनसे लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गई। थाने के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए गोस्वामी ने आरोप लगाया उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध से और मीडिया से जुड़े कार्यों में जानबूझ कर व्यवधान डालने के लिये यह कार्रवाई की जा रही है।

गोस्वामी ने कहा, “वे मुझे एक 40-सेकंड की वीडियो क्लिप दिखा रहे थे, जिसके आधार पर वे मुझसे पूछताछ कर रहे थे। मैंने साबित किया है कि उन्होंने पूरे शो की तीन प्रतिशत क्लिप ली है और इसे एडिट किया गया है। मैंने उन्हें शो के अन्य वीडियो क्लिप दिखाये और उनके सवालों का सामना किया। इसके बाद उनके पास पूछने के लिए कुछ नहीं था। तो उन्होंने मुझसे ट्विटर और फेसबुक अकाउंट के बारे में पूछना शुरू कर दिया। उन्होंने कुछ घंटों बाद मुझे जाने को कहा और मुझे बताया कि वे आगे जांच के लिए मुझे फिर से बुलाया जाएगा।

उन्होंने कहा, “पालघर और बांद्रा प्रवासियों के प्रदर्शन की कवरेज के लिये मैं हमेशा खड़ा हूं। नये भारत में न्यू मीडिया मजबूत हो रहा है। यह लुटियंस ब्रिगेड के आत्मावलोकन करने का वक्त है।” यह पूछे जाने पर कि चैनल के सीएफओ को पूछताछ के लिये क्यों बुलाया गया, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संकेत दिया कि यह चैनल के कामकाज की प्रक्रिया को समझने का हिस्सा हो सकता है।

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