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कोरोनाः छत्तीसगढ़ में कचरा गाड़ी में ढोकर लाए जा रही लाशें, अफसर बोले- ये CMO, नगर पंचायत की व्यवस्था में है

छत्तीसगढ़ में लगतार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से के रायपुर के किसी भी अस्पताल में नए मरीज़ों के लिए कोई जगह नहीं है।

राजनांदगांव में कोरोना पीड़ितों के शव के अंतिम संस्कार के लिए जब वाहन नहीं मिला तो स्वास्थ्यकर्मियों ने शव को कचरे की गाड़ी में ही डाल दिया गया। (फोटो – फेसबुक/PukeshKumar28)

कोरोना की दूसरी लहर की वजह से देश के हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने पहले ही ख़राब देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को वेंटिलेटर पर ला दिया है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांवसे आई तस्वीर इस बात को और भी पुख्ता करती है। राजनांदगांव में कोरोना पीड़ितों के शव के अंतिम संस्कार के लिए जब वाहन नहीं मिला तो स्वास्थ्यकर्मियों ने शव को कचरे की गाड़ी में ही डाल दिया गया। कचरे की गाड़ी में शव को ढ़ोने की तस्वीर जब वायरल हुई तो अधिकारियों ने एक दूसरे के ऊपर दोष मढ़ना शुरू कर दिया।

दरअसल राजनांदगांव जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव में दो सगी बहनों समेत तीन लोगों की मौत तय वक्त पर ऑक्सीजन ना मिलने के कारण हो गई। वहीं गांव के ही सरकारी अस्पताल में एक कोरोना पीड़ित व्यक्ति की मौत हो गई। जिसके बाद जिला प्रशासन ने अमानवीयता का परिचय देते हुए सभी चार शवों को उचित वाहन की बजाय नगर पंचायत की कचरा ढ़ोने वाली गाड़ी में रख दिया। नगर पंचायत की कचरा ढ़ोने वाली गाड़ी से ही शवों को श्मशान ले जाया गया।

कचरा गाड़ी से मृतकों के शव ढ़ोने की फोटो जब सोशल मीडिया पर तैरने लगी तो अधिकारियों ने एक दूसरे के ऊपर दोष मढ़ना शुरू कर दिया। राजनांदगांव के सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी ने सफाई देते हुए कि शवों को उनके परिवारजनों या मुक्तिधाम तक ले जाने की जिम्मेदारी सीएमओ और नगर पंचायत की है। इसके अलावा पत्रिका समाचार पत्र से राजनांदगांव के सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी ने कहा कि शवों को ढ़ोने वाले वाहन दुर्ग और राजनांदगांव जिले में एक साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में शव वाहन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण गाड़ी को पूरी तरह से साफ़ करके सैनिटाइज किया गया और उसमें शव को ढ़ोया गया।

छत्तीसगढ़ में लगतार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से के रायपुर के किसी भी अस्पताल में नए मरीज़ों के लिए कोई जगह नहीं है। इतना ही नहीं दवाई के दुकानों पर भी काफी भीड़ दिखाई दे रही है। इसके अलावा श्मशान घाट में भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल में बेड की कमी से निपटने के लिए राजनांदगांव के प्रेस क्लब ने अपने परिसर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया है। प्रेस क्लब के सदस्यों ने कोरोना रोगियों के लिए 30 बिस्तरों की व्यवस्था की है।

बता दें कि पिछले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ में कोरोना के 15,256 नए मामले सामने आए। वहीं 105 लोगों की मौत इस महामारी की वजह से हो गई। फ़िलहाल राज्य में कुल 121769 मामले सक्रिय हैं।

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