ताज़ा खबर
 

पाकिस्तानी टिड्डियों की भारत के छह राज्यों में घुसपैठ

दरअसल ये टिड्डियां ईरान से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रेगिस्तान के रास्ते भारत के बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में घुसी हैं। चार देशों की समस्या होने के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ भी टिड्डी प्रकोप से फसलों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठा रहा है।

Author नई दिल्ली | Published on: May 25, 2020 4:49 AM
फसलों पर लगे टिड्डे।

राजस्थान के बाद टिड्डियों के प्रकोप ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। दौसा पहुंचा टिड्डियों का झुंड हवा की दिशा पलटने से बेशक फिलहाल मंदसौर होते हुए मध्य प्रदेश के सीहोर जिले तक घुस गया है। इन इलाकों की मूंग की करीब आठ हजार करोड़ रुपए की फसल को टिड्डी झुंड तबाह कर सकते हैं। लिहाजा मध्य प्रदेश सरकार चौकन्नी हुई है। पर चिंता उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को भी हो रही है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से उसके 17 जिलों में टिड्डियां तबाही मचा सकती हैं।

टिड्डियों के झुंड यों तो राजस्थान में पाकिस्तान से पिछले साल भी घुसे थे और फसलों को सफाचट कर गए थे। पर तब ये झुंड जुलाई में मानसून के साथ आए थे। इस बार इन्होंने राजस्थान में श्रीगंगानगर में दस्तक अप्रैल में ही दे दी। फसलों की बर्बादी के अलावा जल्दी आक्रमण होने का एक खतरा प्रजनन का भी है। जून में अंडे दिए तो इनका प्रजनन कई गुना होने का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए केंद्र सरकार ने खुद तो जरूरी कदम उठाए ही हैं, प्रभावित राज्यों को भी चौकसी बरतने की सलाह दी है।

दरअसल ये टिड्डियां ईरान से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रेगिस्तान के रास्ते भारत के बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में घुसी हैं। चार देशों की समस्या होने के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ भी टिड्डी प्रकोप से फसलों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठा रहा है। चारों देशों के प्रतिनिधियों की मार्च में नई दिल्ली के एफएओ दफ्तर में इस समस्या को लेकर बैठक भी हुई थी। केंद्र सरकार ने टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों के हवाई छिड़काव के लिए इंगलैंड से हेलिकॉप्टर किराए पर लेने का अनुबंध भी कर लिया था। कोरोना संक्रमण के कारण पूर्णबंदी लागू हुई तो ये हेलिकॉप्टर अभी पहुंच नहीं पाए।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, हाथरस, इटावा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, ओरैया, जालौन, कानपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर व ललितपुर कुल 17 जिलों में किसानों को आगाह कर दिया है। कीटनाशकों के छिड़काव के लिए 204 ट्रैक्टर किराए पर ले लिए हैं। राजस्थान से लगे पंजाब और हरियाणा के सीमाई जिलों में भी टिड्डी-प्रकोप की आशंका बढ़ी है। सब्जी किसानों को खतरा ज्यादा है। टिड्डी चेतावनी संगठन के उपनिदेशक केएल गुर्जर के मुताबिक टिड्डियों के झुंड दिन में उड़ान भर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। रात में ये फसलों को खा जाते हैं। एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले झुंड एक दिन में इतनी फसल सफाचट कर देते हैं जो 35 हजार लोगों के भोजन के लिए पर्याप्त हो।

राजस्थान सरकार को टिड्डी नियंत्रण के लिए केंद्र ने शुक्रवार को 14 करोड़ रुपए की सहायता मंजूर कर दी। मध्य प्रदेश को भी 51 लाख रुपए दिए गए हैं। यहां मुरैना, ग्वालियर से लेकर मंदसौर-सिहोर तक टिड्डियों के झुंड घुस गए हैं। इसी तरह गुजरात के भुज और पालनपुर जिलों में भी टिड्डी झुंड दिखे हैं।

किसान रात में जागकर ढोल बजाते हैं, बर्तन पीटते हैं और पटाखे छोड़कर टिड्डियों के झुंडों को भगाते हैं। कीटनाशकों का छिड़काव सरकारी सहायता के बिना मुश्किल होता है। पाकिस्तान सरकार ने तो टिड्डियों के प्रकोप को देखते हुए देश में कृषि आपातकाल ही घोषित कर दिया है। राजस्थान के लिए केंद्र सरकार ने ड्रोन की व्यवस्था से लेकर किसानों के ट्रैक्टर किराए पर लेकर मैलाथियान कीटनाशक के छिड़काव की इजाजत दे दी है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 सर्वे का खुलासा: दस में से नौ मजदूरों की मासिक आय शून्य
2 सामाजिक दूरी: महिला मित्रों ने उठाया अहम बीड़ा
3 दिल्ली जिमखाना क्लब: व्यायामशाला से मधुशाला तक का सफर