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कोरोना के बाद किसानों पर टिड्डियों का प्रकोप

राजस्थान, गुजरात और पंजाब से पाकिस्तान की सीमा लगी है। पिछले तीन दशकों में पाकिस्तान से टिड्डियों के झुंड इन सीमाई राज्यों में आकर भारत की फसलों को नुकसान पहुंचाते रहे हैं।

Author नई दिल्ली | Published on: May 17, 2020 2:35 AM
फसलों पर लगे टिड्डे।

कोरोना की मार झेल रहे कुछ राज्यों के किसानों की चिंता अब टिड्डी दलों ने बढ़ा दी है। राजस्थान, पंजाब और गुजरात के किसान टिड्डी दलों से अपनी फसल की हिफाजत के लिए दवाई छिड़कने से लेकर बर्तन बजाने जैसे जतन कर रहे हैं। टिड्डियों का यह हमला पाकिस्तान के सिंध प्रांत की तरफ से हुआ है। पिछले साल भी इन टिड्डी दलों ने गुजरात और राजस्थान के किसानों की फसलों को तबाह कर दिया था।

राजस्थान, गुजरात और पंजाब से पाकिस्तान की सीमा लगी है। पिछले तीन दशकों में पाकिस्तान से टिड्डियों के झुंड इन सीमाई राज्यों में आकर भारत की फसलों को नुकसान पहुंचाते रहे हैं। इस बार इन टिड्डी दलों ने बरसात से पहले ही धावा बोल दिया है। इस डर से हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी चौकन्नी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग ने तो राजस्थान और हरियाणा की सीमा से लगे अपने जिलों के किसानों और विभागीय अफसरों को एडवाइजरी जारी कर पहले से सतर्क रहने को कहा है।

पर टिड्डियों के प्रकोप का सर्वाधिक असर राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में दिख रहा है। टिड्डी प्रकोप को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शरू हो गया है। सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस समस्या का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया था और किसानों के हित में मदद मांगी थी। वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार राज्य के टिड्डी प्रभावित जिलों में हेलीकाप्टर से कीटनाशक का छिड़काव कराए।

दरअसल केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी राजस्थान के जैसलमेर-बाडमेर क्षेत्र से ही नाता रखते हैं। टिड्डियों का प्रकोप इन जिलों में सबसे ज्यादा है। चौधरी ने गहलौत सरकार पर इस मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। टिड्डी के प्रकोप की समस्या की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसी हफ्ते एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। जिसमें तय हुआ कि ड्रोन किराए पर लेकर टिड्डियों के प्रकोप से कारगर ढंग से निपटा जाएगा।

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी के मुताबिक पिछले साल टिड्डियों ने पाली, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाडमेर, श्रीगंगानगर, अजमेर व नागौर जिलों में बाजरे, ज्वार, ग्वार, प्याज की फसल व अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंचाया था। इस बार सरकार की कोशिश है कि टिड्डी-दलों के ग्रीष्म प्रजनन को रोक दिया जाए।

पंजाब का फाजिल्का जिला भी प्रभावित होता है। लाखों की संख्या में टिड्डी दल जिस खेत पर धावा बोलते हैं, उसकी घास तक भी सफाचट कर जाते हैं। बकौल चौधरी जल्द ही प्रभावित इलाकों में कीटनाशकों का हवाई स्प्रे कराया जाएगा। टिड्डियों के प्रकोप से बचाव में राज्यों के साथ समन्वय और सीमा सुरक्षा बल के सहयोग लेने की भी योजना बनी है।

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