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बॉर्डर सील: केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, राज्य संग मिलकर बनाएं दिल्ली-एनसीआर के लिए कॉमन पास

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामले के तथ्यों के आलोक में हमारी राय है कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी राज्य की सीमाओं पर अंतर्राज्यीय आवागामन सुगम बनाने के लिये एक साझा कार्यक्रम और पोर्टल तैयार करने के लिये संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की एक बैठक आहूत करेगी।

Author नई दिल्ली | Published on: June 4, 2020 9:36 PM
Corona Virus, Covid-19, Supreme Court, Common Passउच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर आवागमन सुगम बनाने के लिये दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की बैठक बुलायी जाये और इस समस्या का सर्वमान्य समाधान खोजा जाये।

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केन्द्र से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर आवागमन सुगम बनाने के लिये दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की बैठक बुलायी जाये और इस समस्या का सर्वमान्य समाधान खोजा जाये। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई के दौरान कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अंतर्राज्यीय आवागमन के लिये एक साझा कार्यक्रम और साझा पोर्टल होना चाहिए।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामले के तथ्यों के आलोक में हमारी राय है कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी राज्य की सीमाओं पर अंतर्राज्यीय आवागामन सुगम बनाने के लिये एक साझा कार्यक्रम और पोर्टल तैयार करने के लिये संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की एक बैठक आहूत करेगी।’’ पीठ ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कदम उठाये जायें। इस मामले में न्यायालय अब 12 जून को आगे सुनवाई करेगा। इससे पहले ही केन्द्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों के साथ बैठक करके आवागमन की अंतर्राज्यीय समस्या का समाधान खोजना होगा।

पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील के इस तथ्य का भी संज्ञान लिया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों के लिए एक नीति, एक पोर्टल और एक पास होना चाहिए जिसे सभी सरकारें स्वीकार करेंगी। पीठ ने याचिकाकर्ता के इस कथन को भी नोट किया कि अलग-अलग सरकार द्वारा अलग-अलग फैसलों की वजह से काफी भ्रम की स्थिति बनी हुयी है, जिसका खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है। इस मामले में केन्द्र की ओर से पेश वकील ने गृह मंत्रालय के 30 मई के आदेश का जिक्र किया और कहा कि इसमें चरणबद्ध तरीके से चीजों को फिर से खोलने के निर्देश दिये गये हैं। इसमें अंतर्राज्यीय आवागमन पर भी किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं रहेगा।
अधिवक्ता अनिंदिता मित्रा के माध्यम से दायर इस याचिका में कोविड-19 महामारी की वजह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में राज्यों की सीमायें सील होने की वजह से यातायात पर लगे प्रतिबंध को लेकर कई सवाल उठाये गये थे।

पीठ ने कहा कि एक सिफारिश में सुझाव दिया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिये एक ही पास होना चाहिए, जो इन राज्यों में भी मान्य हो। पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह इस मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करें। पीठ इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी। हरियाणा की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया कि राज्य ने अपनी सीमाओं पर आवागमन पर लगे सारे प्रतिबंध हटा लिये हैं। शीर्ष अदालत ने एनसीआर की सीमाओं को पूरी तरह से सील किये जाने को लेकर दायर याचिका पर 15 मई को केन्द्र और दिल्ली, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था।

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