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RBI ने नीतिगत ब्याज दर रखी ज्यों की त्यों, वृद्धि दर का अनुमान घटाकर किया 9.5%

गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक, "मुद्रास्फीति में हाल में आई गिरावट से कुछ गुंजाइश बनी है। आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिए हर तरफ से नीतिगत समर्थन की जरूरत है।"

Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: June 4, 2021 12:40 PM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटोः पीटीआई)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार (चार जून, 2021) को अपनी नीतिगत दर रेपो को चार प्रतिशत के मौजूदा स्तर पर बनाए रखा है।

आरबीआई ने कोविड-19 की दूसरी लहर और उससे निपटने के लिए राज्यों में लगाये गये लाकडाउन और कर्फ्यू के बीच चालू वित्त वर्ष 2021-22 की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को पहले के 10.5 प्रतिशत से घटा कर 9.5 प्रतशत कर दिया। यह लगातार छठी समीक्षा है, जिसमें केंद्रीय बैंक ने अपनी एक दिन के उधार की ब्याज दर -रेपो में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की समीक्षा बैठक के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा गया है और आर्थिक वृद्धि को मजबूत बनाने में मदद के लिए मौद्रिक नीति में नरम रुख जारी रहेगा।

दास ने बताया कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 10.5 प्रतिशत से घटा कर 9.5 प्रतिशत किया है। बकौल दास, “2021-22 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.5% है। यह पहली तिमाही में 18.5%, दूसरी तिमाही में 7.9%, तीसरी तिमाही में 7.2% और चौथी तिमाही में 6.6% रहेगी।”

आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, मानसून सामान्य रहने से आर्थिक वृद्धि में मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक का अनुमान है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.1 प्रतिशत रहेगी। समिति का अनुमान है कि मुद्रास्फीति में हाल में आई गिरावट से कुछ गुंजाइश बनी है, आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिये सभी तरफ से नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है।

आरबीआई 17 जून को 40 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा साथ ही दूसरी तिमाही में 1.20 लाख करोड़ रुपये की प्रतिभूति खरीदी जाएंगी। रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा हमारा अनुमान है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डालर से ऊपर निकल गया है। बता दें कि कोविड-19 के कारण देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिसे सहारा देने के लिए नरम मौद्रिक नीति बनाए रखने का शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर की ओर से इस दौरान भरोसा दिया गया।

मौद्रिक नीति से पहले कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स, निफ्टी में सकारात्मक रुखः रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा से पहले शुक्रवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत मामूली ऊंचे रुख में हुई। कारोबार की शुरुआत में पूर्व स्तर के आसपास खुलने के बाद 30 शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 59.24 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 52,291.67 अंक पर रहा। वहीं व्यापक आधार वाला एनएसई निफ्टी 16.85 अंक यानी 0.11 प्रतिशत बढ़कर 15,707.20 अंक पर रहा।

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ओएनजीसी एक प्रतिशत से अधिक लाभ के साथ सबसे अधिक फायदे वाला शेयर रहा। इसके साथ ही एलएण्डटी, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी में भी बढ़त रही। इसके विपरीत नेस्ले इंडिया, डा. रेड्डीज लैब, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, टाइटल और आईटीसी के शेयरों में गिरावट रही। इससे पिछले सत्र में सेंसेक्स 382.95 अंक यानी 0.70 प्रतिशत ऊंचा रहकर रिकार्ड 52,232.43 अंक और निफ्टी 114.15 अंक यानी 0.73 प्रतिशत चढ़कर अब तक के सर्वकालिक उच्चस्तर 15,690.35 अंक पर बंद हुआ था। एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई और हांग कांग में गिरावट रही वहीं टोक्यो और सोल में बढ़त दर्ज की गई। (ANI इनपुट्स के साथ)

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