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Covid 19 Death Toll:CRS डेटा में 2020 के अंदर दर्ज हुईं 4.75 लाख ज्यादा मौत, कोविड डेथ का सरकारी आंकड़ा 1.49 लाख, क्‍या है सही तस्वीर?

नई दिल्लीः एसआरएस डेटा जब भी सामने आएगा वो कोरोना से हुई मौतों की सही तस्वीर बयां करेगा। वैसे सीआरएस की तरह से एसआरएस डेटा भी मौत के कारणों की तह में नहीं जाता है। लेकिन उनके पास फिर भी ज्यादा विस्तृत तरीका होता है मौत के आंकड़ों को जुटाने का।

Covid 19 Death Toll:CRS डेटा में 2020 के अंदर दर्ज हुईं 4.75 लाख ज्यादा मौत, कोविड डेथ का सरकारी आंकड़ा 1.49 लाख, क्‍या है सही तस्वीर?
कोविड-19 से पिछले साल जुलाई में जान गंवाने वाले दो लोगों के शव बेंगलुरु के अस्पताल में मिले (फोटो- प्रतीकात्मक)

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि भारत सरकार मौत के आंकड़ों पर खेल कर रही है। हकीकत में जितने लोग कोविड से मरे, सरकार उनकी वास्तविक संख्या को छिपा रही है। उस दौरान विपक्ष ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर सरकार से जवाब मांगा तो केंद्र का कहना था कि अखबार गलत रिपोर्ट कर रहा है।

फिलहाल जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है उसमें सरकार पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक भारत ने अपने यहां हुईं मौतों की गणना कम की है। डब्ल्यूएचओ भी मान रहा है कि भारत में 40 लाख से ज्यादा मौतें कोविड से हुई हैं जबकि भारत सिर्फ 5,23,889 मौतें बताता है। विदेशी मीडिया का कहना है कि कोरोना से हुई मौतों की संख्या सार्वजनिक करने के काम में भारत टांग अड़ा रहा है। डब्ल्यूएचओ जनवरी में ही ये आंकड़े जारी करना चाहता था लेकिन भारत के विरोध के चलते ऐसा नहीं हो पाया। भारत का कहना है कि वह गिनने की प्रक्रिया और तरीकों से सहमत नहीं है। सरकार का कहना है कि हमारी मूल आपत्ति नतीजों से नहीं बल्कि उन तक पहुंचने के तरीके से है।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने कहा है कि 2020 में हुई मौतों की संख्या 2019 से 4,75,000 ज्यादा थी। हालांकि सरकार इन आंकड़ों को अभी जारी करने के मूड़, में नहीं थी लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन से मौत के आंकड़ों को लेकर हुई खींचतान के बीच भारत सरकार ने मंगलवार को ही आंकड़े जारी कर दिए। रजिस्ट्रार जनरल के मुताबिक पिछले दो साल के मुकाबले 2020 में भारत में मरने वालों की कुल संख्या में पहले से वृद्धि हुई। पहले सरकार ने 2020 में करीब 1 लाख 49 हजार लोगों के मरने की बात कही थी। लेकिन मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह संख्या तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कोविड से मरने वालों की संख्या 40 लाख से ज्यादा है। ये भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से आठ गुना ज्यादा है। पिछले साल अप्रैल और मई में डेल्टा वेरिएंट के कारण आई दूसरी कोरोना लहर में भारत में भयानक तबाही देखने को मिली थी। तब लोगों को बिना ऑक्सीजन और अस्पतालों के बाहर सड़कों पर तड़प तड़प कर मरते देखा गया था। उसी दौरान अमेरिकी अखबार ने मौतों की संख्या पर रिपोर्ट की थी। उसके आंकड़े देखने के बाद हर तरफ एक हड़कंप सा मच गया था।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक भारत में जन्म व मृत्यु की गणना का काम दो तरह से होता है। पहले तरीके में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के जरिए आंकड़ों को दर्ज करने का काम किया जाता है। दूसरे तरीके में सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) से गणना का काम किया जाता है। पहले तरीके में जन्म व मौत का आंकड़ा दिया जाता है। जबकि दूसरे तरीके में अनुमान सामने रखे जाते हैं। तमाम उठापटक को देखें तो साफ है कि सीआरएस डेटा एसआरएस का सबसेट है।

पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखे जाएं तो इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछले साल के मुताबले जन्म व मौत का आंकड़ा हर साल बड़ता रहा है। इसे इस बात से जोड़कर देखा जा रहा है कि सरकार की तमाम स्कीमों की वजह से जन्म व मृत्यु पंजीकरण की तादाद बढ़ी है। पहले की तुलना में अब लोग ज्यादा संजीदा हो चुके हैं। यही वजह है कि 2018 में इनके पंजीकरण में 7.53 फीसदी का उछाल देखने को मिला। जबकि 2019 में पिछले साल की अपेक्षा 9.93 फीसदी ज्यादा मौत दर्ज की गई थीं। 2020 में ये आंकड़ा 6.21 हो गया था। इस साल कुल करीब 81 लाख मौत दर्ज की गई थीं। इन आंकड़ों को देखने के बाद नहीं लगता कि रजिस्ट्रार जनरल के आंकड़े में मौतों का जो आंकड़ा बढ़ा वो ज्यादा हैरत में डालने वाला था।

लेकिन फिर भी माना जा रहा है कि एसआरएस डेटा जब भी सामने आएगा वो कोरोना से हुई मौतों की सही तस्वीर बयां करेगा। वैसे सीआरएस की तरह से एसआरएस डेटा भी मौत के कारणों की तह में नहीं जाता है। लेकिन उनके पास फिर भी ज्यादा विस्तृत तरीका होता है मौत के आंकड़ों को जुटाने का। इसमें कोई शक नहीं कि 2020 में अगर मौत का आंकड़ा बीते साल से ज्यादा है तो इसकी बड़ी वजह कोरोना हो सकता है।

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First published on: 04-05-2022 at 06:33:51 pm
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