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शराब पी कर वाहन चलाने वाला आदमी फिदायीन बम की तरह: अदालत

नशे की हालत में वाहन चलाते हुए एक आत्मघाती मानव बम की तरह आचरण कर रहा था जो ऐसी अवस्था में वाहन चलाने के दौरान अन्य की जान ले सकता था साथ ही साथ यह उसके लिए भी खतरनाक साबित हो सकता था।

Author नई दिल्ली | July 24, 2016 2:43 PM

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने शराब पीकर वाहन चलाने के लिए दोषी ठहराए गए 35 वर्षीय व्यक्ति को मिली जेल की सजा को खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि उसने एक ‘‘आत्मघाती मानव बम’’ की तरह आचरण किया जो ऐसी अवस्था में वाहन चलाते हुए अन्य की जान भी ले सकता था।

बहरहाल, अदालत ने इस बात पर विचार करते हुए कि उसने अपराध पहली बार किया है और उसका दो महीने का बच्चा है उसकी सजा को पांच दिन से घटाकर दो दिन कर दिया। मजिस्ट्रेटी अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार ने कहा, ‘‘मेरी राय में याची इतने अधिक नशे की हालत में वाहन चलाते हुए एक आत्मघाती मानव बम की तरह आचरण कर रहा था जो ऐसी अवस्था में वाहन चलाने के दौरान अन्य की जान ले सकता था साथ ही साथ यह उसके लिए भी खतरनाक साबित हो सकता था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो तथ्य और परिस्थितियां रिकॉर्ड में लाई गई हैं, उन्हें देखते हुए आदेश में मुझे कोई अवैधता या कमी नहीं दिखती है।’’ बहरहाल, अदालत ने दक्षिण दिल्ली के रहने वाले दोषी इंदरजीत सिंह की याचिका पर कहा कि याचिकाकर्ता 35 वर्ष का है और अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य है, परिवार में दो महीने का बच्चा शामिल है और याची ने पहली बार अपराध किया है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, अगर वह दो दिन की साधारण जेल की सजा काटेगा तो ऐसा प्रतीत होता है कि न्याय का उद्देश्य पूरा होगा।

सिंह ने अपनी अपील में कहा था कि वह अपराधी नहीं है और उससे अपराध पहली बार हुआ है। उसने कहा कि उससे अपराध भूलवश हुआ है जिसके लिए वह माफी मांग चुका है। अदालत ने उस पर 4,000 रूपये का जुर्माना लगाया और उसका ड्राइविंग लाइसेंस छह माह के लिए जब्त कर लिया है।

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