किराए के मकान में रहता है तीन हजार करोड़ की हेरोइन मामले का आरोपी दंपती, लॉकडाउन में चली गई थी नौकरी

मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला सुधाकर लंबे समय तक चेन्नई में रहने के कारण धाराप्रवाह तमिल बोलता था। इतना ही नहीं वह हिंदी बोलने में भी पारंगत था।

हेरोइन मामले में पकड़े गए दंपत्ति का चेन्नई स्थित किराए का फ़्लैट (एक्सप्रेस फोटो)

अरुण जनार्दन.

पिछले दिनों गुजरात पोर्ट से 3000 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। इसकी कीमत 21 हजार करोड़ रुपए बताई गई। हेरोइन की जब्ती के बाद की गई जांच में पता चला कि यह आंध्र प्रदेश की एक आशी ट्रेडिंग कंपनी द्वारा आयात किया गया था जिसे एम सुधाकर और उनकी पत्नी जी दुर्गा पूर्णा वैशाली द्वारा चलाया जाता है। तीन हजार करोड़ का हेरोइन आयात करने के मामले में पकड़ा गया दंपती किराए के मकान में रहता है। इतना ही नहीं आरोपी सुधाकर की नौकरी भी लॉकडाउन के दौरान चली गई थी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार हेरोइन मामले में आरोपी दंपती एम सुधाकर और उनकी पत्नी जी दुर्गा पूर्णा वैशाली चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के नजदीक स्थित कोलापक्कम इलाके के किराए के मकान में करीब छह साल से रहता है। इतना ही नहीं उसके पड़ोसियों के अनुसार पिछले साल लगे लॉकडाउन के दौरान एम सुधाकर की नौकरी चली गई थी। उसी दौरान आशी ट्रेडिंग कंपनी की शुरुआत की गई।

मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला सुधाकर लंबे समय तक चेन्नई में रहने के कारण धाराप्रवाह तमिल बोलता था। इतना ही नहीं वह हिंदी बोलने में भी पारंगत था। तमिलनाडु पुलिस के सूत्रों के अनुसार सुधाकर चेन्नई बंदरगाह पर एक कार्गो एजेंट के रूप में नौकरी करता था जबकि पड़ोसियों का कहना है कि उसने उन्हें बताया था कि वह मायलापुर में एक प्रमुख औद्योगिक फर्म में काम करता था। वह काम पर जाने के लिए अपने दोपहिया वाहन की सवारी करता था। उसके पास एक कार भी थी।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के द्वारा किए गए पूछताछ में सुधाकर ने उन्हें बताया कि उसने पिछले साल अगस्त महीने में अपनी पत्नी के नाम से इसे शुरू किया। आशी ट्रेडिंग कंपनी सुधाकर की पत्नी वैशाली के मां के नाम पर ख़रीदे गए फ़्लैट वाले पते पर पंजीकृत है। साथ ही कंपनी को भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय से भी आयात-निर्यात करने का लाइसेंस मिला हुआ था।

पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए चेन्नई दंपती की संलिप्तता पर अधिकारियों को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार आमतौर पर ड्रग व्यापारी वैध लाइसेंस वाले ऐसे ही लो प्रोफाइल एक्सपोर्टर की तलाश करते हैं क्योंकि इससे अफगानी एक्सपोर्टर की तुलना में उनपर कम शक पैदा होता है। शुक्रवार को विशेष एनडीपीएस अदालत ने सुधाकर और उनकी पत्नी वैशाली को रिमांड पर पलारा स्थित विशेष जेल भेज दिया।

डीआरआई ने हेरोइन बरामदगी के मामले में एक अन्य व्यक्ति राजकुमार पी को भी कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर अर्ध-कीमती तालक पत्थरों की खेप की तस्करी ईरान से भारत में करने का आरोपी है। राजकुमार पी ने ईरान में भी काम किया है। जिसकी वजह से उसका ईरान में अच्छा नेटवर्क स्थापित हो गया था। राजकुमार पी को 4 अक्टूबर तक के लिए डीआरआई की हिरासत में भेजा गया है।  

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