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BSNL को बंद करने पर विचार कर रही मोदी सरकार?

बीएसएनएल की कमाई में भी लगातार कमी आ रही है। साल 2015-16 में जहां बीएसएनएल ने 32,411 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं अगले ही साल यह आंकड़ा घटकर 31,533 रह गया।

Author February 13, 2019 2:34 PM
केन्द्र सरकार बीएसएनएल में विनिवेश के साथ ही कंपनी को बंद करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है! (PTI photo/file)

केन्द्र सरकार घाटे में चल रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL को बंद करने पर विचार कर रही है! दरअसल हाल ही में बीएसएनल के शीर्ष अधिकारियों ने टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदरराजन के साथ मीटिंग की थी। इसी मीटिंग में बीएसएनएल को बंद करने, उसमें विनिवेश करने और कंपनी के पुनर्उद्धार संबंधी कई योजनाओं पर विचार किया गया। बीएसएनएल काफी लंबे समय से घाटे में चल रही है और सरकार कई कोशिशों के बाद भी बीएसएनएल को घाटे से उबारने में असफल रही है। बता दें कि साल 2017-18 में बीएसएनएल का कुल घाटा करीब 31,287 करोड़ रुपए रहा है, जो कि साल-दर-साल बढ़ता ही जा रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, बीएसएनएल की कमाई में भी लगातार कमी आ रही है। साल 2015-16 में जहां बीएसएनएल ने 32,411 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं अगले ही साल यह आंकड़ा घटकर 31,533 रह गया। अब साल 2017-18 में बीएसएनएल की कमाई का आंकड़ा घटकर 27,818 करोड़ पर आ गया है। बीएसएनएल के घाटे में कंपनी की बड़ी मैनपॉवर और उनकी सैलरी इजाफा कर रही है। खासकर रिलायंस जियो के बाजार में आने के बाद से बीएसएनएल की हालत ज्यादा खराब हो गई है। सस्ते मोबाइल टैरिफ के कारण कंपनी के लैंडलाइन फोन्स के इस्तेमाल पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएनएल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने टेलीकॉम सचिव के सामने प्रजेंटेशन दी, जिसमें कंपनी के वित्तीय हालात, इसके घाटे, रिलायंस जियो के बाजार में आने से बीएसएनएल पर पड़े इसके असर और कर्मचारियों के संभावित वीआरएस जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग के दौरान खास बात ये रही कि सरकार ने कंपनी के पुनर्उद्धार के साथ ही कंपनी को बंद करने के विकल्प पर भी चर्चा की। सरकार ने कंपनी को सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद एक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बीएसएनएल को घाटे से उबारने के लिए कंपनी के सीनियर कर्मचारियों को वीआरएस देने संबंधी मुद्दे पर भी चर्चा हुई। ऐसी चर्चाएं हैं कि कंपनी में रिटायरमेंट की उम्र सीमा 60 साल के घटाकर 58 साल की जा सकती है। यदि रिटायरमेंट की उम्रसीमा में बदलाव हो जाता है तो कंपनी को साल 2019-20 में करीब 3000 करोड़ रुपए की बचत हो सकती है।

इसके अलावा सरकार ने बीएसएनएल को सुझाव दिया है कि वह अपनी विशाल जमीन और बिल्डिंग्स आदि का मुद्रीकरण कराए। माना जा रहा है कि कंपनी के पास करीब 15,000 करोड़ रुपए कीमत की जमीन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर है। बताया गया है कि मुद्रीकरण का काम डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट द्वारा अगले 2-3 साल में पूरा कर लिया जाएगा।

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