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कब आएगी कोरोना की पहली वैक्सीन? जॉनसन एंड जॉनसन ने 60 हजार लोगों पर शुरू किया तीसरे चरण का ट्रायल

अमेरिका की दो कंपनियां इस वक्त कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में सबसे आगे हैं, जबकि जॉनसन एंड जॉनसन ने भी तीसरे स्टेज के ट्रायल के लिए 60 हजार लोगों की भर्ती शुरू की है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली/ वॉशिंगटन | September 24, 2020 1:46 PM
Covid19 vaccine russia oxford astragenica icmr siiदुनिया के कई देश कोरोना वैक्सीन विकसित करने में जुटे हैं। (AP/PTI)

दुनियाभर में कोरोनावायरस के बढ़ते केसों के चलते कई कंपनियों में जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने की होड़ लगी है। जहां कुछ देशों में तो वैक्सीन को बिना ट्रायल पूरा किए ही लोगों को दिया जा रहा है, तो वहीं अमेरिका और कुछ अन्य लोकतांत्रिक देशों में ट्रायल की स्टेजों को जल्द से जल्द निपटाया जा रहा है, ताकि महामारी से जूझ रही दुनिया को जल्द इससे छुटकारा दिलाया जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वक्त वैक्सीन बनाने में सबसे आगे अमेरिकी कंपनी Pfizer चल रही है, जिसने दावा किया है कि अक्टूबर अंत तक उसे अपनी वैक्सीन के प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य कंपनियों ने भी साल के अंत तक वैक्सीन के ट्रायल पूरे होने की बात कही है।

क्या है वैक्सीनों का हाल?

1. Pfizer: यह अमेरिकी कंपनी जर्मनी की एक कंपनी बायोएनटेक के साथ साझा तौर पर वैक्सीन के ट्रायल में जुटी है। Pfizer को रेस में सबसे आगे माना जा रहा है, क्योंकि इसके तीसरे स्टेज के ट्रायल खत्म होने के करीब हैं। कंपनी ने दावा किया है कि अक्टूबर अंत तक उसे वैक्सीन के प्रभाव के बारे में जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में दिसंबर तक यह वैक्सीन अमेरिकी बाजारों में लॉन्च हो सकती है।

2. मॉडर्ना: इस अमेरिकी कंपनी की संभावित वैक्सीन mRNA-1273 भी ट्रायल्स के अंतिम चरणों में है। कंपनी आखिरी स्टेज के ट्रायल के लिए 30 हजार लोगों की भर्ती शुरू कर चुकी है। अगर मॉर्डना की वैक्सीन को वैक्सीन को उतारने की आपात मंजूरी सरकार से मिलती है, तो दिसंबर के अंत तक इसकी वैक्सीन सामने आ सकती है। मॉडर्ना ने इस साल के अंत तक 2 करोड़ डोज सप्लाई करने का लक्ष्य रखा है।

3. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रा जेनेका: इससे पहले कोरोना के खिलाफ सबसे असरदार और अहम मानी जा रही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रा जेनेका की संभावित वैक्सीन बाजार में आने में कुछ देरी लग सकती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि ब्रिटेन में वैक्सीन लेने वाले एक व्यक्ति में कुछ बीमारी के लक्षण देखे गए थे, जिसके चलते ट्रायल्स को रोक दिया गया था। अब तक यह तो नहीं सिद्ध हुआ है कि वह लक्षण वैक्सीन की वजह से हुए थे या नहीं, पर इंग्लैंड और भारत में वैक्सीन के ट्रायल्स को जारी रखने की मंजूरी दे दी गई। माना जा रहा है कि इसी देरी की वजह से कोरोना वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में ही बाजार में उतरेगी।

4. जॉनसन एंड जॉनसन: अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भी अपनी संभावित कोरोना वैक्सीन के तीसरे स्टेज के ट्रायल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए कंपनी 60 हजार वॉलंटियर्स को इकट्ठा करने की कवायद शुरू कर दी है। अगर यह वैक्सीन प्रभावी पाई जाती है, तो इसकी पहली डोज 2021 की पहली तिमाही में ही बाजार में उतर सकती है।

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