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COVID-19: दिल्ली में कैसे होगा टीकाकरण? जानिए तैयारी

वैक्सीन आने पर सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों, फिर फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बुजुर्गों के बाद आम लोगों को दिए जाने का प्लान है।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: December 13, 2020 10:59 AM
Coronavirus Vaccine, New Delhi, IndiaCOVID-19 Vaccine की एक बोतल लिए हुए हेल्थ वर्कर। (फोटोः AP/PTI)

आस्था सक्सेना।

Covid-19 Vaccine पर एक ओर जहां देश रोडमैप तैयार कर रहा है, वहीं दिल्ली सरकार ने भी टीकाकरण अभियान को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में 609 कोल्ड चेन्स को चिह्नित कर लिया है, जिन्हें हेल्थवर्कर्स के वैक्सिनेशन प्रोग्राम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि वैक्सीन आने पर सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों, फिर फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बुजुर्गों के बाद आम लोगों को दिए जाने का प्लान है।

कोल्ड चेन प्वॉइंट्स प्राथमिक और तृतीयक सुविधाओं में फैले होंगे, जबकि मोहल्ला क्लीनिकों और शहरी सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों, मैटर्निटी होम्स और चिकित्सा केंद्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को टीकाकरण अभियान के लिए उतारा जाएगा। हर जिले में 60 कोल्ड चेन प्वॉइंट्स होंगे।

शुरुआती योजना के मुताबिक, पहले चरण में 1.8 लाख से 2.25 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा। Maulana Azad Medical College (MAMC) में डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन में प्रोफेसर और कोरोना वायरस वैक्सिनेशन प्रोग्राम के लिए पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ.सुनीला गर्ग ने बताया, “दिल्ली में सभी टॉप अस्पतालों को कोल्ड चेन्स के तौर पर यूज किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल टीकाकरण में होगा। ये केंद्र मेडिकल अफसरों द्वारा संभाले जाएंगे।”

राजधानी में सबसे बड़ी कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी सरकार द्वारा संचालित Rajiv Gandhi Super Speciality Hospital को बनाया गया है। यह करीब पांच हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। अफसरों ने बताया कि वैक्सीन यहीं रखी जाएगी और विभिन्न कोल्ड चेन्स प्वॉइंट्स को मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, दिल्ली में पहले से एक कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी है, जो कि सिविल लाइंस इलाके में है। वहां पर पांच मिलियन डोज दो डिग्री से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रखी जा सकती हैं।

सरकार ने इसी के साथ करीब 3500 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जो इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। इनमें से 600 प्राइवेट सेक्टर के हैं, जबकि 200 रेलवे, छावनी आदि के तहत आने वाले हॉस्पिटल्स से नाता रखते हैं। वहीं, 700 मेडिकल ऑफिसर इन कोल्ड चेन प्वॉइंट्स की निगरानी के लिए लगाए जाएंगे।

डॉ.गर्ग ने आगे बताया- राष्ट्रीय स्तर पर अफसरों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और राज्य स्तर का प्रशिक्षण दिल्ली में सोमवार (14 दिसंबर, 2020) से शुरू होगा। उनके मुताबिक, यह ट्रेनिंग इस तरह से होगीः पहले विभिन्न जिलों के अफसर और मेडिकल अधिकारी प्रशिक्षित किए जाएंगे। फिर ये अन्य टीम के सदस्यों को जाकर चीजें सिखाएंगे।

Lok Nayak, Kasturba Gandhi, Baba Saheb Ambedkar, AIIMS, RML और Safdarjung सरीखे अस्पताल उन 609 प्वॉइंट्स में से हैं, जहां पर टीकाकरण किया जाएगा। अफसरों के अनुसार, जरूरत और मांग के हिसाब से ऐसे और केंद्र बढ़ाए जा सकते हैं।

एक ‘सेशन’ में 100 लोग पा सकते हैं टीकाः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ‘COVID-19 Vaccines Operational Guidelines’ के मुताबिक, एक सेशन में 100 लोगों की टीका दिया जा सकता है। अगर लॉजिटिक्स की अनुमति मिलती है, तो वैक्सीन पाने वालों की संख्या बढ़कर 200 भी हो सकती है। वहीं, टीकाकरण के दिन राज्य और केंद्र शासित प्रदेश खुद तय कर सकेंगे। केंद्र के कोरोना पर 112 पेज के दस्तावेज में यह भी बताया गया कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया कमोबेश चुनाव के जैसी ही होगी।

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