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किसे मिलेगी सबसे पहले वैक्सीन? ये मुल्क हैं रेस में सबसे आगे, जानें

भारत बायोटेक के सीएमडी ने बताया कि हम नहीं चाहते कि गलत वैक्सीन से और ज्यादा लोग मरें। बता दें कि हैदराबाद बेस्ड भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है।

corona vaccine coronavirus sii covid19सीरम इंस्टीट्यूट कम आय वाले देशों के लिए 10 करोड़ खुराक बनाएगा।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के केस दिन-ब-दिन दुनिया भर में बढ़ते जा रहे हैं। अब तक इसकी दवा नहीं बन पाई है। विश्व में करीब 100 से अधिक टीमें इस टीके की खोज में दिन-रात लगकर काम कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द यह दवा आए और उसका प्रोडक्शन शुरू हो।

कोरोना की दवा की खोज के बीच रूस दुनिया की सबसे पहली कोरोना वैक्सीन हासिल कर सकता है। कहा जा रहा है कि रूस की यह वैक्सीन 12 अगस्त, 2020 को रजिस्टर करा ली जाएगी, जिसे वहां का Gamaleya National Research Centre और Defence Ministry मिलकर तैयार कर रहे हैं।

Coronavirus Live Updates

वैसे, इस वैक्सीन को विकसित करने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) रूस को सलाह दे चुका है कि वह सुरक्षित और प्रभावी टीके के लिए उसके बताए गए मानकों के अनुसार चले।

बता दें कि जब कंपनी को वैक्सीन के ट्रायल की मंजूरी मिल जाती है तो वह वॉलंटियर्स के लिए विज्ञापन देती है। साथ ही जो लोग वॉलंटियर बनने के इच्छुक हैं वो खुद भी क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री पर जाकर सर्च कर सकते हैं। वॉलंटियर बनने के लिए व्यक्ति का स्वस्थ होना आवश्यक है।

Live Blog

Highlights

    03:53 (IST)11 Aug 2020
    रेमडेसिविर दवाई से काफी राहत की उम्मीद

    कोरोना वैक्सीन का लोगों को बेसब्री से इंतजार है लेकिन जब तक वैक्सीन नहीं आती है तब तक लोगों को रेमडेसिविर दवाई से काफी राहत की उम्मीद है। बता दें कि कोरोना के इलाज में यह दवाई खासी कारगर साबित हो रही है। एम्स में मरीजों के इलाज के लिए इस दवाई का इस्तेमाल हो रहा है और परिणाम काफी उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।

    22:12 (IST)10 Aug 2020
    टीके को लेकर कहां पहुंचा भारत में काम?

    21:36 (IST)10 Aug 2020
    कोरोना वैक्सीन के लिए भारत की दो कंपनियों में होड़

    भारत की दो कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बनाने की होड़ में हैं। इनमें एक है भारत बायोटेक कंपनी और दूसरी है जाइडस कैडिला। बता दें कि जाइडस कैडिला ने डीएनए बेस्ड वैक्सीन विकसित की है। इस वैक्सीन को 3 जुलाई को ह्युमन ट्रायल के लिए अप्रूवल मिला है। वहीं भारत बायोटेक पहले चरण का ट्रायल पूरा कर चुकी है और अब दूसरे चरण के ट्रायल की तैयारी कर रही है।

    20:33 (IST)10 Aug 2020
    कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या इस सप्ताह दो करोड़ तक पहुंच जायेगी: विश्व स्वास्थ्य संगठन

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने अनुमान लगाया है कि इस सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दो करोड़ तक पहुंच जायेगी, जिनमें लगभग 7,50,000 मौत के मामले शामिल हैं।

    डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस ने सोमवार को कहा कि ‘‘इन आंकड़ों के पीछे बहुत दर्द और पीड़ा है।’’ उन्होंने वायरस से लड़ने के लिए कोई नई रणनीति नहीं बताई लेकिन उन्होंने विश्व के लिए न्यूजीलैंड का उदाहरण रखते हुए कहा कि, ‘‘नेताओं को उपाय करने के लिए कदम उठाने चाहिए और नागरिकों को नए उपायों को अपनाने की आवश्यकता है।’’

    20:03 (IST)10 Aug 2020
    तुर्की ने भी बना ली वैक्सीन? दावा कर बोले राष्ट्रपति- हम ऐसा करने वाले तीसरे देश

    तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने दावा किया है कि अमेरिका और चीन के बाद तुर्की ने भी स्थानीय स्तर पर कोरोना वैक्सीन विकसित कर ली है। एर्दोगन ने कहा कि ऐसा करने वाला तुर्की दुनिया का तीसरा देश बन गया है। बताया जा रहा है कि तुर्की की इस वैक्सीन को एथिकल अप्रूवल मिल गया है और अब इसका इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा।

    19:13 (IST)10 Aug 2020
    ट्रॉफी वितरण समारोह में भाग लेने के लिए यूएफा अधिकारियों की होगा कोविड-19 जांच

    यूरोपीय फुटबॉल महासंघों के संघ (यूएफा) के अध्यक्ष अलेक्जेंडर शेफरिन को चैम्पियन्स लीग के विजेता को खिताब ट्रॉफी सौपने के लिए कोविड-19 की जांच करनी होगी। यूएफा ने सोमवार को बताया, ‘‘ शेफरिन और महासचिव थियोडोर थियोडोरिडिस का परीक्षण इस महीने यूरोप के तीन क्लब प्रतियोगिताओं के फाइनल से दो दिन पहले किया जाएगा ताकि वे पदक और ट्रॉफी सौंप सकें। कोरोना वायरस महामारी के दौरान इंग्लैंड में हुए एफए कप के फाइनल सहित कई अन्य प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को खुद से अपना पदक उठाना पड़ा था। पुरुषों के फुटबॉल में चैम्पियन्स लीग का फाइनल पुर्तगाल के लिस्बन में 23 अगस्त को खेला जाएगा। इसके दो दिन पहले जर्मनी के कोलोन में यूरोपा लीग का फाइनल होगा। महिलाओं के चैम्पियन्स लीग का फाइनल स्पेन के बिलबाओ में 30 अगस्त को होगा।

    18:25 (IST)10 Aug 2020
    भारतः आज का कोरोना अपडेट

    17:33 (IST)10 Aug 2020
    बोला SII- 2020 के अंत तक आ सकती है वैक्सीन

    महाराष्ट्र में पुणे की Serum Institute of India (SII) के सीईओ अदार पूणावाला ने कहा है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन इस साल के अंत तक तैयार हो सकती है, जबकि इसके दाम का ऐलान अगले दो महीने में किया जाएगा।

    16:31 (IST)10 Aug 2020
    वैक्सीन बनने की प्रक्रिया में कौन-कौन से आते हैं पड़ाव? जानें

    वैक्सीन विकसित करने की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी होती है। इस प्रक्रिया का पहल पड़ाव होता है प्री-क्लीनिकल टेस्टिंग। इसके तहत वैज्ञानिक जानवरों जैसे चूहों और बंदरों पर इसका परीक्षण करते हैं और देखते हैं कि उनकी इम्यूनिटी कैसी प्रतिक्रिया दे रही है। इसके बाद पहले सेफ्टी ट्रायल होता है, जिसमें गिने चुने लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाती है और इसके असर को जांचा जाता है।

    वैक्सीन के ट्रायल के दूसरे चरण में सैंकड़ों लोगों पर यह ट्रायल किया जाता है। इन्हें ग्रुप में बांटकर वैक्सीन की डोज दी जाती है। तीसरे चरण में वैक्सीन हजारों वालंटियर्स को दी जाती है। इसके बाद इसके असर को जांचने के बाद जब यह तय हो जाता है कि इससे इम्यूनिटी बढ़ रही है और इसके मानव शरीर पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ रहे हैं। इसके बाद वैक्सीन को अप्रूवल के लिए सरकारी रेगुलेटर्स के पास भेजा जाता है। जहां से अप्रूवल मिलने के बाद वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाता है।

    14:49 (IST)10 Aug 2020
    कोरोना वैक्सीन से पहले इस दवा ने दी राहत

    कोरोना वैक्सीन का लोगों को बेसब्री से इंतजार है लेकिन जब तक वैक्सीन नहीं आती है तब तक लोगों को रेमडेसिविर दवाई से काफी राहत की उम्मीद है। बता दें कि कोरोना के इलाज में यह दवाई खासी कारगर साबित हो रही है। एम्स में मरीजों के इलाज के लिए इस दवाई का इस्तेमाल हो रहा है और परिणाम काफी उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।

    14:13 (IST)10 Aug 2020
    वैक्सीन के ट्रायल के लिए वॉलंटियर बनने की एक तय प्रक्रिया होती है

    भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला कोरोना वैक्सीन का ट्रायल करने में जुटे हैं। इसके लिए पूरे देश में अलग अलग जगह से वालंटियर्स लिए जा रहे हैं। बता दें कि वालंटियर चुनने की भी एक तय प्रक्रिया होती है। यदि आप भी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में बतौर वालंटियर शामिल होना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। बता दें कि किसी भी वैक्सीन के ट्रायल का उद्देश्य यह पता करना होता है कि क्या यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है या नहीं? साथ ही क्या यह वैक्सीन बड़ी जनसंख्या में किसी खास बीमारी के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर है या नहीं? क्लीनिकल ट्रायल के लिए कोई भी स्वस्थ व्यक्ति अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है।

    13:22 (IST)10 Aug 2020
    कोरोना वैक्सीन को लेकर डब्लूएचओ ने दी चेतावनी

    डब्लूएचओ ने चेताया है कि कोरोना वैक्सीन कोई जादुई गोली नहीं होगी, जो पलक झपकते ही कोरोना वायरस को खत्म कर देगी। डब्लूएचओ ने कोरोना वैक्सीन के विकास के लिए दुनिया के विभिन्न देशों को सहयोग बढ़ाने की बात कही है।

    12:33 (IST)10 Aug 2020
    दो दिन बाद मिलेगा दुनिया को अपना पहला कोरोना टीका

    कोरोना वायरस के बढ़ते असर के बीच लोगों को वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। राहत की बात ये है कि दो दिन बाद ही दुनिया को अपनी पहले कोरोना वैक्सीन मिलने जा रही है। दरअसल रूस में इस वैक्सीन के लिए पंजीकरण 12 अगस्त से शुरू हो जाएगा। यह वैक्सीन रूस सरकार के संस्थान अधीन आने वाले गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि अक्टूबर माह से लोगों को कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा।

    11:19 (IST)10 Aug 2020
    कोरोना वैक्सीन विकसित करने के लिए दबाव नहीं लेना चाहती भारत बायोटेक

    कोरोना वैक्सीन को विकसित करने की कोशिशों में जुटी भारत बायोटेक कंपनी का कहना है कि वह इसे लेकर दबाव में काम नहीं करना चाहते। कंपनी के सीएमडी कृष्णा एल्ला ने बताया कि मौजूदा माहमारी ने कंपनी पर जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार करने का दबाव बना दिया है लेकिन हम इसमें जल्दी नहीं करना चाहते और सेफ्टी और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सीएमडी ने बताया कि हम नहीं चाहते कि गलत वैक्सीन से और ज्यादा लोग मरें। बता दें कि हैदराबाद बेस्ड भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है।

    11:19 (IST)10 Aug 2020
    डब्लूएचओ ने कोवैक्स फैसिलिटी के लिए विभिन्न देशों को फिर भेजा न्योता

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने COVAX सुविधा केन्द्र में शामिल होने के लिए दुनिया भर के देशों को फिर से न्योता भेजा है। बता दें कि कोवैक्स सुविधा केन्द्र का उद्देश्य कोरोना वैक्सीन को जल्द विकसित करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है ताकि सभी देशों को यह वैक्सीन उपलब्ध हो सके।

    11:02 (IST)10 Aug 2020
    मोटे लोगों पर ज्यादा असरदार साबित नहीं होगी कोरोना वैक्सीन!

    वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस वैक्सीन मोटे व्यस्क लोगों में ज्यादा असरदार साबित नहीं होगी। ऐसे में मोटे लोगों को सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा खतरा है। चीन में भी एक स्टडी में पाया गया था कि कोरोना से संक्रमित हुए मोटे लोग इस माहमारी से ज्यादा मरे हैं।

    10:21 (IST)10 Aug 2020
    रूस में रिसर्चर्स ने पहले खुद लगवाया कोरोना वायरस का टीका

    कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रूस में तैयार किए जा रहे कोरोना के टीके को सबसे पहले रिसर्चर्स ने खुद लगवाया है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको कह चुके हैं कि इसी महीने हेल्थ वर्क्स को यह वैक्सीन दी जा सकती है।

    09:00 (IST)10 Aug 2020
    रूस की कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल डाटा और अन्य दस्तावेज हो रहे चेक

    रूस दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन हासिल करने को तैयार है। कहा जा रहा है कि यह वैक्सीन 12 अगस्त को रजिस्टर की जाएगी। इसे Gamaleya Research Institute और Russian Defence Ministry ने मिलकर तैयार किया है। हालांकि, रूस की कोरोना वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल डेटा और अन्य दस्तावेजों का फिलहाल एक्सर्ट्स रिव्यू कर रहे हैं। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन्हीं रिव्यू के नतीजों के आधार पर वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन पर फैसला लिया जाएगा।

    08:21 (IST)10 Aug 2020
    जानें कैसे कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए बतौर वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं आप

    बता दें कि जब कंपनी को वैक्सीन के ट्रायल की मंजूरी मिल जाती है तो वह वॉलंटियर्स के लिए विज्ञापन देती है। साथ ही जो लोग वॉलंटियर बनने के इच्छुक हैं वो खुद भी क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री पर जाकर सर्च कर सकते हैं। वॉलंटियर बनने के लिए व्यक्ति का स्वस्थ होना आवश्यक है।

    07:30 (IST)10 Aug 2020
    सऊदी अरब में भी बन रही कोरोना वैक्सीन, ट्रायल तीसरे चरण में पहुंचा

    कोरोना संकट के बीच वैक्सीन बनाने के लिए दुनिया के तमाम मुल्क तेजी से काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में 100 से अधिक टीमें इसके लिए काम कर रही हैं। इसी बीच, कहा जा रहा है कि सऊदी अरब भी CanSino की कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू करेगा। यह दवा करीब पांच हजार लोगों पर टेस्ट की जाएगी, जिसे चीन की CanSino Biologics Inc तैयार कर रही है। यह जानकारी रविवार को सऊदी के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी। जुलाई में कैनसीनो के संस्थापक ने कहा था कि कंपनी रूस, ब्राजील, सऊदी और चिली के साथ वैक्सीन (Ad5-nCOV) के तीसरे चरण का ट्रायल लॉन्च करने को लेकर बात कर रहा है।

    06:37 (IST)10 Aug 2020
    सिंगापुर में कोरोना वायरस के टीके का प्रारंभिक स्तर का परीक्षण शुरू

    सिंगापुर में कोविड-19 के टीके के लिए प्रारंभिक स्तर का क्लीनिकल परीक्षण शुरू हो गया है और अगले सप्ताह ट्रायल में शामिल लोगों को पहला टीका दिया जा सकता है। एक खबर में यह दावा किया गया है। सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले रविवार को 55 हजार के आंकड़े को पार कर गये। ‘स्ट्रेट्स टाइम्स’ की खबर के अनुसार ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल और अमेरिका की फार्मास्युटिकल कंपनी आर्कटरस थेरेपेटिक्स द्वारा विकसित टीके को ‘ल्यूनर-कोव19’ नाम दिया गया है।

    06:18 (IST)10 Aug 2020
    कोविड-19 ड्यूटी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की बीमा में तेजी का निर्देश

    केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड-19 ड्यूटी में तैनात अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये की बीमा योजना के तहत दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है क्योंकि यह योजना सितंबर तक ही उपलब्ध है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने उन्हें कहा कि वे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, चिकित्सा कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सुरक्षा और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पत्र में उन्हें अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 कर्मियों के खिलाफ हिंसा करने वालों के विरुद्ध महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के तहत निवारक कार्रवाई शुरू करने के लिए भी कहा। भूषण ने पत्र में कहा, '' पिछले छह महीने में, केंद्र सरकार और राज्यों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयास के तहत मूल्यवान अनुभव प्राप्त किया है। इनमें से एक अहम सीख ये भी है कि अपने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और बचाव बेहद महत्वपूर्ण है।''

    05:49 (IST)10 Aug 2020
    अमेरिका से लेकर अफ्रीका तक चल रहा है वैक्सीन विकसित करने का काम

    अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील से लेकर साउथ अफ्रीका तक कई देश कोरोना वायरस का वैक्सीन विकसित करने में लगे हैं।ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविडशील्ड इस साल नवम्बर तक आ सकती है।भारत में इसका 18 जगहों पर ट्रायल हो रहा है। इसमें 1600 वॉलंटियर्स शामिल हैं। इसकी कीमत 225 रुपये प्रति डोज हो सकती है। यह दुनिया में कोरोना की सबसे सस्ती वैक्सीन होगी।

    05:15 (IST)10 Aug 2020
    रूस में परसों होगा वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन

    रूस का दावा है कि उसने दुनिया की पहलो कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है और अक्टूबर तक बाजार में उतार देगा। रूस में यह वैक्सीन रूसी रक्षा मंत्रालय और गामालेया नेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायलॉजी मिलर बना रहा है। तीसरे चरण में वैक्सीन का ट्रायल जारी है। अभी तक इसकी कीमत नहीं बताई गई है। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 अगस्त को इस वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन होगा।

    04:44 (IST)10 Aug 2020
    वैक्सीन करेगा वायरस को नष्ट

    कोरोना की वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया बेताब है। दरअसल वैक्सीन आने के बाद हम कोरोना माहमारी पर काबू पा सकते हैं और भविष्य में भी हमें कोरोना के संक्रमण का खतरा ना के बराबर हो जाएगा। वैक्सीन में वायरस से मिलता जुलता एक एंटीजन ही होगा, जो हमारे शरीर में डाला जाएगा। लेकिन यह एंटीजन पैथोजैनिक नहीं होगा, यानि कि यह हमें बीमार नहीं करेगा। ऐसे में हमारी बॉडी इसके खिलाफ आसानी से एंटीबॉडी बना लेंगी। जिसका नतीजा ये होगा कि जब कभी असली वायरस हमारे शरीर पर हमला करेगा तो शरीर में पहले से मौजूद एंटीबॉडी उसे आसानी से खत्म कर देंगी और हम बीमार भी नहीं पड़ेंगे।

    04:11 (IST)10 Aug 2020
    वैक्सीन ट्रायल को लेकर वैज्ञानिकों में टकराव

    कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने और उसके ट्रायल को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिक आमने सामने आ गए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के दोनों वैज्ञानिक, कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे की राय से सहमत नहीं हैं। यह विवाद तब सामने आया है, जब ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल तीसरे राउंड में चल रहा है। प्रोफेसर एड्रियन हिल और साराह गिलबर्ट के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि क्या ट्रायल के लिए लोगों को जानबूझकर कोरोना से संक्रमित किया जाए? प्रोफेसर एड्रियन हिल चाहते हैं कि स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन देने के बाद वायरस से संक्रमित किया जाए।

    22:24 (IST)09 Aug 2020
    अमेरिका में कोविड-19 के मामले 50 लाख हुए : हॉपकिंस यूनिवर्सिटी तालिका

    अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले रविवार को बढ़कर 50 लाख हो गए जो कि अभी तक दुनिया में सबसे अधिक हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की तालिका से मिली। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि जांच की सीमाओं और बड़ी संख्या में कम लक्षण वाले मामलों की पहचान नहीं हो पाने के चलते यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। अमेरिका में प्रतिदिन करीब 54,000 नये मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि यह जुलाई के दूसरे हिस्से के दौरान सामने आने वाले नये मामलों की संख्या से कम है जब एक दिन में 70 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे थे। करीब 20 प्रांतों में मामले बढ़ रहे हैं। कई अमेरिकी मास्क नहीं पहन रहे हैं और एकदूसरे से दूरी नहीं बना रहे हैं।

    21:39 (IST)09 Aug 2020
    नवंबर 2020 तक आ सकती है ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन

    बता दें कि कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में हलचल तेज है। अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील से लेकर साउथ अप्रीका तक कई देश वैक्सीन विकसित करने में लगे हैं।ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविडशील्ड इस साल नवम्बर तक आ सकती है।भारत में इसका 18 जगहों पर ट्रायल हो रहा है। इसमें 1600 वॉलंटियर्स शामिल हैं। इसकी कीमत 225 रुपये प्रति डोज हो सकती है। यह दुनिया में कोरोना की सबसे सस्ती वैक्सीन होगी।

    20:34 (IST)09 Aug 2020
    Coronavirus Vaccine पर WHO ने किया स्पष्ट- अंतिम चरण में हैं ट्रायल, पर इसका मतलब ये नहीं कि वैक्सीन करीब है

    दुनियाभर में कोरोनावायरस वैक्सीन के ट्रायल जारी हैं। कई दवा कंपनियों के ट्रायल तो मानवीय परीक्षण की स्टेज तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले साल की शुरुआत तक कोरोना की वैक्सीन लॉन्च...पढ़ें पूरी खबर

    20:04 (IST)09 Aug 2020
    ...तो 2021 की पहली तिमाही तक इसके 30 से 40 करोड़ डोज हो सकते हैं तैयार

    सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि अगर ट्रायल कामयाब होता है तो 2021 की पहली तिमाही तक इसके 30 से 40 करोड़ डोज तैयार किए जा सकेंगे। नेशनल बायोफार्मा मिशन एंड ग्रैंड चैलेंज इंडिया प्रोग्राम के तहत सरकार और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच एक करार हुआ है। इसी के तहत देश में इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर परीक्षण होगा।

    19:17 (IST)09 Aug 2020
    ब्रिटेनः कोरोना टीके पर दो वैज्ञानिक आमने सामने

    कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने और उसके ट्रायल को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिक आमने सामने आ गए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के दोनों वैज्ञानिक, कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे की राय से सहमत नहीं हैं। यह विवाद तब सामने आया है, जब ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल तीसरे राउंड में चल रहा है। प्रोफेसर एड्रियन हिल और साराह गिलबर्ट के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि क्या ट्रायल के लिए लोगों को जानबूझकर कोरोना से संक्रमित किया जाए? प्रोफेसर एड्रियन हिल चाहते हैं कि स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन देने के बाद वायरस से संक्रमित किया जाए।

    18:34 (IST)09 Aug 2020
    कोविड-19 ड्यूटी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के बीमा दावों की प्रक्रिया में तेजी लाएं राज्य : केंद्र

    केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड-19 ड्यूटी में तैनात अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये की बीमा योजना के तहत दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है क्योंकि यह योजना सितंबर तक ही उपलब्ध है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने उन्हें कहा कि वे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, चिकित्सा कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सुरक्षा और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पत्र में उन्हें अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 कर्मियों के खिलाफ हिंसा करने वालों के विरुद्ध महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के तहत निवारक कार्रवाई शुरू करने के लिए भी कहा। भूषण ने पत्र में कहा, '' पिछले छह महीने में, केंद्र सरकार और राज्यों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयास के तहत मूल्यवान अनुभव प्राप्त किया है। इनमें से एक अहम सीख ये भी है कि अपने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और बचाव बेहद महत्वपूर्ण है।''

    17:57 (IST)09 Aug 2020
    बायोएनटेक की वैक्सीन (BNT162b2) इस साल के अंत तक बाजार में आएगी

    अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर और जर्मन बायोटेक कम्पनी बायोएनटेक की वैक्सीन (BNT162b2) इस साल के अंत तक बाजार में आएगी। कंपनी के वैक्सीन के एक डोज की कीमत 225 रुपये से 300 रुपये के बीच हो सकती है। इस वैक्सीन का भी ट्रायल दूसरे और तीसरे चरण में है। हाल ही में ट्रम्प प्रशासन से इस वैक्सीन के लिए फिजर के साथ 2 बिलियन डॉलर का करार किया है। अब तक ट्रायल में सामने आए नतीजे के मुताबिक, वॉलंटियर्स में इसका इम्यून रेस्पॉन्स अच्छा मिला है।जिन वॉलंटियर्स को यह वैक्सीन दी गई है, उनमें कोरोना को न्यूट्रल करने वाली एंटीबॉडीज विकसित हुईं।

    17:43 (IST)09 Aug 2020
    वैक्सीन में वायरस से मिलता जुलता एक एंटीजन ही होगा

    कोरोना की वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया बेताब है। दरअसल वैक्सीन आने के बाद हम कोरोना माहमारी पर काबू पा सकते हैं और भविष्य में भी हमें कोरोना के संक्रमण का खतरा ना के बराबर हो जाएगा। बता दें कि वैक्सीन में वायरस से मिलता जुलता एक एंटीजन ही होगा, जो हमारे शरीर में डाला जाएगा। लेकिन यह एंटीजन पैथोजैनिक नहीं होगा, यानि कि यह हमें बीमार नहीं करेगा। ऐसे में हमारी बॉडी इसके खिलाफ आसानी से एंटीबॉडी बना लेंगी। जिसका नतीजा ये होगा कि जब कभी असली वायरस हमारे शरीर पर हमला करेगा तो शरीर में पहले से मौजूद एंटीबॉडी उसे आसानी से खत्म कर देंगी और हम बीमार भी नहीं पड़ेंगे।

    16:40 (IST)09 Aug 2020
    भारतः आज का कोरोना अपडेट

    16:01 (IST)09 Aug 2020
    'टीके के मोर्चे पर किसी सकारात्मक घटनाक्रम से अनिश्चितता घटेगी'

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढ़ने और कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी की वजह से अनिश्चितता बढ़ रही है। टीके के मोर्चे पर किसी सकारात्मक घटनाक्रम से अनिश्चितता घटेगी। ऐसे में शेयर बाजारों में अभी उतार-चढ़ाव रहेगा। तिमाही नतीजों का सीजन होने की वजह से कुछ शेयरों में गतिविधियां देखने को मिलेंगी।’’

    15:24 (IST)09 Aug 2020
    चीन में पहली वैक्सीन ट्रायल के अंतिम चरण में

    चीन में बनी कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन तीसरे ट्रायल फेज में है। चीनी कंपनी सिनोवेक बायोटेक ने ये वैक्सीन बनाई है। फिलहाल तीसरे चरण का ट्रायल चीन में जारी है। बावजूद इसके ये वैक्सीन कब तक बाजार में आएगी या उसकी कीमत क्या होगी? ये अभी तक तय नहीं है। इस वैक्सीन का अंतिम ट्रायल इंडोनेशिया में छह अलग-अलग जगहों पर हो रहा है।

    14:24 (IST)09 Aug 2020
    12 अगस्त को रूसी वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन

    रूस का दावा है कि उसने दुनिया की पहलो कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है और अक्टूबर तक बाजार में उतार देगा। रूस में यह वैक्सीन रूसी रक्षा मंत्रालय और गामालेया नेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायलॉजी मिलर बना रहा है। तीसरे चरण में वैक्सीन का ट्रायल जारी है। अभी तक इसकी कीमत नहीं बताई गई है। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 अगस्त को इस वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन होगा।

    13:56 (IST)09 Aug 2020
    कोरोना वैक्सीन को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिकों में टकराव

    कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने और उसके ट्रायल को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिक आमने सामने आ गए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के दोनों वैज्ञानिक, कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे की राय से सहमत नहीं हैं। यह विवाद तब सामने आया है, जब ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल तीसरे राउंड में चल रहा है। प्रोफेसर एड्रियन हिल और साराह गिलबर्ट के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि क्या ट्रायल के लिए लोगों को जानबूझकर कोरोना से संक्रमित किया जाए? प्रोफेसर एड्रियन हिल चाहते हैं कि स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन देने के बाद वायरस से संक्रमित किया जाए।

    13:21 (IST)09 Aug 2020
    टास्कफोर्स का गठन

    कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकार एक्शन में नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने वैक्सीन की पहचान, खरीद, वितरण और टीकाकरण के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स में संबंधित मंत्रालयों और संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। बता दें कि कई वैक्सीन ट्रायल के दूसरे और तीसरे चरण में पहुंच चुकी हैं और कुछ ही महीनों में इन वैक्सीन के बाजार में आने की उम्मीद की जा रही है।

    12:43 (IST)09 Aug 2020
    भारत में बढ़ी उम्मीदें

    भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकार के एक्शन में आने से उम्मीदें बढ़ने लगी हैं। सरकार ने किफायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने गावि फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। इसके तहत गेट्स फाउंडेशन गावि फाउंडेशन को 15 करोड़ डॉलर की धनराशि देगी, जिससे वैक्सीन का विनिर्माण हो सकेगा और यह किफायती दर पर करीब 225 रुपए प्रति खुराक पर कम आय वाले देशों को मिल सकेगी।

    11:56 (IST)09 Aug 2020
    ट्रम्प प्रशासन ने 100 मिलियन डोज के लिए किया करार

    अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन ने फाइजर फार्मा के साथ वैक्सीन के लिए 2 बिलियन डॉलर का करार किया है। करार के तहत कंपनी अमेरिका को 100 मिलियन डोज उपलब्ध कराएगी। फाइजर ने वैक्सीन के लिए अमेरिका के अलावा नीदरलैंड्स, जर्मनी, फ्रांस और इटली के साथ भी इसी तरह की डील की है। नीदरलैंड्स, जर्मनी, फ्रांस और इटली में इस वैक्सीन के एक डोज की कीमत 255 से 300 रुपए होगी। अमेरिका में इसके एक डोज की कीमत 1500 रुपए हो सकती है।

    11:24 (IST)09 Aug 2020
    इस साल के अंत तक आएगी फाइजर की वैक्सीन

    अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर और जर्मन बायोटेक कम्पनी बायोएनटेक की वैक्सीन (BNT162b2) इस साल के अंत तक बाजार में आएगी। कंपनी के वैक्सीन के एक डोज की कीमत 225 रुपये से 300 रुपये के बीच हो सकती है। इस वैक्सीन का भी ट्रायल दूसरे और तीसरे चरण में है। हाल ही में ट्रम्प प्रशासन से इस वैक्सीन के लिए फिजर के साथ 2 बिलियन डॉलर का करार किया है। अब तक ट्रायल में सामने आए नतीजे के मुताबिक, वॉलंटियर्स में इसका इम्यून रेस्पॉन्स अच्छा मिला है। जिन वॉलंटियर्स को यह वैक्सीन दी गई है, उनमें कोरोना को न्यूट्रल करने वाली एंटीबॉडीज विकसित हुईं।

    10:34 (IST)09 Aug 2020
    1800 से 2300 रुपये के बीच होगी अमेरीकी कंपनी की वैक्सीन

    अमेरिकी कम्पनी मॉडर्ना ने वैक्सीन (mRNA-1273) के तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल शुरू कर दिया है। दिसंबर तक इस वैक्सीन के बाजार में आने की उम्मीद है। एक डोज की कीमत 1800 से 2300 रुपये के बीच होगी। इसका ट्रायल फिलहाल 30 हजार वॉलंटियर्स पर किया जा रहा है। वैक्सीन के लिए कोरोनावायरस के RNA का कृत्रिम रूप तैयार किया गया है। इसी को वैक्सीन का आधार बनाया गया है जो इम्यून सिस्टम को इस लायक बनाएगा की वह वायरस से लड़ सके।

    09:37 (IST)09 Aug 2020
    देश में 18 जगहों पर होगा कोविडशील्ड का ट्रायल

    ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविडशील्ड का भारत में 18 जगहों पर ट्रायल होगा। इसमें 1600 वॉलंटियर्स शामिल होंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि अगर ट्रायल कामयाब होता है तो 2021 की पहली तिमाही तक इसके 30 से 40 करोड़ डोज तैयार किए जा सकेंगे। वैक्सीन इस साल नवम्बर तक आ सकती है। नेशनल बायोफार्मा मिशन एंड ग्रैंड चैलेंज इंडिया प्रोग्राम के तहत सरकार और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच एक करार हुआ है। इसी के तहत देश में इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर परीक्षण होगा।

    08:48 (IST)09 Aug 2020
    कोविडशील्ड का अगस्त के अंत तक भारत में ह्यूमन ट्रायल

    ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविडशील्ड का ब्रिटेन, ब्राजील और साउथ अफ्रीका में दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। इस महीने के अंत तक भारत में भी इसका ह्यूमन ट्रायल शुरू होने की संभावना है। इस वैक्सीन को भारतीय कम्पनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तैयार कर रही है। देश में इसे कोविशील्ड के नाम से लॉन्च किया जाएगा। इसकी कीमत सबसे कम मात्र 225 रुपये प्रति खुराक होगी।

    07:40 (IST)09 Aug 2020
    वैक्सीन के नाम पर राष्ट्रवाद का डंका बजाना सही नहीं- डब्लूएचओ

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को चेताया है कि कोरोना वैक्सीन के नाम पर राष्ट्रवाद का डंका बजाना सही नहीं है। डब्लूएचओ ने कहा कि टीके विकसित कर रहे अमीर देशों को वैक्सीन राष्ट्रवाद से बचना होगा। यदि दुनिया के गरीब देशों से कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हुआ तो अमीर देश भी दोबारा इसकी चपेट में आ सकते हैं।

    06:14 (IST)09 Aug 2020
    भारत से आयात बंद होने से उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में टीके की किल्लत

    भारत से आयात बंद होने के चलते उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में सांप के जहर को बेअसर करने वाले टीके की किल्लत हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री तैमूर सलीम झागरा ने शुक्रवार को प्रांतीय विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। जमात-ए-इस्लामी की विधायक हुमैरा खातून ने प्रांत के अस्पतालों में सांप के जहर को बेअसर करने वाले टीके की किल्लत की शिकायत की थी।

    05:00 (IST)09 Aug 2020
    सस्ते एन्टीजन जांच किट का इस्तेमाल नहीं करेगी राजस्थान सरकार : गहलोत

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में अधिकारियों से कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए त्वरित एन्टीजन जांच के बजाय आरटी-पीसीआर जैसे भरोसेमन्द जांच किट से ही जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की जिन्दगी से जुड़े मामले में सस्ते एन्टीजन जांच किट का इस्तेमाल नहीं करेगी क्योंकि विशेषज्ञों ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने शनिवार को राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए प्लाजमा पद्धति को बड़े स्तर पर अपनाया जाए।

    04:09 (IST)09 Aug 2020
    सिसोदिया ने तीव्र एंटीजन जांच का बचाव किया, कहा इसकी सटीकता लगभग आरटी-पीसीआर के समान

    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 का पता लगाने के लिए तीव्र एंटीजन जांच के उपयोग का बचाव करते हुए कहा कि इसकी सटीकता लगभग आरटी-पीसीआर के समान है। सिसोदिया ने कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) की अपनी खूबियां हैं, जिनमें से एक यह है कि यह तुरंत परिणाम दे रहा है जिससे वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों ने इस जांच की रिपोर्ट में गलत परिणाम निकलने की दर को लेकर इसकी सटीकता पर संदेह व्यक्त किया है।

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