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Pfizer या Moderna, जानें भारत की बड़ी आबादी के लिए कौन सी वैक्सीन बेहतर?

अमेरिकी कंपनी Pfizer की वैक्सीन के नतीजे हाल ही में निकाले गए थे, इसमें वैक्सीन को 90 फीसदी सफल पाया गया था।

Corona vaccine, SII, serum institute, covid-19 vaccine,अगले साल की शुरुआत तक कोरोना की वैक्सीन आने की संभावना। (फाइल फोटो)

दुनियाभर में प्रभावकारी कोरोना वैक्सीन बनाने की जद्दोजहद तेज हो गई है। रूस के बाद अब अमेरिका की कंपनियां तेजी से अपनी वैक्सीन के फेज-1, फेज-2 के बाद फेज-3 के नतीजे रिलीज कर रही हैं। जहां Pfizer ने पहले अपनी वैक्सीन के 90 फीसदी असरदार होने का दावा किया, वहीं अब मॉडर्ना ने भी वैक्सीन के 94.5 फीसदी प्रभावशाली होने की बात कही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इन दोनों वैक्सीन में भारत के लिए सबसे उपयुक्त कौन सी होगी।

जानकारों की मानें तो फाइजर की वैक्सीन को सामान्य फ्रीजर में सिर्फ पांच दिन ही ठीक रह सकती है, जबकि इसे लंबे समय तक स्टोर करने के लिए माइनस 70 डिग्री तापमान की जरूरत होगी। दूसरी तरफ मॉडर्ना की वैक्सीन को बहुत ठंडे तापमान में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में 30 दिन के लिए रेफ्रीजरेट किया जाता है। यह समय बायोएनटेक और फाइजर की वैक्सीन की तुलना में काफी ज्यादा है। यह -20 डिग्री सेल्सियस (-4 फारेनहाइट) तापमान में छह महीने तक और कमरे के सामान्य तापमान में 24 घंटे तक सुरक्षित रह सकती है। यानी मॉडर्ना की वैक्सीन भारत के दूर-दराज के इलाकों में कोल्ड स्टोरेज की समस्या की वजह से प्रभावित नहीं होगी।

 

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Highlights

    16:37 (IST)18 Nov 2020
    कोरोना वैक्सीन पर भारत सरकार का बड़ा बयान

    केंद्र सरकार ने अमेरिकी दवा कंपनी Pfizer की कोरोना वैक्सीन को भारत लाने पर बड़ा बयान दिया है। नीति आयोग के सदस्य और कोरोना वैक्सीन जुटाने के कामों में जुटी टीम के अध्यक्ष वीके पॉल ने कहा कि फाइजर की वैक्सीन भारत लाना बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसके लिए कोल्ड चेन स्टोरेज का इंतजाम करना होगा। गौरतलब है कि भारत के दूर-दराज के इलाकों में ऐसी सुविधाओं की अभी कमी है। दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने सभी नागरिकों के टीकाकरण की योजना पर काम तेज कर दिया है। यहां ऑपरेशन वार्प स्पीड के तहत अगले महीने से लोगों को कोरोना वैक्सीन दिया जाना शुरू किया जा सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर अंत तक करीब 2 करोड़ लोगों को टीका लग सकता है। अप्रैल तक वहां वैक्सीन के 70 करोड़ डोज तैयार हो जाएंगे। इस लिहाज से अमेरिका के सभी नागरिकों को टीका दिए जाने का काम अप्रैल से जुलाई के बीच पूरा हो सकता है। हालांकि, पहले वैक्सीन के नतीजों को अमेरिका के दवा नियामक FDA (फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन) से आपात मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

    15:35 (IST)18 Nov 2020
    हरियाणा के गृह-स्वास्थ्य मंत्री विज की पेशकश, खुद पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल करवाएंगे

    हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज खुद पर ही कोरोना वैक्सीन का ट्रायल करवाएंगे। विज ने यह पेशकश तीसरे और अंतिम चरण के ट्रायल में शामिल होने के लिए की है। उन्होंने कहा कि अब जिंदगी और कोरोना से बचाव के तरीके साथ-साथ चलेंगे। बता दें कि भारत बायोटेक ने तीसरे चरण का ट्रायल शुरु कर दिया है। इसमें भारत के 25 केंद्रों से 26 हजार वॉलन्टियर्स पर ट्रायल होगा।

    15:08 (IST)18 Nov 2020
    मॉडर्ना के ऐलान के बाद खुश हुए अमेरिका के सबसे बड़े महामारी विशेषज्ञ

    अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजीज के डायरेक्टर और महामारी विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फौची ने मॉडर्ना के ऐलान पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह महामारी पर काबू करने में सबसे मजबूत कदम है। उन्होंने कंपनी के डाटा को काफी असरदार बताया है। कंपनी ने कहा कि एनालिसिस में सेफ्टी से जुड़ा कोई मसला सामने नहीं आया है। फौची ने अनुमान लगाया कि दिसंबर के आखिर तक मॉडर्ना और फाइजर दोनों की वैक्सीन हायर रिस्क कैटेगरी के लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

    14:44 (IST)18 Nov 2020
    भारत बायोटेक ने शुरू किए तीसरे फेज के ट्रायल

    भारत में हैदराबाद आधारित दवा कंपनी भारत बायोटेक ने अपनी संभावित कोरोना वैक्सीन- कोवैक्सिन (COVAXIN) के तीसरे फेज के ट्रायल शुरू कर दिए हैं। इस फेज में पूरे देशभर से कुल 26 हजार वॉलंटियर्स हिस्सा लेंगे। भारत बायोटेक इस ट्रायल को आईसीएमआर के साथ साझेदारी में करेगा। बताया गया है कि कोवैक्सिन का ट्रायल भारत में किसी भी कोरोना वैक्सीन का सबसे बड़ा ट्रायल है।

    खास बात यह है कि यह भारत में निर्मित पहली कोरोना वैक्सीन है, जो ट्रायल की तीसरी स्टेज तक पहुंची है। ट्रायल में शामिल लोगों को 28 दिन के अंतराल में दो इंजेक्शन दिए जाएंगे। वॉलंटियर्स में से कुछ को असली वैक्सीन और कुछ को प्लसिबो (नमक-पानी का घोल) बिना बताए दिया जाएगा। इस ट्रायल को करने वाले डॉक्टरों, कंपनी और भागीदारों को पता नहीं होगा कि किसे क्या दिया गया है। बाद में वैक्सीन की क्षमता परखने के लिए हर एक वॉलंटियर की जानकारी हासिल की जाएगी।

    14:16 (IST)18 Nov 2020
    भारत के लिए Pfizer से बेहतर है मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन, जानें क्यों

    मॉडर्ना कंपनी की संभावित कोरोना वैक्सीन भारत के लिए ज्यादा बेहतर है। जानकारी के मुताबिक, इसे बहुत ठंडे तापमान में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में 30 दिन के लिए रेफ्रीजरेट किया जाता है। यह समय बायोएनटेक और फाइजर की वैक्सीन की तुलना में काफी ज्यादा है। यह -20 डिग्री सेल्सियस (-4 फारेनहाइट) तापमान में छह महीने तक और कमरे के सामान्य तापमान में 24 घंटे तक सुरक्षित रह सकती है। फाइजर की वैक्सीन नॉर्मल फ्रिज में महज पांच दिन तक सुरक्षित रह सकती है। ज्यादा समय तक स्टोरेज के लिए उसे माइनस 70 डिग्री सेल्सियस पर रखना पड़ेगा।

    13:52 (IST)18 Nov 2020

    इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने कहा है कि जब देश में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होगी, तो हर किसी को वह वैक्सीन मुफ्त लगाई जानी चाहिए, किसी से भी उसके पैसे नहीं लिए जाने चाहिए। नारायण मूर्ति ने कहा कि वे मानते हैं कि कोविड-19 वैक्सीन सार्वजनिक तौर पर भलाई के लिए ही मुहैया होनी चाहिए और हर किसी का टीकाकरण मुफ्त में होना चाहिए। ये वैक्सीन धरती की पूरी आबादी के लिए मुफ्त होनी चाहिए। वैक्सीन बनाने वाली सभी कंपनियों को संयुक्त राष्ट्र या फिर हर देश की तरफ से मुआवजा दिया जाना चाहिए।

    13:28 (IST)18 Nov 2020
    कोरोना वैक्सीन के प्रसार की योजना लगभग तय

    कोरोनावायरस से निपटने के लिए गठित की गई कोरोना टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन के प्रसार की योजना लगभग तय है और तैयारी के फाइनल स्टेज में है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अभी फाइजर द्वारा बनाई गई वैक्सीन को लेने के बारे में भी विचार कर रही है। बता दें कि फाइजर की वैक्सीन को रखने के लिए माइनस 70 डिग्री तापमान की जरूरत है और भारत में ऐसी कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था दूर-दराज के इलाकों में करना काफी मुश्किल होगा।

    12:59 (IST)18 Nov 2020
    अब तक कौन सी वैक्सीन कितनी प्रभावकारी?

    अमेरिका की ही कंपनी फाइजर और उसकी सहयोगी जर्मनी की बॉयोएनटेक ने 90% से ज्यादा कारगर वैक्सीन का दावा किया है। वहीं, रूस के रिसर्च सेंटर की स्पूतनिक वी वैक्सीन का असर 92% रहने का दावा किया गया। तीसरी कंपनी अमेरिका की ही मॉडर्ना है जिसके 94.5 फीसदी असरदार होने का दावा किया है। 

    12:35 (IST)18 Nov 2020
    मॉडर्ना वैक्सीन के लिए FDA से मांगेंगी आपात इजाजत

    इमरजेंसी में वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए मॉडर्ना ने आने वाले हफ्तों में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पास एप्लीकेशन देने की योजना बनाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिर तक अमेरिका में इस वैक्सीन की 2 करोड़ डोज मिल जाएंगे। अगले साल तक दुनिया में 50 करोड़ से 1 अरब डोज बनाने की योजना है।

    12:10 (IST)18 Nov 2020
    भारत के लोग भी वैक्सीन लेने के लिए तैयार

    ब्रिटिश सर्वे एजेंसी YouGov की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वैक्सीन पर किए गए सर्वे में शामिल हुए करीब 80 फीसदी लोगों ने वैक्सीन लगवाने में दिलचस्पी दिखाई। खास बात यह रही कि रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन के बारे में भारत में सबसे ज्यादा लोग जानकारी रखते हैं। करीब 85 फीसदी लोग इसी रूसी वैक्सीन को सुरक्षित भी मानते हैं।

    11:42 (IST)18 Nov 2020
    भारत की संभावित कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल भी शुरू

    भारत की संभावित कोरोना वैक्सीन- भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल शुरू हो गया है। पहले और दूसरे फेज में कोवैक्सिन का ट्रायल एक हजार लोगों पर किया गया था। इसमें इस वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया था। जितने भी लोगों को कोवैक्सिन दी गई थी, उनमें सभी 18 साल के ऊपर थे। भारत बायोटेक की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा इला ने कहा, "कोवैक्सिन का विकास और क्लिनिकल मूल्यांकन भारत में किसी नई वैक्सीन की वैक्सीनोलॉजी (वैक्सीन की स्टडी) के लिए मील का पत्थर है। कोवैक्सिन के लिए दुनियाभर के कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है।"

    11:14 (IST)18 Nov 2020
    WHO प्रमुख की चेतावनी- वैक्सीन अपने दम पर महामारी नहीं रोक पाएगी

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेडरोस अदनहो गेब्रयेसुस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वैक्सीन सिर्फ अपने दम पर महामारी को नहीं रोक पाएगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन आने के बाद भी कोरोना वायरस फैलता रहेगा, इसलिए लोगों को लगातार टेस्ट कराते रहना पड़ेगा, मास्क पहनना पड़ेगा और नियमित तौर पर हाथ साबुन पानी से धोते रहना पड़ेगा। इसके अलावा सामाजिक दूरी को भी ध्यान में रखना पड़ेगा।

    10:42 (IST)18 Nov 2020
    भारत में कोरोना के 38,617 नए केस, 474 लोगों की मौत

    भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 38 हजार 617 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, 474 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ देश में अब कुल संक्रमितों की संख्या 89 लाख 12 हजार 908 पहुंच चुकी है। वहीं, कुल 1,30,993 लाख लोगों की जान गई है। अब तक कोरोना से कुल 83 लाख 35 हजार लोग मुक्त भी हुए हैं। 

    10:12 (IST)18 Nov 2020
    लोगों में बढ़ी कोरोना वैक्सीन लगवाने की चाहत

    ब्रिटिश रिसर्च ग्रुप YouGov द्वारा दुनिया के 11 देशों में किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि 73 फीसदी लोग जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन लगवाना चाह रहे हैं। बताया गया है कि लोगों ने सबसे ज्यादा भरोसा रूस की स्पूतनिक वैक्सीन पर जताया है। 12 हजार लोगों पर किए गए सर्वे में हर 5 में से 4 लोगों ने रूसी वैक्सीन को उपयुक्त बताया।

    09:44 (IST)18 Nov 2020
    जापानः ओलिंपिक देख सकेंगे फैंस, लेकिन वैक्सीन होगी जरूरी

    जापान और इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) अगले साल होने वाले ओलिंपिक गेम्स के लिए फैंस को आने की अनुमति दे सकती है। प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा से बैठक के बाद आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक फैंस और एथलीट यहां आएं। अगर उस समय तक वैक्सीन उपलब्ध होती है तो सभी के लिए वैक्सीन जरूरी है, ताकि जापान की जनता को सुरक्षित रखा जा सके। बता दें कि कोरोना के कारण टोक्यो को एक साल के लिए स्थगित करना पड़ा था।

    09:17 (IST)18 Nov 2020
    अमेरिका में अगले साल तैयार हो सकती हैं 100 करोड़ वैक्सीन डोज

    अमेरिकी दवा कंपनी- फाइजर, एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन और नोवावैक्स ने कहा कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल 100 करोड़ डोज तैयार कर लिए जाएं। स्वास्थ्य सचिव एलेक्स अजार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वितरण की तैयारी चल रही है। बस स्वीकृति का इंतजार है। अगर वैक्सीन की डोज सीमित होती है तो हेल्थ केयर वर्कर, ज्यादा जोखिम वाले लोग और 65 साल से अधिक के लोगों को प्राथमिकता मिलेगी।

    08:57 (IST)18 Nov 2020
    अमेरिका में इस साल के अंत तक ही दो करोड़ लोगों को मिल सकता है कोरोना का टीका

    अमेरिका ने अपने सभी नागरिकों के टीकाकरण की योजना पर काम तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि यहां ऑपरेशन वार्प स्पीड के डतहत अगले महीने से टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर अंत तक करीब 2 करोड़ लोगों को टीका लग सकता है। अप्रैल तक वहां वैक्सीन के 70 करोड़ डोज तैयार हो जाएंगे। इस लिहाज से अमेरिका के सभी नागरिकों को टीका दिए जाने का काम अप्रैल से जुलाई के बीच पूरा होगा। मॉडर्ना और फाइजर ने जो वैक्सीन तैयार की है उसकी दो डोज एक व्यक्ति को लगनी है।

    08:32 (IST)18 Nov 2020
    स्वास्थ्य मंत्री बोले- कोविड एप्रोपिएट बिहेवियर फिलहाल वैक्सीन की चाभी

    स्वास्थ्य मंत्री डाॅ हर्षवर्धन ने काेविड एप्राेप्रिएट बिहेवियर काे सही साेशल वैक्सीन माना है। उन्हाेंने कहा कि ठीक से मास्क लगाना, हर समय उपयाेग करना, बातचीत के वक्त भी नहीं हटाना, साबुन-पानी से हाथ धाेना और 2 गज की दूरी, यही काेविड-19 की लड़ाई में फिलहाल साेशल वैक्सीन की चाभी है, जिससे हम काेविड के ट्रांसमिशन काे राेक सकते हैं।

    08:11 (IST)18 Nov 2020
    रूसी राष्ट्रपति बोले- भारत और चीन में भी हो सकता है स्पूतनिक वैक्सीन का निर्माण

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि कोरोनावायरस के इलाज के लिए रूस द्वारा निर्मित- स्पूतनिक वैक्सीन का निर्माण भारत और चीन जैसे देशों में भी हो सकता है। पुतिन ने यह बात ब्रिक्स देशों की बैठक के दौरान अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में वैक्सीन के साझाकरण के लिए केंद्रों की स्थापना करना जरूरी है, जिससे इसके विकास और रिसर्च को तेजी दी जा सके।

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